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महराजगंज: अभय समाज पार्टी ने उठाई बड़ी मांग, पूर्व ग्राम प्रधानों और मतदाताओं को मिले आजीवन पेंशन

महराजगंज के पनियरा स्थित शिवा मैरेज हॉल में आयोजित अभय समाज पार्टी के सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष शत्रुधन सिंह निषाद पूर्व ग्राम प्रधानों, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्यों और मतदाताओं के लिए पेंशन एवं सम्मानजनक सुविधाओं की मांग रखते हुए।

पनियरा (महराजगंज) के कौआठोर स्थित शिवा मैरेज हॉल में आयोजित अभय समाज पार्टी के सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष शत्रुधन सिंह निषाद ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं के लिए आजीवन पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई।

पनियरा, महराजगंज | लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर अभय समाज पार्टी ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। पार्टी के तत्वावधान में 02 अगस्त 2026 को महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लॉक अंतर्गत कौआठोर स्थित शिवा मैरेज हॉल में एक ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पूर्व ग्राम प्रधानों, पूर्व क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) सदस्यों, पूर्व जिला पंचायत सदस्यों तथा देश के मतदाताओं को विधायक और सांसद की भांति आजीवन पेंशन एवं सम्मानजनक सुविधाएं दिलाने की मांग को लेकर जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अभय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शत्रुधन सिंह निषाद ने की, जबकि संचालन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश निषाद ने किया। सम्मेलन में विभिन्न जनपदों से आए पार्टी पदाधिकारियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में समर्थकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने लोकतंत्र में समान अधिकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका तथा मतदाताओं के सम्मान से जुड़े अनेक मुद्दों पर अपने विचार रखे।

लोकतंत्र में समान अधिकार की पैरवी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष शत्रुधन सिंह निषाद ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार देता है। लोकतंत्र की मूल भावना तभी मजबूत होगी जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान सम्मान और अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विधायक और सांसद चुनाव जीतने के बाद आजीवन पेंशन सहित कई प्रकार की सुविधाएं प्राप्त करते हैं, जबकि लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य अपने कार्यकाल के बाद किसी प्रकार की स्थायी सुविधा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि गांवों के विकास, जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनता की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें वह सम्मान और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिलती जिसकी वे अपेक्षा रखते हैं। उनका कहना था कि यदि उच्च स्तर के जनप्रतिनिधियों को पेंशन मिल सकती है तो स्थानीय स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी समान व्यवस्था का लाभ मिलना चाहिए।


मतदाताओं के लिए भी पेंशन की मांग

अपने संबोधन में शत्रुधन सिंह निषाद ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है। विधायक और सांसद जनता के वोट से चुने जाते हैं, इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब मतदाताओं के मतदान के आधार पर सरकारें बनती और बदलती हैं, तब मतदाताओं के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभय समाज पार्टी देश के प्रत्येक मतदाता के लिए सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग कर रही है। उनका कहना था कि मतदाता लोकतंत्र की नींव है और यदि लोकतंत्र को मजबूत बनाना है तो सबसे पहले मतदाता को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करनी होगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक नई सोच बताते हुए सरकार से इस विषय पर व्यापक विमर्श शुरू करने की मांग की।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद से स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दशकों से शासन और सत्ता में बैठे लोगों ने ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों की समस्याओं की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की अधिकांश जिम्मेदारी इन्हीं जनप्रतिनिधियों पर रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों के क्रियान्वयन में स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसके बावजूद कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाती। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अभय समाज पार्टी का गठन किया गया ताकि वंचित वर्गों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आवाज को मजबूती से उठाया जा सके। पार्टी भविष्य में भी इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाती रहेगी।


सरकार से मांग पूरी करने की अपील

शत्रुधन सिंह निषाद ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर जनजागरण अभियान चलाएगी तथा गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश निषाद ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक विस्तार नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान पहुंचाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को पार्टी की नीतियों और मांगों से अवगत कराने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के अधिकारों, ग्रामीण विकास, लोकतंत्र में जनभागीदारी तथा सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित

कार्यक्रम में सिद्धार्थनगर जिला अध्यक्ष श्री राम नारायण सिंह निषाद सहित रमेश चन्द्र, सुभाष निषाद, कन्हैया सिंह निषाद, मुन्ना निषाद, योगेन्द्र शरण सिंह, राम अशीष निषाद, खलील, बाबूलाल, अमरजीत निषाद सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने पार्टी की मांगों का समर्थन करते हुए इसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

अभय समाज पार्टी की प्रमुख मांगें 

अभय समाज पार्टी ने अपने ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मतदाताओं तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण मांगें सरकार के समक्ष रखीं। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती केवल सांसद और विधायकों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव स्तर से लेकर देश के प्रत्येक मतदाता तक सभी को समान सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। पार्टी द्वारा रखी गई प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—

1. पूर्व ग्राम प्रधानों को आजीवन पेंशन की व्यवस्था

पार्टी का मानना है कि ग्राम प्रधान ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। वे अपने कार्यकाल में गांव की सड़क, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें विधायक और सांसद की तरह आजीवन सम्मानजनक पेंशन तथा आवश्यक सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।

2. पूर्व क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) सदस्यों को विधायक-सांसद की तर्ज पर सम्मानजनक पेंशन

अभय समाज पार्टी का कहना है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) विकास खंड स्तर पर योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में अहम योगदान देते हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसलिए उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें भी आजीवन पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य सम्मानजनक लाभ दिए जाने चाहिए।

3. पूर्व जिला पंचायत सदस्यों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन योजना

पार्टी का मानना है कि जिला पंचायत सदस्य जिला स्तर पर विकास योजनाओं, बजट और जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी निभाते हैं। इसलिए उनके कार्यकाल के बाद उनके लिए विशेष सामाजिक सुरक्षा योजना, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन तथा अन्य कल्याणकारी सुविधाएं लागू की जानी चाहिए, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।

4. देश के प्रत्येक मतदाता के लिए सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था पर विचार

अभय समाज पार्टी की सबसे प्रमुख मांगों में से एक यह है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मतदाता होता है। जनता के मतदान से ही सांसद, विधायक, ग्राम प्रधान तथा अन्य जनप्रतिनिधि चुने जाते हैं। इसलिए सरकार को ऐसी नीति बनाने पर विचार करना चाहिए, जिससे प्रत्येक पात्र मतदाता को भविष्य में सम्मानजनक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके। पार्टी का तर्क है कि लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका सर्वोच्च है और उसके सम्मान की रक्षा होना आवश्यक है।

5. स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिक अधिकार और सुविधाएं

पार्टी का कहना है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों को पर्याप्त प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार नहीं मिलते। इससे विकास कार्यों में बाधा आती है। इसलिए स्थानीय निकायों को अधिक अधिकार, पर्याप्त बजट, निर्णय लेने की स्वतंत्रता, प्रशिक्षण, कार्यालयीय सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे प्रभावी ढंग से जनता की सेवा कर सकें।

6. लोकतंत्र में मतदाता और निचले स्तर के जनप्रतिनिधियों के सम्मान को सुनिश्चित करने की नीति लागू की जाए

अभय समाज पार्टी ने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें ऐसी व्यापक नीति तैयार करें, जिसमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य तथा मतदाताओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को संवैधानिक भावना के अनुरूप मजबूत किया जाए। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति और सबसे निचले स्तर के निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी समान सम्मान, सुरक्षा और अवसर प्राप्त होंगे।

7. जनप्रतिनिधियों के लिए स्वास्थ्य एवं बीमा सुरक्षा

पार्टी ने यह भी मांग की कि पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा तथा चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि कई जनप्रतिनिधि सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद वर्षों तक जनता की सेवा करते हैं, इसलिए उनके भविष्य की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

8. लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की पहल

अभय समाज पार्टी ने सरकार से मांग की कि पंचायत राज संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाया जाए तथा स्थानीय स्तर के निर्वाचित प्रतिनिधियों को विकास योजनाओं में प्रभावी भागीदारी दी जाए। पार्टी का मानना है कि मजबूत पंचायत व्यवस्था ही ग्रामीण विकास और लोकतंत्र की वास्तविक आधारशिला है।

9. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सम्मान के लिए राष्ट्रीय नीति

पार्टी ने मांग की कि देशभर के पूर्व ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के लिए एक समान राष्ट्रीय सम्मान एवं कल्याण नीति बनाई जाए, जिससे सभी राज्यों में उन्हें समान सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो सके।

10. लोकतंत्र में समानता के सिद्धांत को व्यवहार में लागू किया जाए

पार्टी ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। इसलिए सांसद और विधायकों की तरह स्थानीय स्तर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के योगदान को भी समान सम्मान दिया जाए तथा उनके लिए पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की व्यवस्था कर लोकतंत्र की मूल भावना को मजबूत किया जाए।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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