नेपाल, बारा,15 जनवरी 2026|स्थानीय राजनीति और प्रशासन को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। 2082/10/01 को वार्ड चेयरमैन गग*नदेव पी. यादव, उनके भाई अच्छे*लाल राय यादव, भतीजे प्र*मोद यादव सहित ब*लिराम यादव, दी*पेंद्र यादव, अज*य यादव और वार्ड चेयरमैन के अन्य परिजनों पर मुखिया निषाद परिवार द्वारा जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगा है। इस हमले में मुखिया जय देवी निषाद, बीरेंद्र मुखिया निषाद सहित परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि तीन अन्य सदस्यों को भी चोटें आई हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने पूर्व नियोजित तरीके से लाठी-डंडों से हमला किया और जान से मारने की नीयत से मारपीट की। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 2082/10/01 को उस समय घटी जब मुखिया निषाद परिवार अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त था। तभी वार्ड चेयरमैन गगन*देव पी. यादव अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ वहां पहुंचे और किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि वार्ड चेयरमैन और उनके साथ आए लोगों ने लाठी-डंडों से मुखिया जय देवी निषाद, बीरेंद्र मुखिया निषाद और अन्य परिजनों पर हमला कर दिया।
पीड़ितों का कहना है कि हमला इतना अचानक और आक्रामक था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया।

हमले में मुखिया जय देवी निषाद को सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं बीरेंद्र मुखिया निषाद को शरीर के कई हिस्सों में गहरी चोटें लगी हैं। परिवार के अन्य सदस्यों को भी गंभीर और साधारण चोटें आई हैं। तीन अन्य सदस्य, जो बीच-बचाव करने आए थे, उन्हें भी पीटकर घायल कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावरों ने न केवल मारपीट की बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के दौरान चीख-पुकार मच गई, जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह पीड़ितों को बचाया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।
पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, देर शाम तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।

इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। मुखिया निषाद परिवार और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की हिंसा लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि सत्ता और पद का दुरुपयोग कर कमजोर वर्गों पर हमला करना बेहद निंदनीय है।
कुछ संगठनों ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दिनांक 2082/10/01 को क्षेत्र में एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने स्थानीय प्रशासन, राजनीति और सामाजिक माहौल को झकझोर कर रख दिया। यह मामला कथित रूप से दो पक्षों के बीच हुए हिंसक टकराव से जुड़ा है, जिसमें मुखिया निषाद परिवार पर जानलेवा हमला किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

घटना की पृष्ठभूमि
प्राप्त जानकारी और पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना के दिन किसी पुराने विवाद अथवा आपसी कहासुनी को लेकर अचानक हालात बिगड़ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि वार्ड चेयरमैन गगनदेव पी. यादव और उनके परिजनों व सहयोगियों ने एकजुट होकर मुखिया निषाद परिवार पर हमला कर दिया। यह हमला कथित तौर पर पूरी तरह सुनियोजित था और इसमें लाठी-डंडों जैसे कठोर हथियारों का प्रयोग किया गया।
आरोपियों का विवरण
इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से
वार्ड चेयरमैन गग*नदेव पी. यादव,
उनके भाई अच्छे*लाल राय यादव,
भतीजे प्र*मोद यादव,
बलि*राम यादव,
दीपें*द्र यादव,
अज*य यादव,
सहित कुछ अन्य अज्ञात लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि इन सभी ने एक साथ मिलकर हमला किया और किसी को भी नहीं बख्शा।
पीड़ित पक्ष:
इस कथित हमले में
मुखिया जय देवी निषाद,
बीरेंद्र मुखिया निषाद,
तथा उनके परिवार के अन्य सदस्य
गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं, बुजुर्गों और बीच-बचाव करने आए लोगों पर भी बेरहमी से लाठियों से वार किए।
हमले का तरीका
बताया गया है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों से जान से मारने की नीयत से हमला किया। सिर, हाथ, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगातार प्रहार किए गए। हमले के दौरान जान से मारने की धमकियां भी दी गईं, जिससे पीड़ित परिवार में दहशत फैल गई।
घायलों की स्थिति
इस घटना में मुख्य रूप से 5 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 3 अन्य सदस्य भी चोटिल बताए जा रहे हैं। कुछ घायलों को सिर और शरीर के संवेदनशील अंगों में गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
स्थानीय माहौल
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि जनप्रतिनिधियों पर ही इस तरह के गंभीर आरोप लग रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
प्रशासन और कार्रवाई की मांग:
पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि
सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए,
मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच हो,
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए,
और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |