काठमांडू। नेपाल सरकार ने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को नया नेतृत्व देते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गोविंदा बहादुर कार्की को नया मुख्य सचिव (Chief Secretary) नियुक्त किया है। बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में इस नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई। सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में सचिव के रूप में कार्यरत कार्की को पदोन्नत कर नेपाल की सिविल सेवा के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया है। मुख्य सचिव का पद नेपाल की प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पद माना जाता है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी न केवल विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय स्थापित करता है, बल्कि सरकार की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, सुशासन तथा सार्वजनिक सेवा वितरण की निगरानी में भी केंद्रीय भूमिका निभाता है। ऐसे में गोविंदा बहादुर कार्की की नियुक्ति को नेपाल की नौकरशाही में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में गोविंदा बहादुर कार्की को नेपाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में सरकार के प्रवक्ता एवं संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल ने बताया कि कार्की लंबे प्रशासनिक अनुभव और उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुने गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को विश्वास है कि कार्की के नेतृत्व में प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता तथा सेवा वितरण की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा। नेपाल में मुख्य सचिव का पद देश की समस्त सिविल सेवा का सर्वोच्च पद है। यह अधिकारी सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ मंत्रालयों, विभागों तथा विभिन्न सरकारी निकायों के कार्यों की निगरानी करता है। मुख्य सचिव सरकार की प्राथमिकताओं को प्रशासनिक स्तर पर लागू कराने में अहम भूमिका निभाता है और नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है।
गोविंदा बहादुर कार्की इससे पहले प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में सचिव के रूप में कार्यरत थे। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी संस्थानों में अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्हें एक कुशल, अनुशासित और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में जाना जाता है। प्रशासनिक सुधार, नीति समन्वय तथा सुशासन के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें सर्वोच्च प्रशासनिक पद की जिम्मेदारी सौंपी है। नेपाल में वर्तमान समय में प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस, सेवा वितरण में पारदर्शिता, विकास परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति तथा संघीय शासन व्यवस्था को प्रभावी बनाने जैसी अनेक चुनौतियां मौजूद हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नए मुख्य सचिव के सामने इन सभी क्षेत्रों में बेहतर समन्वय स्थापित करना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
कार्की को ऐसे समय में यह जिम्मेदारी मिली है जब नेपाल सरकार विकास योजनाओं की गति बढ़ाने, सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने तथा सरकारी संस्थानों की कार्यक्षमता में सुधार लाने के लिए कई नई पहल कर रही है। ऐसे में उनके अनुभव का लाभ प्रशासनिक व्यवस्था को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने कहा कि सरकार प्रशासनिक नेतृत्व को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से वरिष्ठता, अनुभव तथा कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए यह नियुक्ति की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के रूप में गोविंदा बहादुर कार्की सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू कराने, विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्रशासनिक सुधारों को गति देने का कार्य करेंगे।प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार नेपाल में मुख्य सचिव की भूमिका केवल सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह पूरे सरकारी तंत्र के संचालन का प्रमुख समन्वयक होता है। बजट कार्यान्वयन, विकास परियोजनाओं की समीक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही, कर्मचारी प्रबंधन तथा संघीय और प्रांतीय सरकारों के बीच तालमेल बनाए रखने में भी मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि वर्तमान समय में नागरिकों की अपेक्षाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गई हैं। डिजिटल सेवाओं का विस्तार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण प्रशासन की प्रमुख चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों का समाधान नए मुख्य सचिव के नेतृत्व में अधिक प्रभावी ढंग से किए जाने की उम्मीद है।
गोविंदा बहादुर कार्की की नियुक्ति को नेपाल की नौकरशाही में स्थिरता और निरंतरता का संकेत माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में सरकार की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी तथा मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। सरकारी कर्मचारियों और नीति विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि नए मुख्य सचिव प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देंगे और सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनाएंगे। नेपाल वर्तमान समय में आर्थिक विकास, निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना निर्माण तथा संघीय शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर कार्य कर रहा है। इन लक्ष्यों की सफलता काफी हद तक प्रशासनिक दक्षता पर निर्भर करती है। ऐसे में गोविंदा बहादुर कार्की के नेतृत्व को देश की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक सुधार, सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्य सचिव के रूप में कार्की से अपेक्षा की जा रही है कि वे प्रशासनिक तंत्र को अधिक जवाबदेह, आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में प्रभावी पहल करेंगे।
मुख्य सचिव के पद की प्रमुख जिम्मेदारियां
नेपाल सरकार में मुख्य सचिव (Chief Secretary) सिविल सेवा का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। यह पद सरकार और प्रशासन के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। मुख्य सचिव की भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह राष्ट्रीय नीतियों के निर्माण, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा समूचे सरकारी तंत्र के समन्वय और निगरानी में भी केंद्रीय भूमिका निभाता है। मुख्य सचिव से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाए रखे।
1. नेपाल की सिविल सेवा का सर्वोच्च प्रशासनिक नेतृत्व
मुख्य सचिव पूरे सरकारी प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी होता है। वह सभी सचिवों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभिन्न सरकारी निकायों के कार्यों का समन्वय और मार्गदर्शन करता है। प्रशासनिक अनुशासन, दक्षता और कार्यकुशलता बनाए रखना उसकी प्रमुख जिम्मेदारी होती है।
2. प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद को प्रशासनिक सलाह देना
मुख्य सचिव प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के प्रमुख प्रशासनिक सलाहकार के रूप में कार्य करता है। वह नीतिगत निर्णयों, प्रशासनिक सुधारों, विकास योजनाओं तथा सरकारी कार्यक्रमों के संबंध में आवश्यक सुझाव और विशेषज्ञ सलाह प्रदान करता है ताकि निर्णय प्रभावी और व्यावहारिक बन सकें।
3. सभी मंत्रालयों के बीच समन्वय स्थापित करना
सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। यदि किसी परियोजना या नीति में कई मंत्रालय शामिल हों, तो उनके बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना मुख्य सचिव का दायित्व होता है।
4. सरकारी नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी
मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों, राष्ट्रीय नीतियों और विकास योजनाओं का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना मुख्य सचिव की प्रमुख भूमिका है। वह विभिन्न मंत्रालयों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करता है, समीक्षा बैठकें आयोजित करता है तथा आवश्यक निर्देश जारी करता है।
5. प्रशासनिक सुधार एवं सुशासन को बढ़ावा देना
सरकारी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने के लिए प्रशासनिक सुधारों को लागू करना मुख्य सचिव की जिम्मेदारी होती है। सेवा वितरण में सुधार, डिजिटल प्रशासन, भ्रष्टाचार नियंत्रण तथा सुशासन को मजबूत करने के लिए वह नई नीतियों और सुधारात्मक उपायों को आगे बढ़ाता है।
6. सार्वजनिक सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार करना
नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्य सचिव यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी कार्यालयों में सेवाएं सरल, तेज और प्रभावी ढंग से उपलब्ध हों तथा आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
7. संघीय, प्रांतीय एवं स्थानीय सरकारों के बीच तालमेल बनाए रखना
नेपाल की संघीय शासन व्यवस्था में केंद्र, प्रांत और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्य सचिव विभिन्न स्तरों की सरकारों के बीच नीति समन्वय, संसाधनों के उपयोग तथा विकास कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
8. विकास परियोजनाओं की समीक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना
राष्ट्रीय महत्व की आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन और अन्य विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करना तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर उनके क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना मुख्य सचिव की प्रमुख जिम्मेदारी है। वह परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालयों को आवश्यक निर्देश देता है।
9. प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को मजबूत करना
सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव विभिन्न निगरानी तंत्रों को मजबूत करता है। वह यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी कर्मचारी अपने दायित्वों का ईमानदारी और दक्षता के साथ निर्वहन करें तथा सार्वजनिक संसाधनों का सही उपयोग हो।
10. नीति-निर्माण और क्रियान्वयन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना
सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों को व्यवहारिक रूप से लागू कराना मुख्य सचिव की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। वह नीति-निर्माताओं और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करता है ताकि योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंच सके।
11. संकट एवं आपदा प्रबंधन में नेतृत्व
प्राकृतिक आपदाओं, महामारी, राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चुनौतियों या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मुख्य सचिव विभिन्न मंत्रालयों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करता है। राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की निगरानी करते हुए वह प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय बनाए रखता है।
12. प्रशासनिक आधुनिकीकरण और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा
वर्तमान समय में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी का विस्तार प्रशासन की प्राथमिकता है। मुख्य सचिव सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन सेवा वितरण, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

