, , ,

चौरी-चौरा में जन पदयात्रा के बाद तहसील पर प्रदर्शन, 9 मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

चौरी-चौरा। जनपद गोरखपुर के ऐतिहासिक चौरी-चौरा क्षेत्र में विभिन्न स्थानीय समस्याओं और विकास संबंधी मांगों को लेकर ओबीसी पार्टी (वन भारत सिटीजन पार्टी) की ओर से जन पदयात्रा और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालीशंकर यदुवंशी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के अनुसार बड़ी संख्या में महिलाएं, व्यापारी,…

चौरी-चौरा में 9 मांगों को लेकर जन पदयात्रा और तहसील परिसर में प्रदर्शन करते ओबीसी पार्टी...

चौरी-चौरा। जनपद गोरखपुर के ऐतिहासिक चौरी-चौरा क्षेत्र में विभिन्न स्थानीय समस्याओं और विकास संबंधी मांगों को लेकर ओबीसी पार्टी (वन भारत सिटीजन पार्टी) की ओर से जन पदयात्रा और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालीशंकर यदुवंशी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के अनुसार बड़ी संख्या में महिलाएं, व्यापारी, किसान, युवा और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए चौरी-चौरा तहसील परिसर पहुंची, जहां प्रदर्शन के बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में चौरी-चौरा क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, प्रशासनिक पुनर्गठन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, अवैध शराब कारोबार और सरकारी जमीनों से जुड़े मुद्दों सहित कुल नौ प्रमुख मांगें रखी गईं। प्रदर्शनकारियों ने इन मांगों पर शासन-प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

जन पदयात्रा में जुटे लोग

ओबीसी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जन पदयात्रा कालीशंकर यदुवंशी के नेतृत्व में निकाली गई। पदयात्रा क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़ी मांगों को लेकर नारेबाजी की। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि पदयात्रा में महिलाओं, व्यापारियों, किसानों, युवाओं और क्षेत्रीय नागरिकों की भागीदारी रही। पदयात्रा के तहसील परिसर पहुंचने के बाद वहां प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उपजिलाधिकारी चौरी-चौरा ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित था। पार्टी के अनुसार उपजिलाधिकारी ने ज्ञापन लेने के दौरान संबंधित मांगों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। हालांकि, इन मांगों पर शासन स्तर से आगे क्या कार्रवाई होती है, यह संबंधित विभागों और प्रशासन के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

 कालीशंकर यदुवंशी ने क्या कहा

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालीशंकर यदुवंशी ने कहा कि चौरी-चौरा का ऐतिहासिक क्षेत्र हमेशा से जनहित और अधिकारों की आवाज उठाने के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी। यदुवंशी के अनुसार स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा क्षेत्र में सड़क, पुल, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार करेगी। यह बयान पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दिया गया है।

ओवरब्रिज और सड़क को लेकर प्रमुख मांग

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांगों में चौरी-चौरा के सम्पार संख्या 147बी पर वाई-शेप ओवरब्रिज के निर्माण से संबंधित मांग शामिल है। पार्टी ने शासनादेश संख्या 573/2021, दिनांक 21 दिसंबर 2021 का उल्लेख करते हुए कहा कि उक्त स्थान पर स्वीकृत वाई-शेप ओवरब्रिज के निर्माण को बहाल किया जाए। पार्टी का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण क्षेत्र के व्यापारियों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण है तथा इससे यातायात व्यवस्था को सुविधा मिलने की उम्मीद है। ज्ञापन में विशेष रूप से मुंडेरा बाजार के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के हित का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा शहीद स्मारक चौरी-चौरा से बाल बुजुर्ग मुख्य मार्ग तक सड़क को जोड़ने की मांग भी रखी गई। पार्टी का कहना है कि इस मार्ग के जुड़ने से क्षेत्र के लोगों का आवागमन आसान हो सकता है। यह दोनों मांगें स्थानीय स्तर पर यातायात और संपर्क व्यवस्था से जुड़ी हैं। इन पर संबंधित विभागों की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

नए कछारांचल ब्लॉक और पुलों की मांग

ज्ञापन में ब्रह्मपुर ब्लॉक के 52 गांवों को मिलाकर लंबे समय से प्रस्तावित नए कछारांचल ब्लॉक के गठन की मांग भी उठाई गई। पार्टी ने इस संबंध में औपचारिक घोषणा किए जाने की मांग शासन के सामने रखी है। इसके साथ ही सिंघोड़वा घाट, करही घाट और मटियारा घाट पर पक्के पुलों के निर्माण की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन स्थानों पर पुलों के निर्माण से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। ज्ञापन में इन मांगों को क्षेत्रीय विकास और ग्रामीण संपर्क व्यवस्था से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, नए प्रशासनिक ब्लॉक का गठन और पुल निर्माण जैसे विषय संबंधित विभागों की प्रक्रिया, तकनीकी सर्वेक्षण, वित्तीय स्वीकृति और शासन के निर्णय पर निर्भर करते हैं।

रोजगार और औद्योगिक विकास को लेकर मांग

ओबीसी पार्टी ने चौरी-चौरा क्षेत्र में ग्रीन स्पेशल इकोनॉमिक जोन स्थापित करने की मांग भी रखी है। पार्टी का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना बताया गया है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि प्रस्तावित व्यवस्था के माध्यम से क्षेत्र के करीब 10 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है। इसके साथ ही चौरी-चौरा में विश्वस्तरीय अस्पताल और राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास संस्थान की स्थापना की मांग की गई। पार्टी का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण की सुविधाएं स्थानीय युवाओं और आम नागरिकों के लिए उपयोगी हो सकती हैं। इन मांगों को पूरा करने के लिए भूमि, वित्तीय संसाधन, प्रशासनिक स्वीकृति और संबंधित विभागों की विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता होगी।

अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में चौरी-चौरा क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे कच्ची शराब के कारोबार और बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी शामिल है। पार्टी ने ऐसे कारोबार पर पूर्ण रोक लगाने की मांग प्रशासन के सामने रखी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि कहीं अवैध शराब का कारोबार संचालित हो रहा है तो संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभाग को कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। यह मांग कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के रूप में ज्ञापन में रखी गई।

सरकारी जमीनों पर कथित कब्जे का मुद्दा

पार्टी ने भूमाफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए ऐसी जमीनों को कब्जामुक्त कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि सरकारी भूमि की जांच कर यदि अवैध कब्जे पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पार्टी ने आगे ऐसी भूमि को स्थानीय पात्र भूमिहीन लोगों के लिए उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। इस संबंध में भूमि की प्रकृति, स्वामित्व, राजस्व अभिलेख और कानूनी स्थिति की जांच संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की जानी होगी।

नगर पंचायत और नगर पालिका का दर्जा देने की मांग

ज्ञापन की नौवीं मांग चौरी-चौरा नगर पंचायत को नगर पालिका तथा नई बाजार को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने से संबंधित है। पार्टी ने कहा कि क्षेत्र के विस्तार और स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए प्रशासनिक दर्जे में बदलाव की मांग पर विचार किया जाना चाहिए। नगर निकाय का दर्जा बदलने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर निर्धारित प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया होती है। ऐसे में इस मांग पर अंतिम निर्णय शासन द्वारा संबंधित मानकों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर लिया जाना है।

प्रदर्शन में शामिल रहे कई लोग

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रदर्शन में सभासद पौरुष कुमार, अजीत शर्मा, राम प्रकाश शर्मा, यशपाल जायसवाल, धुपई प्रजापति, मारकंडे यादव, खेखर मल्ल राजभर, जंग बहादुर विश्वकर्मा, श्रीभागवत कश्यप, प्रदीप राजभर, प्रदीप भर्ती, मालती देवी, दीपमाला चौरसिया, कलावती देवी, प्रभावती राजभर, वीरेंद्र पासवान, जयभीम निषाद, रामु गुप्ता, अभिषेक मौर्या, अनिमेष साहनी और बजरंगी पासवान सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्थानीय विकास, जनसमस्याओं और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित मुद्दे उठाए। पार्टी की ओर से कहा गया कि ज्ञापन में शामिल मांगों को लेकर आगे भी शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

प्रशासन के सामने अब कार्रवाई की चुनौती

चौरी-चौरा तहसील में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब इन मांगों पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। कुछ मांगें स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हैं, जबकि ओवरब्रिज, नए ब्लॉक का गठन, नगर निकाय का दर्जा, बड़े अस्पताल और उच्च शिक्षा संस्थान जैसे विषयों में शासन स्तर की स्वीकृति और विभिन्न विभागों की प्रक्रिया शामिल हो सकती है। जन पदयात्रा के माध्यम से पार्टी ने क्षेत्र की नौ मांगों को एक साथ सामने रखा है। अब संबंधित विभागों द्वारा इन मांगों की व्यवहारिकता, तकनीकी स्थिति, वित्तीय आवश्यकता और मौजूदा सरकारी प्रावधानों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।

ओबीसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालीशंकर यदुवंशी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अगला कदम प्रशासन और शासन स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

Report : Koto News Network (KNN) 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports