फरेंदा। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद राजभर ने संगठन, गठबंधन, आगामी चुनाव और आरक्षण के मुद्दे को लेकर पार्टी की स्थिति सामने रखी। सम्मेलन के दौरान उन्होंने फरेंदा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी प्रभारी जितेंद्र सिंह को पार्टी का भावी प्रत्याशी बताते हुए कहा कि जिन विधानसभा सीटों के गठबंधन में पार्टी के खाते में आने की संभावना है, वहां पार्टी ने प्रभारियों की घोषणा कर दी है और वही प्रभारी संभावित रूप से भावी प्रत्याशी होंगे।
कार्यकर्ता सम्मेलन में अरविंद राजभर ने कहा, “जितेंद्र सिंह हमारे फरेंदा के प्रभारी के साथ-साथ सुहेलदेव पार्टी के भावी प्रत्याशी भी हैं।” उन्होंने कहा कि गठबंधन के स्तर पर जिन सीटों को तय किया गया है, वे संभावित रूप से पार्टी के खाते में आने वाली सीटें हैं। इन सीटों पर संगठन की ओर से प्रभारी नियुक्त किए गए हैं और पार्टी के अनुसार प्रभारी ही आगे चलकर भावी प्रत्याशी होंगे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जिन सीटों को तय किया गया है, वह संभावित रूप से हमारे खाते में आने वाली हैं। उन सीटों पर हमने प्रभारी की घोषणा कर दी है। हमारे प्रभारी ही भावी प्रत्याशी हैं। जितेंद्र सिंह जी को हमने फरेंदा विधानसभा का प्रभारी बनाया है और यही यहां के भावी प्रत्याशी हैं, हमारे गठबंधन की तरफ से।”
सम्मेलन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी के बीच अरविंद राजभर ने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या सत्ता प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता की समस्याओं को समझना और उनके सुख-दुख में सहभागी बनना भी राजनीतिक संगठन की जिम्मेदारी है।
जितेंद्र सिंह को लेकर घोषणा
कार्यकर्ता सम्मेलन में फरेंदा विधानसभा सीट को लेकर अरविंद राजभर का बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने पार्टी के फरेंदा विधानसभा प्रभारी जितेंद्र सिंह को भावी प्रत्याशी बताया। हालांकि उनके बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि गठबंधन में सीटों का अंतिम स्वरूप और पार्टी के खाते में आने वाली सीटों को लेकर संभावित स्थिति की बात की जा रही है। अरविंद राजभर के अनुसार, जिन सीटों पर पार्टी ने प्रभारी नियुक्त किए हैं, उन प्रभारियों को ही भावी प्रत्याशी के तौर पर देखा जा रहा है। इसी क्रम में फरेंदा विधानसभा क्षेत्र के लिए जितेंद्र सिंह का नाम सामने रखा गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारियों को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना होगा। पार्टी की गतिविधियों को गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर उठाने की बात कही गई।

जनता की सेवा और कार्यकर्ताओं के संघर्ष की बात
अरविंद राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी जनता की सेवा करने, लोगों के सुख-दुख में शामिल होने और कार्यकर्ताओं के हर संघर्ष में उनके साथ खड़े रहने की बात करती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीतिक संगठन की मजबूती केवल बड़े कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि लगातार जनता के संपर्क में रहने से होती है। गांव, कस्बे और विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में लोगों की समस्याओं को सुनना और उन्हें संगठन के स्तर पर उठाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने तथा जनता के बीच पार्टी की नीतियों और विचारों को पहुंचाने की अपील की। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं के संघर्ष में पार्टी नेतृत्व की ओर से साथ खड़े रहने की बात कही। सम्मेलन के दौरान पार्टी संगठन और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और संगठन को चुनावी दृष्टि से मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
यूपी के विभाजन और चुनाव को लेकर बयान
कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के भविष्य के राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्वरूप को लेकर भी चर्चा सामने आई। अरविंद राजभर के बयान के अनुसार, विधानसभा और ग्राम पंचायत यानी प्रधान के चुनाव उत्तर प्रदेश के विभाजन के बाद होने की बात कही गई। यह बात सम्मेलन में उनके द्वारा रखे गए राजनीतिक विचार के रूप में सामने आई। ऐसे में इसे वर्तमान में घोषित चुनाव कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि उनके बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। चुनाव की वास्तविक तिथि, परिसीमन, राज्य के प्रशासनिक पुनर्गठन या किसी संभावित विभाजन से संबंधित आधिकारिक निर्णय संबंधित संवैधानिक एवं निर्वाचन संस्थाओं की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होंगे। राजनीतिक मंच से इस तरह की बात सामने आने के बाद कार्यकर्ताओं और स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि चुनाव कब और किस प्रशासनिक स्वरूप में होंगे, इसका अंतिम निर्धारण संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया और अधिसूचनाओं पर निर्भर करेगा। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति के लिहाज से भी यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सम्मेलन में पार्टी ने अपने स्थानीय संगठन और संभावित प्रत्याशी को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। जितेंद्र सिंह को प्रभारी के साथ-साथ भावी प्रत्याशी बताए जाने से क्षेत्र में पार्टी की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा बढ़ सकती है।

आरक्षण के मुद्दे पर अरविंद राजभर का बयान
आरक्षण के मुद्दे पर भी अरविंद राजभर ने पार्टी की स्थिति सामने रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करती है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी पार्टी के दृष्टिकोण को कार्यकर्ताओं के सामने रखा। इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के PDA को लेकर टिप्पणी की। अरविंद राजभर ने PDA को “नकली” बताते हुए कहा कि इसका जमीन से कोई वास्ता नहीं है। यह टिप्पणी उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा थी। आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। अलग-अलग राजनीतिक दल इस विषय पर अपनी-अपनी नीतियां और राजनीतिक दृष्टिकोण जनता के सामने रखते रहे हैं। फरेंदा के सम्मेलन में भी यह मुद्दा पार्टी के राजनीतिक एजेंडे के हिस्से के रूप में सामने आया। अरविंद राजभर ने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और मांगों को जनता तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी।
गठबंधन की सीटों पर नजर
कार्यकर्ता सम्मेलन में गठबंधन के तहत सीटों के संभावित बंटवारे को लेकर भी अरविंद राजभर ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जिन सीटों को तय किया गया है, उनके पार्टी के खाते में आने की संभावना है और संबंधित सीटों पर प्रभारी नियुक्त किए जा चुके हैं। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र के लिए जितेंद्र सिंह को प्रभारी बनाए जाने की जानकारी पहले से संगठनात्मक स्तर पर सामने रखी गई थी, लेकिन सम्मेलन में उन्हें भावी प्रत्याशी बताए जाने से यह मुद्दा चर्चा में आ गया। हालांकि चुनावी गठबंधन में सीटों का अंतिम बंटवारा और प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा संबंधित दलों एवं गठबंधन के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। इसलिए सम्मेलन में दिए गए बयान को पार्टी नेतृत्व की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और घोषणा के रूप में देखा जा सकता है।
कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूत करने का संदेश
अरविंद राजभर ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना जरूरी है। उन्होंने जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके साथ खड़े रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का संघर्ष पार्टी का संघर्ष है और पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में उनके साथ रहेगा। सम्मेलन में संगठन के विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया गया। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से पार्टी ने जहां संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की कोशिश की, वहीं जितेंद्र सिंह को भावी प्रत्याशी बताए जाने के बाद स्थानीय राजनीति में उनके नाम को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
Report : Koto News Network