पिपराईच, 07 जुलाई। गोरखपुर जनपद के पिपराईच क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करमहा में सोमवार, 06 जुलाई 2026 को भगवान शिव की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। पूरे गांव सहित आसपास के कई ग्राम सभाओं से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया। शिवभक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और डीजे पर बज रहे शिव भजनों के बीच पूरे मार्ग पर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा। कलश यात्रा के समापन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग की विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में समाजसेवियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया तथा श्रद्धालुओं की सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धा और आस्था का बना अनुपम संगम
सोमवार सुबह से ही ग्राम करमहा में धार्मिक माहौल देखने को मिला। गांव के मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं युवाओं का जुटना शुरू हो गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भगवान शिव की आराधना करते हुए यात्रा का शुभारंभ किया। डीजे पर बज रहे शिव भजनों, ढोल-नगाड़ों एवं धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह से यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयघोष लगाए तथा पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। तपती गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और सभी ने पूरी श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ यात्रा को सफल बनाया।
इन मार्गों से निकली कलश यात्रा
कलश यात्रा ग्राम करमहा से प्रारंभ होकर नैयापार स्कूल, नैयापार खुर्द, पिपरही होते हुए पुनः करमहा पहुंची। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। यात्रा में शामिल महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाती रहीं, जबकि युवा शिवभजनों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े। पूरे मार्ग पर सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने सहयोग किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कई स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था भी की गई। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा धार्मिक उत्साह का परिचय दिया। यात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर में वैदिक ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव के शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा विधिवत संपन्न कराई गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
समाजसेवियों ने निभाई सेवा की परंपरा
धार्मिक आयोजन में विभिन्न समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। दीपनारायण निषाद, भावी ग्राम प्रधान प्रत्याशी, ने कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा में विशेष योगदान दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग किया तथा आयोजन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई। इसी प्रकार जितेंद्र निषाद (सारंडा), भावी ग्राम प्रधान प्रत्याशी ने भी श्रद्धालुओं की सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा। वहीं अजय निषाद, पिपराईच वार्ड संख्या-3 से जिला पंचायत सदस्य पद के भावी प्रत्याशी, ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं फलों की व्यवस्था कराई। तपती गर्मी को देखते हुए यह सेवा श्रद्धालुओं के लिए काफी राहतभरी साबित हुई। उनके साथ सहयोगियों जितेंद्र निषाद, ओमकार निषाद, संतोष निषाद, भागीरथी निषाद, भारत जायसवाल, लक्ष्मण निषाद, सुमेत्र निषाद, रामू निषाद, सिकंदर निषाद, वीरेंद्र निषाद, कमलेश निषाद, कुमार निषाद तथा सरमनी शर्मा ने भी सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में करमहा सहित आसपास के कई गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से प्रसाद वितरित किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, एकता और धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं। ग्रामीणों ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। पूरा दिन गांव में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। भगवान शिव के जयघोष भजन-कीर्तन एवं भक्तों की श्रद्धा ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न होने पर ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया।
कलश यात्रा का मार्ग: यात्रा ग्राम करमहा से प्रारंभ होकर नैयापार स्कूल, नैयापार खुर्द एवं पिपरही गांव से होते हुए पुनः करमहा पहुंची। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के भजन गाए, जयघोष लगाए तथा धार्मिक उल्लास के साथ यात्रा को सफल बनाया। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर पुष्पवर्षा की।
श्रद्धालुओं की भागीदारी: कलश यात्रा में करमहा सहित आसपास की कई ग्राम सभाओं से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग शामिल हुए। तपती गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। पूरे आयोजन में अनुशासन, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
विशेष धार्मिक कार्यक्रम:
शिवलिंग की वैदिक विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा।
हवन, पूजन एवं मंत्रोच्चार।
भगवान शिव का विशेष श्रृंगार एवं आरती।
श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना।
क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति के लिए विशेष प्रार्थना।
सेवा एवं सामाजिक सहयोग: आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, फल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। समाजसेवियों एवं स्थानीय युवाओं ने पूरी निष्ठा से सेवा कार्यों में सहयोग दिया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं हुई |
विशेष सहयोग: दीपनारायण निषाद (भावी ग्राम प्रधान प्रत्याशी) द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा एवं व्यवस्थाओं में सहयोग।
जितेंद्र निषाद (सारंडा, भावी ग्राम प्रधान प्रत्याशी) द्वारा सेवा कार्य एवं आयोजन व्यवस्था में सहभागिता।
अजय निषाद (पिपराईच वार्ड संख्या-3, जिला पंचायत सदस्य पद के भावी प्रत्याशी) द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं फल वितरण का सहयोग।
सेवा कार्य में सहयोग देने वाले प्रमुख लोग: जितेंद्र निषाद, ओमकार निषाद, संतोष निषाद, भागीरथी निषाद, भारत जायसवाल, लक्ष्मण निषाद, सुमेत्र निषाद, रामू निषाद, सिकंदर निषाद, वीरेंद्र निषाद, कमलेश निषाद, कुमार निषाद तथा सरमनी शर्मा सहित अनेक ग्रामीणों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
भंडारा: प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें करमहा तथा आसपास के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से प्रसाद वितरण कर सेवा भाव का परिचय दिया।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

