भगवान महाराजा गुहाराज निषाद जयंती समारोह २०८२ निषाद समाज का गौरव और सांस्कृतिक महापर्व

सियारी गाउँपालिका बहुउद्देशीय सभा हल, रुपन्देही में २०८२ चैत्र ०५ गते आयोजित भगवान महाराजा गुहाराज निषाद जयंती समारोह में धार्मिक अनुष्ठान, विचार गोष्ठी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान समारोह के माध्यम से निषाद समाज की गौरवशाली परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को उजागर किया जाएगा।

नेपाल, 21 मार्च 2026 | निषाद समाज की गौरवशाली परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सियारी गाउँपालिका के बहुउद्देशीय सभा हल में आगामी २०८२ चैत्र ०५ गते, सोमबार को “भगवान महाराजा गुहाराज निषाद जयंती समारोह” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री नेपाल निषाद परिषद, लुम्बिनी प्रदेश तथा श्री समयमाई निषाद समाज संघ सियारी-७, रुपन्देही के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस आयोजन में निषाद समाज के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ समाज को शिक्षा, संगठन और जागरूकता के मार्ग पर अग्रसर करने का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः ०८:०० बजे से होगी, जिसमें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, विचार गोष्ठी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान समारोह शामिल हैं।

कार्यक्रम के केंद्र में निषाद समाज के आराध्य और आदर्श व्यक्तित्वों को स्मरण किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वेद व्यास तथा महात्मा बुद्ध जैसे महान विभूतियों के योगदान को रेखांकित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इन महापुरुषों के आदर्श आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम हैं।साथ ही, निषाद समाज के भीतर विशेष सम्मान रखने वाले मच्छेन्द्रनाथ, एकलव्य और भगवान भोले शंकर के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाएगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज के आत्मगौरव को भी पुनर्स्थापित करने का प्रयास है। आयोजकों के अनुसार, “ज्ञान को दीप जलाकर निषाद समाज को आगे बढ़ाने” का संदेश इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। समाज के युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं द्वारा समाज में व्याप्त चुनौतियों जैसे अशिक्षा, बेरोजगारी और सामाजिक पिछड़ापन पर चर्चा कर समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। विशेष रूप से निषाद समाज के युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में समावेशी विकास की भावना को बल मिले। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण होंगे। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से निषाद समाज की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, समाज के प्रतिभाशाली छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा आयोजक समिति का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में एकता और पहचान को मजबूत करते हैं। “जय श्री राम” और “जय निषाद राज” जैसे उद्घोषों के साथ कार्यक्रम में एकजुटता और उत्साह का वातावरण देखने को मिलेगा।

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक संकल्प लिया जाएगा कि निषाद समाज शिक्षा, संगठन और सामाजिक उत्थान के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहेगा। आयोजकों ने सभी समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

यह समारोह न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह निषाद समाज के लिए आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है।

 

भगवान महाराजा गुहाराज निषाद जयंती समारोह

निषाद समाज के गौरव, ऐतिहासिक परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने एवं उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से भगवान महाराजा गुहाराज निषाद जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम समाज की एकता, धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरूकता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। कार्यक्रम का आयोजन इस बार विशेष रूप से सियारी गाउँपालिका बहुउद्देशीय सभा हल, रुपन्देही में किया जा रहा है, जहाँ समाज के सभी वर्गों के लोग एकत्रित होकर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनेंगे।

मिति और समय:
यह भव्य समारोह २०८२ चैत्र ०५ गते, सोमबार को सुबह ८:०० बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठान और समाज के आदर्शों के सम्मान से होगी। समय की नियोजन इस प्रकार किया गया है कि सभी उपस्थित लोग पूरी प्रक्रिया का लाभ उठा सकें और प्रत्येक कार्यक्रम में भाग लेकर सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश ग्रहण कर सकें।

आयोजक
इस कार्यक्रम का आयोजन श्री नेपाल निषाद परिषद, लुम्बिनी प्रदेश और श्री समयमाई निषाद समाज संघ सियारी-७, रुपन्देही के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजक समितियों का लक्ष्य है कि समाज के सभी वर्ग, विशेषकर युवा और महिलाएँ, इस आयोजन में सक्रिय भाग लें और समाज के समग्र विकास के लिए प्रेरित हों। इस जयंती समारोह में मुख्य आकर्षणों की सूची केवल नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक गतिविधि का उद्देश्य समाज में जागरूकता, सम्मान और सांस्कृतिक जागृति पैदा करना है। आयोजन में निम्नलिखित प्रमुख आकर्षण शामिल हैं

धार्मिक अनुष्ठान
समारोह की शुरुआत पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों से होगी। समाज के वरिष्ठ पंडित और धार्मिक गुरु मिलकर भगवान महाराजा गुहाराज निषाद और अन्य आदर्श व्यक्तित्वों की पूजा-अर्चना करेंगे। इस अवसर पर विशेष मंत्र उच्चारण, दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक गीतों का आयोजन होगा।
धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य केवल धार्मिक भावनाओं को जागृत करना नहीं है, बल्कि समाज में नैतिकता, आदर्श और आध्यात्मिक मूल्यों को भी पुनर्जीवित करना है। उपस्थित लोग इस अवसर पर सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से समाज की समृद्धि और युवाओं की सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

विचार गोष्ठी
धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस सत्र में समाज के वरिष्ठ व्यक्तित्व, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे।
विचार गोष्ठी का मुख्य विषय होगा

निषाद समाज की ऐतिहासिक भूमिका और गौरव
शिक्षा के महत्व और समाज में उसकी भूमिका
युवा और महिलाओं के लिए अवसर और मार्गदर्शन
सामाजिक समरसता और संगठन की आवश्यकता

इस गोष्ठी में उपस्थित लोग समाज के वर्तमान और भविष्य की दिशा पर चर्चा करेंगे। समाज के युवाओं को नेतृत्व, संगठन और सामुदायिक सेवा के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही, यह अवसर समाज के बीच संवाद और सहयोग के नए मार्ग भी खोलेगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम
जयंती समारोह का तीसरा प्रमुख आकर्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम है। इसमें निषाद समाज की समृद्ध लोककला और परंपरा को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होंगे:

पारंपरिक नृत्य और लोकगीत प्रस्तुतियाँ
बाल कलाकारों और युवाओं द्वारा मंचीय प्रदर्शन
समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक घटनाओं पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियाँ

सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की पहचान को उजागर करना, युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और सभी उपस्थित लोगों को मनोरंजन और शिक्षा का एक साथ अनुभव देना है।

सम्मान समारोह
समारोह के अंत में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में समाज के वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उनके योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा।
सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रेरणा का संचार करना और समाज के प्रत्येक सदस्य को यह संदेश देना है कि उनके प्रयास और योगदान समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह समारोह केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में शिक्षा, संगठन और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करने का एक प्लेटफ़ॉर्म है। आयोजक समितियाँ मानती हैं कि ऐसी गतिविधियाँ समाज में सकारात्मक सोच, आत्म-सम्मान और नेतृत्व क्षमता को विकसित करती हैं।कार्यक्रम में युवा वर्ग, महिलाएँ और वरिष्ठ नागरिक सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समाज का हर सदस्य अपने हिस्से का योगदान दे सके।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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