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गोरखपुर में धूमधाम से मनाई गई महाराज गुहाराज निषाद जयंती 2026 | निषाद युवा वाहिनी का भव्य आयोजन

भारत, 06 अप्रैल 2026 |गोरखपुर जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में 05 अप्रैल 2026 को निषाद समाज के आराध्य महाराज गुहाराज निषाद की जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन निषाद युवा वाहिनी के तत्वाधान में किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील चंद्र साहनी द्वारा की गई। कार्यक्रम…

भारत, 06 अप्रैल 2026 |गोरखपुर जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में 05 अप्रैल 2026 को निषाद समाज के आराध्य महाराज गुहाराज निषाद की जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन निषाद युवा वाहिनी के तत्वाधान में किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील चंद्र साहनी द्वारा की गई। कार्यक्रम में गोरखपुर सहित संत कबीर नगर और आसपास के जिलों से भारी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर महाराज गुहाराज निषाद के जीवन, संघर्ष और उनके आदर्शों को याद किया। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता, अधिकार और सम्मान की बातों को प्रमुखता से उठाया गया। उपस्थित लोगों ने सामाजिक उत्थान और संगठन की मजबूती पर जोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और महाराज गुहाराज निषाद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील चंद्र साहनी ने अपने संबोधन में कहा कि निषाद समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा और शिक्षा, संगठन एवं संघर्ष के मार्ग पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने समाज के युवाओं से एकजुट होकर अपने भविष्य को मजबूत बनाने की अपील की।

इस भव्य आयोजन में संत कबीर नगर से कसरावल कांड से जुड़े आन्दोलनकारी भी शामिल हुए, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए समाज में न्याय और अधिकारों की लड़ाई को जारी रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और एकता बनाए रखने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में रामअशीष निषाद, अनिल निषाद, पुरुषोत्तम निषाद, सूरज निषाद, राम शब्द निषाद, राज कुमार गौतम, कन्हैया लाल साहनी, प्रमोद कुमार, शिव प्रताप साहनी, सुमीत साहनी, नेबूलाल निषाद और सूरज निषाद शामिल रहे। इन सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज के विकास के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए।

वहीं कसरावल आन्दोलन से जुड़े गिरिजेश कुमार निषाद, विश्वनाथ निषाद, दिलीप निषाद, ओम प्रकाश निषाद, सजांची निषाद और राम मिलन निषाद भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज की एकता और अधिकारों के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

निषाद युवा वाहिनी के तत्वाधान में आयोजित यह कार्यक्रम समाज की एकजुटता और जागरूकता का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। कलेक्ट्रेट सभागार, गोरखपुर में आयोजित इस भव्य समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित हुए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निषाद समाज अपने इतिहास, संस्कृति और अधिकारों के प्रति लगातार सजग हो रहा है। कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील चंद्र साहनी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समाज को संगठित रहने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने अधिकारों के लिए सजग एवं सक्रिय रहने का संदेश दिया।

इस आयोजन की एक विशेष बात यह रही कि संत कबीर नगर से कसरावल कांड से जुड़े आन्दोलनकारी भी इसमें शामिल हुए। उनकी भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। उन्होंने अपने संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए समाज को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बार-बार इस बात पर जोर दिया गया कि जब तक समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक उसके अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है।

समारोह में उपस्थित वक्ताओं और अतिथियों ने समाज की एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में संगठित रहना ही सबसे बड़ी ताकत है, और इसी के माध्यम से समाज अपने हक और सम्मान को प्राप्त कर सकता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और जोश का माहौल बना रहा, और कलेक्ट्रेट सभागार में लोगों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण बनी कि निषाद समाज अब अपने अस्तित्व और अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक और सक्रिय है |

1.यह कार्यक्रम कब और कहाँ आयोजित किया गया?

यह कार्यक्रम 05 अप्रैल 2026 को गोरखपुर जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया।

2. कार्यक्रम का आयोजन किसके द्वारा किया गया था?

इस भव्य आयोजन का संचालन निषाद युवा वाहिनी के तत्वाधान में किया गया।

3. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे?

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राममिलन निषाद रहे।

4. यह कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित किया गया था?

यह कार्यक्रम निषाद समाज के आराध्य महाराज गुहाराज निषाद की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया।

5. कार्यक्रम में किन-किन क्षेत्रों से लोग शामिल हुए?

कार्यक्रम में गोरखपुर, संत कबीर नगर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।

6. कार्यक्रम की शुरुआत कैसे हुई?

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और महाराज गुहाराज निषाद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।

7. कार्यक्रम में क्या प्रमुख संदेश दिया गया?

कार्यक्रम में समाज की एकता, अधिकारों की रक्षा, शिक्षा और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

8. क्या किसी विशेष समूह की भागीदारी रही?

हाँ, संत कबीर नगर से कसरावल कांड से जुड़े आन्दोलनकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और अपने विचार साझा किए।

9. कार्यक्रम में किन प्रमुख लोगों की उपस्थिति रही?

कार्यक्रम में रामअशीष निषाद, अनिल निषाद, पुरुषोत्तम निषाद, सूरज निषाद, राम शब्द निषाद, राज कुमार गौतम, कन्हैया लाल साहनी, प्रमोद कुमार, शिव प्रताप साहनी, सुमीत साहनी, नेबूलाल निषाद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

10. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निषाद समाज को एकजुट करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सामाजिक उत्थान के लिए प्रेरित करना था।

11. कार्यक्रम के अंत में क्या निर्णय लिया गया?

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज की एकता और अधिकारों के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

12. इस आयोजन की खास बात क्या रही?

इस आयोजन की खास बात समाज की भारी भागीदारी, आन्दोलनकारियों की उपस्थिति और एकता एवं अधिकारों पर दिया गया विशेष जोर रहा।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

 

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