गौरी बाजार, देवरिया। भारतीय सर्वजन पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी राजनीतिक तैयारियों को तेज करने का दावा किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद ने 18 सितंबर 2026 को गौरी बाजार स्थित प्रधान कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारतीय सर्वजन पार्टी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने संगठन को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत करने और विधानसभा में अपना स्थान सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
अशोक निषाद के अनुसार पार्टी को इस बार समाज के विभिन्न वर्गों से समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सर्वजन पार्टी आगामी चुनाव को जनसमस्याओं, सामाजिक न्याय, रोजगार, किसान, मजदूर, युवा, महिला तथा पिछड़े और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों के आधार पर उठाने की तैयारी कर रही है।
पार्टी की ओर से जारी बयान में उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई। अशोक निषाद ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता सरकार की घोषणाओं और राजनीतिक दावों को समझ चुकी है। हालांकि ये सभी राजनीतिक आरोप पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान का हिस्सा हैं और इन पर संबंधित दलों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने पर काम कर रही है। हाल के दिनों में पार्टी की ओर से अलग-अलग जिलों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपे जाने की खबरें भी सामने आई हैं। सितंबर 2026 में सिद्धार्थनगर में दीपक कुमार निषाद को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी प्रकाशित हुई थी।

2027 के चुनाव को लेकर संगठन विस्तार
अशोक निषाद ने कहा कि भारतीय सर्वजन पार्टी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में संगठन को सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जिला, विधानसभा, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक संगठनात्मक ढांचा तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी संभावित प्रत्याशियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ लगातार समन्वय करेगी। पार्टी का दावा है कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाई जाएगी और क्षेत्रीय समस्याओं को चुनावी मुद्दों के रूप में सामने लाया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव की तैयारियों के दौरान कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझने और संगठन की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। उनका कहना है कि संगठन का विस्तार गांव और बूथ स्तर तक होने से पार्टी अपनी राजनीतिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेगी। भारतीय सर्वजन पार्टी की पूर्व गतिविधियों में भी संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों से जुड़े निर्णय सामने आते रहे हैं। 2022 में पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश के सात विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा किए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी।
भाजपा सरकार पर लगाए कई आरोप
प्रेस विज्ञप्ति में अशोक निषाद ने भाजपा सरकार की नीतियों पर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और पुलिस तथा एफआईआर के माध्यम से सरकार चलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने पिछड़े, दलित और सामान्य वर्ग समेत समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वर्गों को अपेक्षित अवसर और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से रोजगार, शिक्षा और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों को उठाया। अशोक निषाद ने भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार के दौरान अपराधियों के हौसले बुलंद हैं तथा निषाद समाज से जुड़े लोगों के खिलाफ शोषण और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कई जिलों में निषाद समाज से जुड़े लोगों की कथित मॉब लिंचिंग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए न्याय की मांग की। इन आरोपों को पार्टी के राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। ऐसे मामलों में किसी घटना की वास्तविक स्थिति, कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड तथा जांच के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

सपा और बसपा पर भी साधा निशाना
भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता का इन दलों से मोहभंग हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय सर्वजन पार्टी खुद को एक ऐसे राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है जो विभिन्न सामाजिक वर्गों को साथ लेकर चलने की बात करता है।
अशोक निषाद ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार की समस्या से परेशान हैं और किसान भी कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पिछड़ी जातियों के युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र सरकार की यूपीआई व्यवस्था से जुड़े नियमों में कथित बदलाव का भी उल्लेख किया गया है। अशोक निषाद ने इसे जनता के हितों से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, यूपीआई नियमों में किसी विशिष्ट बदलाव का विवरण प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दिया गया है, इसलिए इस दावे की अलग से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होगी। उन्होंने प्रदेश सरकार के नेतृत्व और उसकी नीतियों पर भी कड़ी राजनीतिक टिप्पणी की। यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव के राजनीतिक संदर्भ में दिया गया है।
सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का दावा
भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी सभी भाषा, क्षेत्र, संस्कृति और धर्म का सम्मान करने के साथ सुरक्षा और आर्थिक विकास की बात करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोटे उद्योग-धंधों, छोटे-बड़े दुकानदारों, किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों को अपने राजनीतिक एजेंडे में शामिल करना चाहती है।
उन्होंने पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्गों को साथ लेकर चलने की बात कही। पार्टी के अनुसार उसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना और आर्थिक विकास में सभी वर्गों की भूमिका सुनिश्चित करना है। अशोक निषाद ने कहा कि भारतीय सर्वजन पार्टी उत्तर प्रदेश में छोटे राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन की संभावना के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में छोटे दलों के गठबंधन की सरकार बनने की संभावना है। यह पार्टी अध्यक्ष का राजनीतिक दावा है; आगामी चुनाव में वास्तविक गठबंधन और चुनाव परिणाम चुनावी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

संगठन विस्तार पर पार्टी का जोर
भारतीय सर्वजन पार्टी की हालिया गतिविधियों में संगठन विस्तार का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। सितंबर 2026 में पार्टी ने सिद्धार्थनगर में दीपक कुमार निषाद को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की थी और उन्हें जिला कार्यसमिति गठित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले देवरिया में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और जनसमस्याओं से जुड़े आंदोलनों की खबरें भी प्रकाशित हुई हैं। जनवरी 2025 में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा था। उस समय अशोक निषाद ने युवाओं के रोजगार समेत कई मुद्दे उठाए थे। इन गतिविधियों को देखते हुए 18 सितंबर की प्रेस विज्ञप्ति में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सभी जिलों में प्रत्याशी उतारने की घोषणा को पार्टी की व्यापक संगठनात्मक तैयारी के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
युवा, किसान और रोजगार को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी
प्रेस विज्ञप्ति में युवा, किसान, मजदूर और रोजगार से जुड़े विषयों पर विशेष जोर दिया गया है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। किसान और मजदूर वर्ग की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नीतिगत कदम उठाने की आवश्यकता भी उन्होंने बताई। भारतीय सर्वजन पार्टी का कहना है कि छोटे उद्योग और स्थानीय कारोबार ग्रामीण तथा कस्बाई अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे में छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वाले लोगों और छोटे उद्योगों को आर्थिक सहयोग दिए जाने की आवश्यकता है। पार्टी की ओर से महिला वर्ग को भी संगठन और विकास की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदार बनाने की बात कही गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के बीच समान अवसर तथा सामाजिक भागीदारी बढ़ाने को पार्टी अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बता रही है।
राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के संकेत
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। भारतीय सर्वजन पार्टी भी अपने संगठन के विस्तार, पदाधिकारियों की नियुक्ति और संभावित चुनावी तैयारियों पर जोर दे रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सभी जिलों में प्रत्याशी उतारने की बात ऐसे समय सामने आई है जब राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं। भारतीय सर्वजन पार्टी के लिए अब जिला स्तर पर संगठन तैयार करना, संभावित प्रत्याशियों की पहचान करना और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच बनाना प्रमुख कार्य होंगे। पार्टी के बयान के अनुसार आगामी समय में विभिन्न जिलों में संगठनात्मक कार्यक्रमों को और गति दी जाएगी। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं को पार्टी के अभियान से जोड़ने की रणनीति पर काम किए जाने की बात कही गई है।
जनता के बीच मुद्दों को लेकर जाने का दावा
अशोक निषाद ने कहा कि भारतीय सर्वजन पार्टी जनता के बीच जाकर स्थानीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान की आवाज उठाने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, युवा, महिला, छोटे कारोबारी और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की समस्याओं को राजनीतिक विमर्श में प्रमुख स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी सामाजिक वर्गों के सम्मान और सुरक्षा की बात करती है तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सहयोगात्मक नीतियों की आवश्यकता महसूस करती है। पार्टी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि चुनावी राजनीति में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उनका कहना है कि पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ-बूथ जाकर संगठन को मजबूत करेंगे।
2027 के लिए आगे की रणनीति पर नजर
भारतीय सर्वजन पार्टी के इस बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी किन-किन विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशियों का चयन करती है और कितने जिलों में संगठनात्मक ढांचा तैयार कर पाती है। पार्टी ने सभी जिलों में प्रत्याशी उतारने की तैयारी का दावा किया है, लेकिन उम्मीदवारों के नाम और विधानसभा क्षेत्रवार सूची इस प्रेस विज्ञप्ति में जारी नहीं की गई है।
राजनीतिक दलों की चुनावी तैयारियों में संगठन, प्रत्याशी चयन, स्थानीय मुद्दे, गठबंधन और कार्यकर्ता नेटवर्क की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में भारतीय सर्वजन पार्टी के लिए आगामी महीनों में संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देना प्रमुख प्रक्रिया होगी।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |















