काठमांडू, नेपाल | नेपाल सरकार ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में और अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए युवाओं से संबंधित कानूनों में संशोधन तथा उन्हें एकीकृत करने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे विधेयक पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। युवा, श्रम तथा रोजगार मंत्री माननीय रामजी यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय युवा परिषद, नेपाल यूथ क्लब, यूथ एडवोकेसी नेपाल सहित युवा क्षेत्र में कार्यरत अनेक सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक का उद्देश्य केवल एक नया कानून तैयार करना नहीं था, बल्कि ऐसा आधुनिक, समावेशी और प्रभावी कानूनी ढांचा विकसित करना था जो बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं के अधिकारों, अवसरों, नेतृत्व क्षमता, रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक सहभागिता को मजबूत आधार प्रदान कर सके। सरकार का मानना है कि वर्तमान समय में युवाओं की भूमिका केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे नीति निर्माण, नवाचार, विज्ञान, तकनीक, सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक विकास के प्रमुख भागीदार हैं। ऐसे में एक सशक्त और व्यापक युवा कानून समय की मांग बन चुका है।

युवा कानून को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम
बैठक की अध्यक्षता करते हुए युवा, श्रम तथा रोजगार मंत्री रामजी यादव ने कहा कि नेपाल की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी शक्ति है और उनकी क्षमता का पूर्ण उपयोग तभी संभव है जब उन्हें मजबूत कानूनी संरक्षण और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान युवा कानूनों में समय के साथ कई बदलावों की आवश्यकता महसूस की गई है, इसलिए सरकार संशोधन और एकीकरण के माध्यम से ऐसा विधेयक तैयार कर रही है जो आने वाले वर्षों की चुनौतियों और संभावनाओं दोनों को ध्यान में रखे। मंत्री यादव ने कहा कि दुनिया के कई देशों ने युवाओं को नीति निर्माण, उद्यमिता, विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल नवाचार और सामाजिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका दी है। नेपाल भी इन सफल मॉडलों का अध्ययन कर रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को देश की परिस्थितियों के अनुरूप कानून में शामिल किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल द्वारा अतीत में युवाओं के हित में किए गए सकारात्मक कार्यों और नीतियों को भी नए कानून में समुचित स्थान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार युवाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया के सक्रिय भागीदार के रूप में देखती है। इसी सोच के साथ यह विधेयक तैयार किया जा रहा है ताकि युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का अधिकतम उपयोग राष्ट्र निर्माण में किया जा सके।

संगठनों ने रखे कई महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक में राष्ट्रीय युवा परिषद, नेपाल यूथ क्लब, यूथ एडवोकेसी नेपाल और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने युवाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज, शिक्षा, विज्ञान, खेल, संस्कृति, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवाओं के कार्यों का नियमित मूल्यांकन किया जाना चाहिए तथा उन्हें सम्मानित करने की स्पष्ट कानूनी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उनका मानना था कि इससे युवाओं में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वे राष्ट्र निर्माण में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि स्थानीय निकायों से लेकर संघीय स्तर तक निर्णय लेने वाली संस्थाओं में युवाओं की सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी प्रावधान बनाए जाएं। इसके साथ ही महिला युवाओं, दिव्यांग युवाओं, ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और पिछड़े समुदायों को विशेष अवसर देने की भी आवश्यकता बताई गई। संगठनों ने यह भी सुझाव दिया कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, नवाचार, स्वरोजगार, कौशल विकास, हरित अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों को भी नए कानून में शामिल किया जाए ताकि नेपाल के युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें।
वैश्विक अनुभवों को अपनाने की तैयारी
चर्चा के दौरान मंत्री रामजी यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल पारंपरिक कानून बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दुनिया के सफल अनुभवों का अध्ययन कर उन्हें नेपाल की परिस्थितियों के अनुरूप लागू करेगी। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में युवाओं को नवाचार, अनुसंधान, डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप, जलवायु परिवर्तन, कृषि आधुनिकीकरण और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में विशेष अवसर दिए जा रहे हैं। नेपाल भी ऐसी नीतियों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंत्री यादव ने कहा कि भविष्य का नेपाल युवाओं की सोच, ऊर्जा और नेतृत्व पर निर्भर करेगा। इसलिए सरकार ऐसा कानून बनाना चाहती है जो केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं बल्कि आने वाले दशकों की चुनौतियों का भी समाधान प्रस्तुत करे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों के सुझावों का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा और एक व्यापक, व्यवहारिक तथा दूरदर्शी कानून तैयार किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की रही महत्वपूर्ण भागीदारी
इस उच्चस्तरीय बैठक में मंत्रालय के सचिव दीपक काफले, पूर्व सचिव राम प्रसाद थपलिया, मंत्रालय के संयुक्त सचिव बाबूराम भंडारी, मनिता श्रेष्ठ, विदेशी रोजगार बोर्ड के संयुक्त सचिव चंद्र बहादुर शिवकोटी, त्रिभुवन विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर दीपेश घिमिरे, नेपाल लॉ कमीशन के उप सचिव जलेश्वर राम सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और नीति विशेषज्ञ उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि नया कानून केवल सैद्धांतिक दस्तावेज न होकर ऐसा व्यावहारिक कानून होना चाहिए जिसे देशभर में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना, बजट, निगरानी प्रणाली और जवाबदेही तंत्र भी आवश्यक होगा। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि युवाओं के लिए बनाए जाने वाले कार्यक्रमों का नियमित मूल्यांकन किया जाए और बदलती परिस्थितियों के अनुसार कानून में समय-समय पर आवश्यक संशोधन किए जाएं।
युवा कानून क्यों है जरूरी?
नेपाल में युवा आबादी देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग, खेल, सामाजिक सेवा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया—हर क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं को स्पष्ट कानूनी अधिकार, समान अवसर और नीति निर्माण में पर्याप्त स्थान मिलता है, तो देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिल सकती है। यही कारण है कि सरकार एक समग्र युवा कानून तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |