देवरिया। भारतीय सर्वजन पार्टी की ओर से बुधवार, 30 सितंबर 2026 को जनसमस्याओं को लेकर देवरिया में धरना-प्रदर्शन किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद के नेतृत्व में कार्यकर्ता टाउन हॉल से सिविल लाइंस मार्ग होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां विभिन्न जनसमस्याओं और पार्टी की मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति जी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी देवरिया को सौंपा गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान भारतीय सर्वजन पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार, महंगाई, बिजली, आरक्षण, न्याय व्यवस्था, भ्रष्टाचार तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदेश में अपराध की घटनाओं में वृद्धि से आम नागरिकों में चिंता है तथा निषाद समाज एवं उसकी विभिन्न उपजातियों से जुड़े लोगों के साथ होने वाली घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। पार्टी ने मांग की कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था को और जवाबदेह बनाया जाए। पार्टी ने अपने ज्ञापन में केवट, मल्लाह, निषाद, प्रजापति, कहार, कश्यप, कुम्हार, बिंद, धीवर, बाथम, माझी, मछुआ, तुरहा सहित 17 जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने तथा संबंधित लोगों को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग रखी। इसके साथ ही आरक्षण कोटा बढ़ाने तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों को उनकी निर्धारित हिस्सेदारी के अनुरूप प्रतिनिधित्व देने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में पेट्रोलियम पदार्थों में एथनाल मिश्रण को समाप्त करने तथा पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की गई। पार्टी ने बढ़ती महंगाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, रसोई गैस पर उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी देने और घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह 200 यूनिट बिजली मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इसके साथ ही बिजली उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले फिक्स चार्ज को समाप्त करने की मांग की गई। भारतीय सर्वजन पार्टी ने बेरोजगार राजनीतिक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को तीन हजार रुपये मासिक भत्ता देने की मांग रखी। पार्टी की ओर से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नवोदय विद्यालय की स्थापना, उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने तथा सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में संचालित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। आशा बहुओं और रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठाई गई।

पार्टी ने चुनाव व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद में सभी जातियों को आरक्षण कोटा आवंटित करने तथा चुनाव नामांकन शुल्क में 50 प्रतिशत कमी किए जाने की मांग की। पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के नामांकन में प्रस्तावकों की संख्या 10 से घटाकर एक करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा प्रत्याशियों एवं उनके एजेंटों को नामांकन, मतदान केंद्र के बाहर तथा मतगणना के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति देने की मांग की गई, ताकि पार्टी के अनुसार चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा मिल सके। ज्ञापन में न्यायपालिका से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों तथा सरकारी अधिवक्ताओं की नियुक्ति में निर्धारित आरक्षण व्यवस्था लागू करने और रिक्त पदों को भरने की मांग की। इसके साथ ही कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग के गठन की मांग रखी गई। पार्टी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक खंडपीठ गोरखपुर-देवरिया के मध्य स्थापित करने की मांग भी की।
क्षेत्रीय विकास से संबंधित मांगों में पूर्वांचल को अलग राज्य घोषित करने तथा उसकी राजधानी देवरिया और गोरखपुर के मध्य बनाए जाने की मांग प्रमुख रही। वहीं पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर पार्टी ने आरोप लगाया कि कई थानों में पीड़ितों की एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी की जाती है तथा कुछ मामलों में समझौते के लिए दबाव बनाया जाता है। ज्ञापन में गौरी बाजार थाना क्षेत्र में कथित धनउगाही के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई। पार्टी ने गोरखपुर मंडल में भ्रष्टाचार निरोधक व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग भी की। नेताओं का आरोप है कि विभिन्न सरकारी विभागों में बिना धन दिए काम नहीं होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। पार्टी ने मांग की कि समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने वाली भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों का संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक विभाग द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर जांच की जाए। तहसील क्षेत्रों में लेखपालों पर लगाए गए कथित धनउगाही के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में की गई।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद, राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. राम प्रसाद निषाद, राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निषाद, उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सदस्य प्रियंका निषाद, रामवृक्ष राव, प्रदेश महासचिव राहुल जायसवाल, प्रदेश सचिव प्रभुदयाल निषाद, जिलाध्यक्ष चंद्रेश्वर वर्मा, अविनाश निषाद, श्रेया निषाद, निशा यादव, साक्षी गिरी, हरिशंकर निषाद, जिला महासचिव मिथिलेश निषाद, प्रदेश प्रभारी अनिरुद्ध निषाद, राजू लाल श्रीवास्तव सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वित्तीय कंपनियों से जुड़ी मांग
ज्ञापन में के.वी.सी.एल. (कल्पतरु ग्रुप कंपनी), फेनामिल कंपनी, पी.जी.एफ. और पी.ए.सी.एल. सहित विभिन्न वित्तीय कंपनियों में जमा धनराशि के भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की कि संबंधित निवेशकों की जमा धनराशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
Report : Koto News Network
FAQ — भारतीय सर्वजन पार्टी का देवरिया धरना-प्रदर्शन
1. भारतीय सर्वजन पार्टी ने देवरिया में धरना-प्रदर्शन कब किया?
भारतीय सर्वजन पार्टी ने 30 सितंबर 2026 को देवरिया में जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
2. धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद ने किया।
3. भारतीय सर्वजन पार्टी ने ज्ञापन किसे सौंपा?
पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी देवरिया को सौंपा।
4. पार्टी ने ज्ञापन में कितनी प्रमुख मांगें रखीं?
पार्टी द्वारा दिए गए ज्ञापन में कुल 21 प्रमुख मांगें रखी गई थीं।
5. भारतीय सर्वजन पार्टी ने आरक्षण को लेकर क्या मांग की?
पार्टी ने केवट, मल्लाह, निषाद सहित संबंधित 17 जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने और आरक्षण कोटा बढ़ाने की मांग की।
6. बिजली को लेकर पार्टी की क्या मांग है?
पार्टी ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने और फिक्स चार्ज समाप्त करने की मांग की।
7. रसोई गैस को लेकर क्या मांग की गई?
पार्टी ने रसोई गैस पर उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की मांग की।
8. आशा बहुओं और रसोइयों के मानदेय को लेकर क्या मांग है?
पार्टी ने आशा बहुओं और रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की।
9. पूर्वांचल राज्य को लेकर पार्टी की क्या मांग है?
पार्टी ने पूर्वांचल को अलग राज्य घोषित करने तथा देवरिया और गोरखपुर के मध्य राजधानी बनाए जाने की मांग की।
10. हाईकोर्ट की खंडपीठ को लेकर क्या मांग की गई?
पार्टी ने गोरखपुर-देवरिया के मध्य इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग रखी।
11. पुलिस व्यवस्था को लेकर पार्टी ने क्या आरोप लगाए?
पार्टी ने कुछ थानों में एफआईआर दर्ज करने में कथित देरी और समझौते के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए तथा जांच और कार्रवाई की मांग की।
12. वित्तीय कंपनियों को लेकर ज्ञापन में क्या मांग की गई?
पार्टी ने के.वी.सी.एल., फेनामिल, पी.जी.एफ. और पी.ए.सी.एल. सहित संबंधित वित्तीय कंपनियों में जमा धनराशि के भुगतान की मांग की।
13. कार्यक्रम में कौन-कौन प्रमुख रूप से मौजूद रहे?
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद समेत पार्टी के राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
14. यह खबर किसके द्वारा रिपोर्ट की गई है?
यह खबर Koto News Network द्वारा रिपोर्ट की गई है।









