भारत, 05 अप्रैल 2026 | मिर्जापुर स्थित निषाद राज मंदिर पर निषाद समाज के आराध्य देव महाराजा गुहा राज निषाद जी की पावन जयंती बड़े ही श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा), गोरखपुर के जिला अध्यक्ष मा. हरि प्रकाश निषाद जी के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा गुहा राज निषाद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को याद किया और समाज के उत्थान के लिए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस पावन अवसर पर कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और प्रेरणादायक रहा। निषाद समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपने आराध्य देव की जयंती को एक सामाजिक उत्सव के रूप में मनाया। मा. हरि प्रकाश निषाद जी ने अपने संबोधन में कहा कि महाराजा गुहा राज निषाद केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, भाईचारे और समर्पण के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि एक सशक्त और संगठित समाज का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि मा. कमलेश गौतम (मुख्य मण्डल प्रभारी, गोरखपुर) ने कहा कि निषाद समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और हमें अपने पूर्वजों के संघर्ष और त्याग को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दें। पूर्व लोकसभा प्रत्याशी मा. जावेद सिमनानी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता लाने और एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट रहेगा, तब तक कोई भी ताकत उसे पीछे नहीं धकेल सकती।
कार्यक्रम में मा. डॉ. प्रदीप निषाद (जिला संयोजक, भाईचारा समिति – बसपा) ने कहा कि निषाद समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाकर ही समाज अपनी पहचान और अधिकारों को सुरक्षित कर सकता है। इसके साथ ही सुरज गौड़ (पूर्व महासचिव, गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा – बसपा) एवं राजकपूर निषाद (पूर्व महासचिव) ने भी अपने विचार रखते हुए समाज में एकता और भाईचारे को सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में रामगति निषाद (भावी प्रत्याशी, जिला पंचायत सदस्य), ओंकार गुप्ता (विधानसभा उपाध्यक्ष, गोरखपुर ग्रामीण – बसपा), विनोद निषाद एवं ओम नारायण पाण्डेय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर महाराजा गुहा राज निषाद जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज की एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि निषाद समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है। “जय भीम, जय निषाद राज, जय बसपा” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
मिर्जापुर स्थित निषाद राज मंदिर में आयोजित महाराजा गुहा राज निषाद जयंती समारोह में सबसे प्रमुख आकर्षण उनके पावन स्वरूप की प्रतिमा पर सामूहिक माल्यार्पण रहा। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, बसपा पदाधिकारियों एवं निषाद समाज के लोगों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और श्रद्धा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
समारोह में बहुजन समाज पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। नेताओं ने अपने उद्बोधन में निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी बताया कि महाराजा गुहा राज निषाद जी के आदर्श आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज में एकता, सम्मान और जागरूकता का संदेश देना रहा। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब तक समाज संगठित और जागरूक रहेगा, तब तक वह अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेगा और विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक मंच पर आकर एकजुटता का परिचय दिया।
युवाओं को विशेष रूप से शिक्षा, संगठन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा पीढ़ी ही समाज का भविष्य है और यदि वे शिक्षित, संगठित और जागरूक रहेंगे तो समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। युवाओं से आह्वान किया गया कि वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने समाज के उत्थान में योगदान दें।
समारोह के अंत में “जय भीम, जय निषाद राज, जय बसपा” के जोशीले नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। यह नारे केवल एक उत्साह का प्रतीक नहीं थे, बल्कि समाज की एकजुटता, आत्मसम्मान और संघर्षशीलता को भी दर्शाते हैं। इस प्रकार यह कार्यक्रम एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
1. यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित निषाद राज मंदिर में आयोजित किया गया था, जहाँ निषाद समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
2. यह आयोजन किस अवसर पर किया गया था?
यह आयोजन निषाद समाज के आराध्य देव महाराजा गुहा राज निषाद जी की पावन जयंती के अवसर पर किया गया था।
3. कार्यक्रम का नेतृत्व किसने किया?
कार्यक्रम का नेतृत्व बहुजन समाज पार्टी (बसपा), गोरखपुर के जिला अध्यक्ष मा. हरि प्रकाश निषाद जी ने किया।
4. कार्यक्रम की शुरुआत कैसे हुई?
कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा गुहा राज निषाद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई, जिसके बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई।
5. इस कार्यक्रम में किन-किन प्रमुख लोगों की उपस्थिति रही?
कार्यक्रम में मा. कमलेश गौतम, मा. जावेद सिमनानी, मा. डॉ. प्रदीप निषाद, सुरज गौड़, राजकपूर निषाद, रामगति निषाद, ओंकार गुप्ता, विनोद निषाद एवं ओम नारायण पाण्डेय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
6. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निषाद समाज में एकता, सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देना तथा समाज को संगठित करना था।
7. वक्ताओं ने अपने संबोधन में क्या संदेश दिया?
वक्ताओं ने समाज के लोगों, विशेषकर युवाओं को शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर चलने का संदेश दिया, ताकि समाज का समग्र विकास हो सके।
8. युवाओं के लिए क्या विशेष संदेश दिया गया?
युवाओं को समाज का भविष्य बताते हुए उन्हें शिक्षा को प्राथमिकता देने, संगठित रहने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
9. कार्यक्रम के दौरान माहौल कैसा रहा?
कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह भक्तिमय, प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण रहा, जहाँ सभी ने एकजुट होकर अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
10. कार्यक्रम का समापन कैसे हुआ?
कार्यक्रम का समापन “जय भीम, जय निषाद राज, जय बसपा” के नारों के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को जोश और उत्साह से भर दिया।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

