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पूर्वांचल मंडल में धूमधाम से मनाया गया अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस नाटक के माध्यम से उजागर हुई नर्सों

कोटो महासंघ देश संवाददाता, 13 मई 2026 |पूर्वांचल मंडल में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा और सामाजिक संदेशों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर L.H.S.T.C संस्था द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षुओं, नर्सिंग स्टाफ, शिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य…

पूर्वांचल मंडल के L.H.S.T.C संस्था में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस समारोह के दौरान प्रमाण पत्र प्राप्त करते नर्सिंग

कोटो महासंघ देश संवाददाता, 13 मई 2026 |पूर्वांचल मंडल में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा और सामाजिक संदेशों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर L.H.S.T.C संस्था द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षुओं, नर्सिंग स्टाफ, शिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना तथा वर्तमान समय में उन्हें जिन चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उसे लोगों के सामने लाना था। कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को कौशल प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इसके साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नाटक, जागरूकता संदेशों और सम्मान समारोह के माध्यम से नर्सों के योगदान को सराहा गया। संस्था परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ किया गया। इसके बाद संस्था के प्रबंधक एवं मुख्य अतिथियों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होती हैं, जो दिन-रात मरीजों की सेवा में लगी रहती हैं। L.H.S.T.C संस्था के निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में नर्स केवल अस्पताल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान नर्सों ने जिस साहस, समर्पण और सेवा भावना का परिचय दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।  उन्होंने कहा कि नर्सों का कार्य केवल दवा देना नहीं, बल्कि मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत करना, उनके परिवार को सहारा देना और कठिन परिस्थितियों में भी सेवा भावना बनाए रखना है। इसी कारण समाज में नर्सों को “स्वास्थ्य सेवा की सच्ची योद्धा” कहा जाता है।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित नाटक ने सभी उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत इस सामाजिक नाटक में नर्सों के जीवन संघर्ष, अस्पतालों में बढ़ता कार्यभार, मानसिक तनाव, लंबी ड्यूटी, संसाधनों की कमी और समाज में उन्हें मिलने वाले व्यवहार को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार एक नर्स दिन-रात मरीजों की सेवा करती है, लेकिन कई बार उसे सम्मान और सहयोग नहीं मिल पाता। कलाकारों ने यह भी दर्शाया कि अस्पतालों में सीमित संसाधनों के बीच नर्सों को किस प्रकार कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नाटक की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रस्तुति समाज को सोचने पर मजबूर करती है। कई दर्शकों की आंखें भावुक हो गईं जब मंच पर एक दृश्य में नर्स को परिवार से दूर रहकर मरीजों की सेवा करते दिखाया गया। संस्था के शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि नर्स केवल मरीज की देखभाल नहीं करती, बल्कि वह मानवता की सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण होती है।

 

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षुओं को कौशल प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। प्रमाण पत्र वितरण के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। मुख्य अतिथि ने कहा कि आज के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सेवा भावना और अनुशासन ही एक सफल नर्स की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में प्रशिक्षित नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार और निजी संस्थाओं को मिलकर नर्सिंग क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आम लोगों तक पहुंच सकें।

 

कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने भी संस्था के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। छात्र-छात्राओं ने गीत, कविता, प्रेरणादायक भाषण और समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और मंच पर स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े संदेश भी लगाए गए थे। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि नर्स दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उन लाखों नर्सों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है जो अपने परिवार से दूर रहकर समाज की सेवा करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नर्सों की समस्याओं को गंभीरता से समझने और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। अंत में सामूहिक फोटो सत्र और जलपान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि समाज में नर्सों के सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य लगातार जारी रखा जाएगा। पूरे कार्यक्रम में सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

नर्सों की प्रमुख समस्याएं

आज के समय में नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव के कारण नर्सों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। कई बार उन्हें दिन-रात लगातार कार्य करना पड़ता है, जिससे शारीरिक थकान के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ता है। लगातार आपातकालीन सेवाओं में कार्य करने के कारण उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। अस्पतालों में स्टाफ की कमी भी नर्सों की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। कम कर्मचारियों के कारण एक नर्स को कई मरीजों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है, जिससे कार्य का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। संसाधनों की कमी के बीच उन्हें बेहतर सेवा देने का प्रयास करना पड़ता है। कई सरकारी और निजी अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों और आवश्यक सुविधाओं का अभाव भी उनके कार्य को कठिन बना देता है। इसके अलावा कार्य के अनुरूप सम्मान और उचित वेतन न मिलना भी एक बड़ी समस्या है। नर्सें मरीजों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन कई बार उनके योगदान को उचित पहचान नहीं मिल पाती। समाज में अभी भी नर्सिंग पेशे के प्रति जागरूकता की कमी देखने को मिलती है। पारिवारिक जीवन पर बढ़ता दबाव भी नर्सों के लिए चिंता का विषय है। त्योहार, पारिवारिक कार्यक्रम और कई महत्वपूर्ण अवसरों पर भी उन्हें ड्यूटी करनी पड़ती है। मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देने के कारण वे अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पातीं। इसके बावजूद नर्सें सेवा और मानवता की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती रहती हैं।

नर्स दिवस का उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में नर्सों के योगदान को सम्मान देना और उनके कार्यों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन उन नर्सों के समर्पण, त्याग और सेवा भावना को याद करने का अवसर प्रदान करता है, जो दिन-रात मरीजों की देखभाल में लगी रहती हैं। नर्स दिवस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका को उजागर किया जाता है। अस्पतालों से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक, नर्सें मरीजों की देखभाल, स्वास्थ्य जागरूकता और चिकित्सा सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में नर्सों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मानवता की सेवा की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।इस दिवस का उद्देश्य समाज में नर्सिंग पेशे के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है। कई युवा आज स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, ऐसे में नर्स दिवस उन्हें प्रेरित करने का कार्य करता है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को नर्सिंग क्षेत्र की महत्वता और संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही नर्सों की समस्याओं को सरकार और समाज के सामने लाना भी इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य होता है, ताकि उनके कार्यस्थल की परिस्थितियों में सुधार हो सके और उन्हें बेहतर सुविधाएं एवं सम्मान मिल सके।

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां

L.H.S.T.C संस्था में आयोजित नर्स दिवस कार्यक्रम कई आकर्षक और प्रेरणादायक गतिविधियों से भरपूर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने नर्सों के योगदान को याद करते हुए उनके समर्पण की सराहना की।कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण सामाजिक संदेश आधारित नाटक रहा, जिसमें छात्राओं ने नर्सों के जीवन संघर्ष और उनकी जिम्मेदारियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक में यह दिखाया गया कि किस प्रकार नर्सें कठिन परिस्थितियों में भी मरीजों की सेवा करती हैं और समाज की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करती हैं। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की जमकर सराहना की। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को कौशल प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों को सेवा भावना, अनुशासन और मानवता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। गीत, कविता, प्रेरणादायक भाषण और समूह नृत्य के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा और मानवता का संदेश दिया गया। संस्था परिसर में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसमें लोगों को स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और प्राथमिक उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

 

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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