गोरखपुर | गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र में साले और बहनोई के बीच शराब पीने के दौरान हुए विवाद ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस दोनों को थाने ले गई जहां बहनोई अब्दुल रहीम और उसके साले शाहरुख की बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई के कारण अब्दुल रहीम गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हालत बिगड़ने पर उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने तत्काल प्रभाव से पिपराइच थाने के दीवान अजय यादव को निलंबित कर दिया है। वहीं पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार पिपराइच थाना क्षेत्र के महमूदाबाद उर्फ मोगलपुरा निवासी अब्दुल रहीम मीट काटने का काम करता है। सोमवार की रात वह अपने साले शाहरुख के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। स्थिति बिगड़ती देख शाहरुख ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने यह कहते हुए पुलिस को वापस भेज दिया कि मामला परिवार के भीतर का है और आपसी समझौते से सुलझा लिया जाएगा।
हालांकि विवाद यहीं समाप्त नहीं हुआ। परिवार के लोगों का आरोप है कि देर रात करीब 12 बजे शाहरुख कुल्हाड़ी लेकर दोबारा अब्दुल रहीम के घर पहुंच गया। इससे परिवार के लोगों में दहशत फैल गई। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए अब्दुल रहीम के पिता मोहम्मद हुसैन ने स्वयं पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पिपराइच थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाने ले आई।
परिजनों का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद चार पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बिना किसी पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया का पालन किए अब्दुल रहीम और शाहरुख की डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि सबसे अधिक मारपीट अब्दुल रहीम के साथ की गई जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गया।
परिवार का कहना है कि जब अब्दुल रहीम की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो पुलिस ने उसे देर रात घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब होती रही। पहले परिवार के लोगों ने स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया, लेकिन मंगलवार सुबह उसकी हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं शाहरुख का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
घटना के बाद अब्दुल रहीम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच कराई। प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनुचित आचरण सामने आने पर पिपराइच थाने के दीवान अजय यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर घायल अब्दुल रहीम के पिता मोहम्मद हुसैन ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ थाने में बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया और पुलिस ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में होने वाली कथित मारपीट और मानवाधिकारों के संरक्षण को लेकर बहस छेड़ दी है। कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी आरोपी या संदिग्ध के साथ कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग किया गया है तो यह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि पुलिस की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विवाद पारिवारिक था तो पुलिस को दोनों पक्षों के बीच समझौते और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए था। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर थाने में दोनों युवकों के साथ क्या हुआ। अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी हुई है।
डायल-112 पर दी गई पहली सूचना : विवाद बढ़ने पर शाहरुख ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिवार के लोगों ने यह भरोसा दिलाया कि मामला आपसी है और बातचीत के माध्यम से सुलझा लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद पुलिस टीम वापस लौट गई।
देर रात फिर बढ़ा विवाद :परिजनों के अनुसार रात करीब 12 बजे शाहरुख कथित रूप से कुल्हाड़ी लेकर दोबारा अब्दुल रहीम के घर पहुंच गया। इससे परिवार के लोग घबरा गए और किसी अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए अब्दुल रहीम के पिता मोहम्मद हुसैन ने पुलिस को दोबारा सूचना दी।
पुलिस दोनों को थाने ले गई : दूसरी सूचना मिलने पर पिपराइच थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को पूछताछ एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से थाने ले आई। इसके बाद की घटनाओं को लेकर पुलिस और परिजनों के दावों में अंतर दिखाई देता है।
थाने में मारपीट का गंभीर आरोप : अब्दुल रहीम के परिवार का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद चार पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट की। उनका कहना है कि अब्दुल रहीम को सबसे अधिक पीटा गया, जिससे उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गया। परिजनों ने इसे पुलिस की बर्बरता बताया है।
हालत बिगड़ने पर घर भेजा गया : परिवार का आरोप है कि अब्दुल रहीम की हालत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उसे देर रात घर भेज दिया। पहले स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया गया, लेकिन दर्द और चोटें बढ़ने पर अगले दिन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया।
दोनों घायलों का इलाज जारी : अब्दुल रहीम का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में चल रहा है, जबकि उसके साले शाहरुख का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है। दोनों की चिकित्सकीय रिपोर्ट भी जांच का महत्वपूर्ण आधार मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल : घायल अब्दुल रहीम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में उसके शरीर पर चोटों के निशान दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप : वीडियो सामने आने और परिजनों द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी गई।
दीवान अजय यादव निलंबित : प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनुचित आचरण की आशंका के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पिपराइच थाने के दीवान अजय यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई मामला की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
विभागीय जांच शुरू : एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

