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काठमांडू ट्रैफिक पुलिस का मनसून सुरक्षा अभियान 2083 शुभारम्भ

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कोटो महासंघ देश संवाददाता, काठमांडू 22 मई 2026  | नेपाल की राजधानी काठमांडू में हर वर्ष मनसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव और यातायात अव्यवस्था जैसी समस्याएं गंभीर रूप लेती रही हैं। इन्हीं चुनौतियों से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को “सडक र सवारी लक्षित मनसुनजन्य विपद् न्यूनीकरण अभियान 2083” का औपचारिक शुभारम्भ किया गया। काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक प्रहरी कार्यालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम राजधानी के व्यस्त नए बसपार्क क्षेत्र में आयोजित हुआ, जिसमें नेपाल पुलिस, ट्रैफिक प्रबंधन विभाग, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यातायात व्यवसायियों, मजदूर संगठनों और सामुदायिक प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि काठमांडू उपत्यका प्रहरी कार्यालय के प्रमुख प्रहरी अतिरिक्त महानिरीक्षक ईश्वर कार्की रहे। उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी, परिवहन व्यवसायी संगठन के प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी मंच पर मौजूद रहे। इस अभियान के तहत नए बसपार्क सहित कलंकी, नागढुंगा, फर्पिंग और भक्तपुर जैसे संवेदनशील यातायात क्षेत्रों में नागरिक सहायता कक्ष स्थापित किए गए हैं, जो आज से ही सक्रिय रूप से सेवा देना शुरू कर चुके हैं। इन सहायता कक्षों का उद्देश्य यात्रियों को मनसून के दौरान होने वाले जोखिमों के प्रति जागरूक करना, आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।

मनसून के खतरे और बढ़ती चुनौतियां
नेपाल में हर वर्ष जून से सितंबर के बीच आने वाला मनसून मौसम सड़क और यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कों पर कीचड़ और फिसलन, दृश्यता में कमी, जलभराव और वाहन दुर्घटनाओं की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं। विशेष रूप से काठमांडू घाटी और उससे जुड़े राजमार्गों पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नागढुंगा, फर्पिंग और कलंकी जैसे क्षेत्रों में अक्सर भारी जाम, सड़क धंसने और वाहन फंसने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने इस वर्ष पहले से तैयारी शुरू करते हुए व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया। अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल दुर्घटनाओं को कम करना ही नहीं, बल्कि सड़क संस्कृति को बेहतर बनाना, यात्रियों में जागरूकता फैलाना और आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करना भी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रहरी अतिरिक्त महानिरीक्षक ईश्वर कार्की ने कहा कि मनसून केवल प्राकृतिक चुनौती नहीं बल्कि मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर परीक्षा का समय होता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन, नागरिक समाज और यातायात क्षेत्र मिलकर काम करें तो दुर्घटनाओं और जनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

विभिन्न स्थानों पर नागरिक सहायता कक्ष शुरू
अभियान के तहत राजधानी और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष नागरिक सहायता कक्ष स्थापित किए गए हैं। नए बसपार्क में स्थापित मुख्य सहायता कक्ष यात्रियों को मौसम, सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित जानकारी प्रदान करेगा।
इसी प्रकार कलंकी, नागढुंगा, फर्पिंग और भक्तपुर में स्थापित सहायता केन्द्र स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से संचालित होंगे। इन केन्द्रों में प्राथमिक उपचार, राहत सामग्री, यातायात मार्गदर्शन और आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित काठमांडू उपत्यका प्रहरी कार्यालय रानीपोखरी के प्रहरी नायब महानिरीक्षक ओम प्रसाद अधिकारी ने कहा कि पिछले वर्षों में मनसून के दौरान कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इस बार पुलिस ने पूर्व तैयारी के साथ राहत और सहायता प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के टेक्निकल एडवाइजर सरोज प्रधान ने कहा कि नेपाल में सड़क सुरक्षा को केवल ट्रैफिक नियंत्रण तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सड़क की गुणवत्ता, वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक का प्रशिक्षण और मौसम संबंधी तैयारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। इस अभियान के दौरान ड्राइवरों और यात्रियों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण के उपसचिव राम बहादुर केसी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन को केवल राहत तक सीमित न रहकर जोखिम न्यूनीकरण पर ध्यान देना होगा।

परिवहन व्यवसायियों और मजदूर संगठनों की भागीदारी
कार्यक्रम में नेपाल यातायात व्यवसायी राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष सरोज सिटौला ने कहा कि मनसून के दौरान सबसे अधिक जिम्मेदारी सार्वजनिक यातायात क्षेत्र पर आती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन व्यवसायी हर संभव सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बस और अन्य सार्वजनिक वाहनों के चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे खराब मौसम में भी सुरक्षित तरीके से वाहन संचालन कर सकें। साथ ही यात्रियों को भी यात्रा के दौरान सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में अखिल नेपाल यातायात मजदुर संघ के अध्यक्ष दीपक केसी, नेपाल यातायात स्वतन्त्र मजदुर संघ के अध्यक्ष भीम ज्वाला और नेपाल यातायात मजदुर संघ के अध्यक्ष धर्म भण्डारी ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान तभी सफल हो सकता है जब चालक, सहचालक और मजदूर वर्ग को पर्याप्त प्रशिक्षण और सहयोग मिले। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम में नगर प्रहरी, सामुदायिक सेवा केन्द्रों के प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि और यातायात व्यवसायी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। Naima Nepal के कार्यकारी निर्देशक राजकुमार दुलाल तथा NADA के प्रतिनिधियों ने भी अभियान को समर्थन देते हुए कहा कि वाहन सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और तकनीकी जांच को प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है।

लगेज टैग प्रणाली लागू करने पर समझौता
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण “Luggage Tag System” लागू करने संबंधी समझौता भी रहा। काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक प्रहरी कार्यालय और यातायात व्यवसायी राष्ट्रीय महासंघ के बीच इस समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस प्रणाली का उद्देश्य सार्वजनिक वाहनों में यात्रियों के सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अक्सर लंबी दूरी की बसों में यात्रियों का सामान गुम होने, चोरी होने या अदला-बदली की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई प्रणाली के तहत प्रत्येक सामान को विशेष टैग दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को अपने सामान की पहचान और सुरक्षा में आसानी होगी।
ट्रैफिक प्रहरी कार्यालय के प्रमुख प्रहरी वरिष्ठ उपरीक्षक नवराज अधिकारी ने कहा कि यह प्रणाली यात्रियों के विश्वास को मजबूत करेगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाएगी। उन्होंने अपने स्वागत संबोधन में अभियान की आवश्यकता और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और आपदा न्यूनीकरण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस आने वाले दिनों में स्कूलों, कॉलेजों, परिवहन कंपनियों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर व्यापक जनचेतना अभियान भी चलाएगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों और संगठनों ने संयुक्त रूप से सुरक्षित यातायात, जिम्मेदार ड्राइविंग और मनसून के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की। नेपाल में तेजी से बदलते मौसम और बढ़ते यातायात दबाव के बीच यह अभियान आने वाले समय में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से लागू हुआ तो इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि आपदा प्रबंधन और नागरिक सहायता प्रणाली भी अधिक मजबूत हो सकेगी।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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