भारत, 06 अप्रैल 2026 | बाराबंकी जनपद के ख़ेवली देवा स्थित अंसरा पब्लिक स्कूल में रविवार, 5 अप्रैल 2026 को सृष्टि के रचयिता एवं सप्तऋषियों में श्रेष्ठ महर्षि कश्यप की जयंती एवं विद्यालय का वार्षिकोत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास, गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एक भव्य एवं आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी उन्नाव राम देव निषाद एवं इंजीनियर राम देव निषाद द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण व्याप्त हो गया। कार्यक्रम के दौरान महर्षि कश्यप के जीवन, उनके आदर्शों एवं समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

समारोह का प्रारंभ विधिवत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि राम देव निषाद ने अपने संबोधन में महर्षि कश्यप के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल किसी एक जाति या वर्ग के पूर्वज नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के कल्याण के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा, “महर्षि कश्यप द्वारा प्रतिपादित धर्म, नीति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने प्राचीन काल में थे। हमें उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाकर एक आदर्श समाज का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को अपने महान ऋषियों के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में सदर विधायक धर्मराज यादव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का माध्यम भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें अपने बच्चों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अपने महान ऋषियों और संस्कृति की समझ भी देनी चाहिए, तभी हम एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर पाएंगे। वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक एवं भाजपा नेता डॉ. विवेक वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि महर्षि कश्यप ने सद्भाव, एकता और मानवता का जो संदेश दिया था, वह आज के समय में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आपसी भाईचारे को बनाए रखने और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। महर्षि कश्यप के जीवन पर आधारित लघु नाटिका ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया, वहीं भजन, नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर उपस्थित अभिभावक एवं अतिथि अत्यंत प्रभावित हुए। विद्यालय के प्रधानाचार्य अंगद कुमार कश्यप ने कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इस अवसर पर भाजपा नेता पंकज गुप्ता पंकी, मन्नू लाल चौरसिया, पवन वर्मा, भगौती यादव, सुमन देवी, शिवम कश्यप, अंकित कश्यप, राजीव कुमार, जितेंद्र कुमार, श्यामू कश्यप, पतिराज कश्यप, प्रहलाद, धर्मेंद्र बांसा, संतोष कश्यप, अनुपम बाथम, संदीप कश्यप, अमित कश्यप, सुनील कश्यप, शेखर कश्यप, रतन कश्यप, सोनिका, समीरा बानो, काजल कश्यप, शालिनी, गुलफशा, संध्या, ममता, चांदनी, सुमित यादव, आशुतोष कश्यप सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ, अभिभावक एवं क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन उत्साह, उमंग और प्रेरणा के साथ हुआ। इस आयोजन ने न केवल महर्षि कश्यप के आदर्शों को जीवंत किया, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता का एक मजबूत संदेश भी दिया। अंसरा पब्लिक स्कूल में भव्य रूप से मनाई गई महर्षि कश्यप जयंती
बाराबंकी के ख़ेवली देवा स्थित अंसरा पब्लिक स्कूल में महर्षि कश्यप जयंती अत्यंत भव्य, गरिमामयी और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था, जिससे पूरे कार्यक्रम में एक उत्सव जैसा माहौल बना रहा। इस आयोजन में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली। सभी ने मिलकर इस पावन अवसर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया।
मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलन के साथ की गई, जो ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। दीप प्रज्वलन के साथ ही समारोह का औपचारिक उद्घाटन हुआ और पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। इसके पश्चात अतिथियों ने अपने प्रेरणादायक विचारों से उपस्थित जनसमूह, विशेषकर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
छात्रों द्वारा नाटिका, भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
समारोह का मुख्य आकर्षण विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। महर्षि कश्यप के जीवन पर आधारित लघु नाटिका ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया और उनके आदर्शों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इसके अलावा भजन, समूह नृत्य और गीतों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी जीवंत एवं मनोरंजक बना दिया। बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और प्रस्तुति शैली ने सभी का दिल जीत लिया।
अतिथियों ने शिक्षा, संस्कार और एकता का दिया संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के महत्व, अच्छे संस्कारों की आवश्यकता और समाज में एकता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण का आधार है। साथ ही, उन्होंने महर्षि कश्यप के आदर्शों को अपनाकर समाज में सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का सम्मान एवं आभार व्यक्त
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य अतिथियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
1. यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम बाराबंकी जनपद के ख़ेवली देवा स्थित अंसरा पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया था, जहाँ बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
2. यह आयोजन किस अवसर पर किया गया था?
यह आयोजन सृष्टि के रचयिता एवं सप्तऋषियों में श्रेष्ठ महर्षि कश्यप की जयंती एवं विद्यालय के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
3. कार्यक्रम का शुभारंभ कैसे हुआ?
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी उन्नाव राम देव निषाद एवं इंजीनियर राम देव निषाद द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
4. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौन थे?
मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी उन्नाव राम देव निषाद उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने विचारों से विद्यार्थियों और समाज को प्रेरित किया।
5. कार्यक्रम में किन-किन विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया?
कार्यक्रम में सदर विधायक धर्मराज यादव, डॉ. विवेक वर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि एवं क्षेत्र के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |