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भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी दीपावली की रौशनी के बीच विकास और जनसेवा की नई पहल

सम्पादक : हसरुद्दीन अंसारी कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | दीपावली और छठ पर्व की रौनक के बीच पिपराइच विधान सभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। इसी कड़ी में भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी जो जिला पंचायत के भावी प्रत्याशी माने जा रहे हैं, ने एक विशेष पहल…

भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी

सम्पादक : हसरुद्दीन अंसारी कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | दीपावली और छठ पर्व की रौनक के बीच पिपराइच विधान सभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। इसी कड़ी में भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी जो जिला पंचायत के भावी प्रत्याशी माने जा रहे हैं, ने एक विशेष पहल करते हुए क्षेत्रवासियों को दीपावली, भईया दूज, कार्तिक पूर्णिमा और छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

उनका यह संवाद जनता के बीच गहरा प्रभाव छोड़ रहा है। सादगी, सेवा भावना और क्षेत्र के विकास के मुद्दों को लेकर वे लगातार सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी केवल चुनावी चेहरा नहीं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में हमेशा आगे रहे हैं | भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी ने अपने वार्ड और आसपास के इलाकों के लिए विकास की विस्तृत रूपरेखा भी तैयार की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की प्राथमिक जरूरतें — सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता — उनकी प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा, “मेरी राजनीति का मकसद कुर्सी नहीं, बल्कि जनसेवा है। मैं चाहता हूँ कि पिपराइच ब्लॉक के हर गांव में मूलभूत सुविधाएं पहुंचे। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जनता की भागीदारी से ही सच्चा विकास संभव है।”उनकी इस सोच को लेकर युवाओं और बुजुर्गों दोनों में उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में स्थानीय युवाओं की टीम सक्रिय है।

उन्होंने कहा कि दीपावली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार से उजाले की ओर बढ़ने की प्रेरणा भी देती है।भईया दूज और छठ पूजा जैसे पर्वों पर उन्होंने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की अपील की। पर्व हमें जोड़ते हैं, तोड़ते नहीं,” उन्होंने कहा, “मैं राजनीति को भी समाज जोड़ने का माध्यम मानता हूँ। हर घर में खुशहाली आए, यही मेरी कामना है|  ग्रामीण इलाकों में महिलाएं भी खुलकर अपने सुझाव और समस्याएं साझा कर रही हैं।लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें एक ऐसा उम्मीदवार मिल रहा है जो ईमानदारी से क्षेत्र के विकास की बात कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगर यही जनसमर्थन कायम रहा तो वार्ड नंबर 3 में भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी का जीत का रास्ता काफी आसान हो सकता है। आने वाले समय में वे अपने घोषणापत्र में क्षेत्र की प्राथमिक योजनाओं — महिला सुरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार केंद्र, और कृषि विकास योजनाओं — को प्रमुखता देने की तैयारी में हैं।

हर गांव तक पक्की सड़क और स्वच्छ जल की व्यवस्था

भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी का पहला और सबसे बड़ा संकल्प है — हर गांव तक पक्की सड़क और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना। उनका मानना है कि विकास की असली पहचान तभी होती है जब आम जनता की बुनियादी जरूरतें पूरी हों। पिपराइच क्षेत्र के कई गांव आज भी कच्ची सड़कों, टूटी पुलियों और जल निकासी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। बरसात के मौसम में ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है, वहीं गंदे पानी और गड्ढों से बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी का कहना है कि वे जिला पंचायत में पहुंचकर एक “सड़क मिशन योजना” चलाएंगे, जिसके तहत हर वार्ड और हर मोहल्ले को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। गांवों में सीमेंटेड नालियों का निर्माण कर जल निकासी की समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही, स्वच्छ पेयजल के लिए हर गांव में नल योजना को सशक्त रूप से लागू किया जाएगा। पुराने हैंडपंपों की मरम्मत, नई टंकियों की स्थापना और जल शुद्धिकरण की निगरानी के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी। उनका विज़न है कि कोई भी बच्चा स्कूल जाते समय कीचड़ से न गुज़रे और कोई भी परिवार गंदा पानी पीने को मजबूर न हो — यही असली विकास की शुरुआत होगी।

महिला सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा

भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी का दूसरा संकल्प समाज की आधी आबादी — महिलाओं — को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। वे मानते हैं कि अगर महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो परिवार, गांव और पूरा समाज आगे बढ़ेगा। इसके लिए वे पंचायत स्तर पर “महिला उत्थान समिति” बनाने की योजना रखते हैं, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को प्रशिक्षण,और विपणन की सुविधा दी जाएगी। गांव की महिलाएं अगर मिलजुलकर लघु उद्योग, सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती, पापड़, मसाले या हस्तशिल्प का काम शुरू करें, तो न केवल उनकी आमदनी बढ़ेगी बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारीका कहना है कि वे  सरकारी योजनाओं के बीच एक सेतु बनना चाहते हैं ताकि महिलाओं को  प्रशिक्षण और बाजार की जानकारी आसानी से मिल सके। साथ ही, वे पंचायत स्तर पर महिला शिक्षा, पोषण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का वादा करते हैं। उनका नारा है — “सशक्त महिला, समृद्ध पंचायत” — और यही उनका सामाजिक लक्ष्य भी है।

युवाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं का विस्तार

भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी मानते हैं कि आज का युवा सिर्फ नौकरी नहीं, अवसर चाहता है — और पंचायत स्तर पर ही रोजगार की दिशा तैयार की जा सकती है। वे एक “युवा प्रोत्साहन केंद्र” खोलने का प्रस्ताव रखते हैं, जहाँ युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा, मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई-कढ़ाई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबिंग, मोटर मैकेनिक और कृषि से जुड़ी आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गांव के युवा बड़े शहरों की ओर पलायन करने के बजाय अपने ही क्षेत्र में रोजगार पा सकेंगे। साथ ही, खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी उनका विशेष ध्यान है। वे मानते हैं कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन और स्वास्थ्य का प्रतीक है। भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी हर गांव में एक मिनी स्पोर्ट्स ग्राउंड, क्रिकेट और वॉलीबॉल किट, और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए जिला स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना चाहते हैं। उनका कहना है — “जब गांव के बच्चे खेलेंगे, तो वही आगे चलकर जिला, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

स्वास्थ्य केंद्रों का आधुनिकीकरण और एम्बुलेंस सुविधा में सुधार

भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी का चौथा संकल्प स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार पर केंद्रित है। उन्होंने कई बार देखा है कि छोटी सी बीमारी के इलाज के लिए भी ग्रामीणों को 10–15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, क्योंकि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर या दवाइयाँ नहीं होतीं। वे चाहते हैं कि प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और उप-स्वास्थ्य केंद्र को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ से सुसज्जित किया जाए। वे “ग्राम स्वास्थ्य समिति” के गठन का प्रस्ताव रखते हैं जो हर महीने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाएगी, जिसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, एनीमिया, और बच्चों के टीकाकरण जैसी सेवाएँ मुफ्त में दी जाएंगी। एम्बुलेंस सेवा को लेकर भी उनका दृष्टिकोण बहुत व्यावहारिक है

पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण अभियान

पांचवां संकल्प प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा से जुड़ा है। भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी मानते हैं कि विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरण के संतुलन के साथ हो। वे चाहते हैं कि हर गांव में “हरियाली अभियान” चलाया जाए, जिसके तहत हर नागरिक अपने घर या खेत के पास कम से कम एक पेड़ लगाए और उसकी देखभाल करे। इस अभियान के तहत पंचायत स्तर पर पौधारोपण शिविर, स्कूलों में “ग्रीन डे” कार्यक्रम, और युवाओं के लिए “एक पेड़, एक मित्र” पहल शुरू की जाएगी।वे वर्षा जल संचयन, सोलर लाइट और प्लास्टिक मुक्त गांव की दिशा में भी ठोस कदम उठाने के इच्छुक हैं। भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी का कहना है — “अगर हम आज पेड़ नहीं लगाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ़ नहीं करेंगी। हर पेड़ एक जीवन है, और हर जीवन का सम्मान जरूरी है। उनकी योजना है कि पंचायत स्तर पर ‘हरित निधि’ बनाई जाए, जिससे पर्यावरण संबंधी परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराया जा सके।

भोला अंसारी उर्फ मुंशरीम अंसारी का समग्र संदेश

मेरा उद्देश्य राजनीति से आगे जाकर समाज की सेवा करना है। सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण — ये किसी पार्टी या विचारधारा के मुद्दे नहीं, बल्कि हर नागरिक के अधिकार हैं। मैं चाहता हूँ कि हमारा वार्ड और पूरा पिपराइच आदर्श पंचायत बने, जहाँ हर चेहरा मुस्कुराए और हर घर में विकास की किरण पहुँचे।

रिपोर्ट : हसरुद्दीन अंसारी कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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