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छत्तीसगढ़ को मिला प्रधानमंत्री जनमन योजना का वरदान 100 पुलों के लिए 375.71 करोड़ की स्वीकृति

छत्तीसगढ़ कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राज्य को 100 पुलों के निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों हेतु 375.71 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि स्वीकृत की है। यह घोषणा केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं…

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राज्य को 100 पुलों के निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों हेतु 375.71 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि स्वीकृत की है। यह घोषणा केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की। उन्होंने यह राशि राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली में स्वीकृति पत्र सौंपकर प्रदान की।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। यह सहयोग छत्तीसगढ़ के ग्रामीण, दुर्गम और विशेष पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्र की प्रतिबद्धता का प्रतीक

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बताया कि यह स्वीकृति प्रधानमंत्री जनमन योजना (PM-JANMAN) बैच-II (2025-26) के तहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत 6,569.56 मीटर लंबाई के 100 पुलों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी अनुमानित लागत 375.71 करोड़ रुपये है। यह निर्णय न केवल राज्य में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विशेष रूप से पीवीटीजी (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदायों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगा।

अब तक की उपलब्धियाँ

इस नई स्वीकृति के साथ छत्तीसगढ़ को अब तक कुल 715 सड़कों (2,449.108 किलोमीटर) और 100 पुलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी दी जा चुकी है। यह परियोजनाएँ राज्य के सुदूरवर्ती गांवों और आदिवासी इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में एक प्रभावी कड़ी साबित होंगी। इससे इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और प्रशासनिक सुविधाओं की पहुंच बेहतर होगी।

सामाजिक-आर्थिक बदलाव की उम्मीद

श्री चौहान ने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण का जो सपना हम सब देख रहे हैं, उसकी मजबूत नींव इन पुलों और सड़कों के माध्यम से डाली जा रही है। यह सिर्फ निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक बदलाव की कहानी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल सड़क संपर्क बेहतर होगा, बल्कि रोजगार के अवसर, वाणिज्यिक गतिविधियाँ और शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में भी क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। इससे पीवीटीजी आबादी को देश की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक मजबूत आधार मिलेगा।

राज्य सरकार को फास्ट ट्रैक निर्माण का निर्देश

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से अपेक्षा व्यक्त की कि राज्य सरकार इन स्वीकृत परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ फास्ट ट्रैक मोड पर पूरा करे। उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास यह है कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे और वह भी समयबद्ध तरीके से।”

इसके अलावा, बैठक में राज्य के अन्य महत्त्वपूर्ण मुद्दों जैसे धान भंडारण के वैकल्पिक उपाय, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत नए मकानों की स्वीकृति, और ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए रणनीतियों पर चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ विकास 

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना (PM-JANMAN) बैच-II (2025-26) के अंतर्गत 375.71 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए गंभीर एवं प्रतिबद्ध है।

 कुल अनुमानित लंबाई 6,569.56 मीटर

स्वीकृत योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 100 नए पुलों के निर्माण की योजना बनाई गई है, जिनकी कुल लंबाई 6,569.56 मीटर होगी। यह पुल विशेष रूप से उन क्षेत्रों में बनाए जाएंगे जहाँ भौगोलिक स्थितियाँ कठिन हैं और आवागमन के लिए अब तक कोई सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं थी। ये पुल न केवल आवाजाही को सुगम बनाएंगे बल्कि स्थानीय जनता की सामाजिक और आर्थिक गतिशीलता को भी बढ़ावा देंगे।

 715 सड़कें (2449.108 किलोमीटर) और 100 पुल

यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में सड़क संपर्क को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इन सड़कों और पुलों के निर्माण से न केवल परिवहन सुविधा बढ़ेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह)

इस योजना का विशेष ध्यान पीवीटीजी (Particularly Vulnerable Tribal Groups) पर केंद्रित है, जो सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से सबसे अधिक पिछड़े समुदायों में गिने जाते हैं। इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह परियोजना एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगी। पुलों और सड़कों की बेहतर पहुंच उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, और सामाजिक सेवाओं तक पहुँचाने में मदद करेगी।

सामाजिक-आर्थिक समावेश और भौगोलिक संपर्क को बेहतर बनाना

यह योजना केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक समावेश को सुनिश्चित करना और भौगोलिक संपर्क को मजबूत बनाना है। सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों को शहरों, बाजारों और सेवाओं से जोड़कर पीवीटीजी और अन्य ग्रामीण समुदायों की जीवनशैली में सार्थक बदलाव लाया जाएगा। इससे उनका सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सक्रिय नागरिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी।

फास्ट ट्रैक मोड की अपेक्षा

केंद्रीय मंत्री द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि निर्माण कार्यों को फास्ट ट्रैक मोड पर पूरा किया जाए। इससे तात्पर्य यह है कि निर्धारित समयसीमा में कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करते हुए परियोजनाओं को त्वरित गति से पूरा किया जाए। इससे जनता को शीघ्र लाभ मिलेगा और विकास की प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी।

धान भंडारण, आवास योजना और पंचायत सशक्तिकरण

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के अन्य अहम विकास मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें प्रमुख विषय थे:

धान भंडारण के वैकल्पिक उपाय: राज्य में धान के सुचारु भंडारण हेतु नई रणनीतियों पर विचार किया गया जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री में सहूलियत हो सके।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना: योजना के अंतर्गत नए घरों की स्वीकृति हेतु सर्वेक्षण की प्रक्रिया और आवेदकों की प्राथमिकता तय करने के तरीकों पर बात हुई।

ग्राम पंचायत स्तर पर व्यवस्था की मजबूती: पंचायतों की प्रशासनिक क्षमता, वित्तीय स्वायत्तता और कार्यान्वयन कौशल को बेहतर बनाने के लिए ठोस नीतियाँ अपनाने पर चर्चा की गई।

Source :PIB | रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

Q1: पीएम जनमन योजना (PM-JANMAN) क्या है?

उत्तर: प्रधानमंत्री जनमन योजना (PM-JANMAN) एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से विकलांग, वंचित और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) की सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक रूप से मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके तहत सड़कों, पुलों, आवास, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएँ मुहैया कराई जाती हैं।

Q2: छत्तीसगढ़ को इस योजना के तहत क्या लाभ मिला है?

उत्तर: केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 375.71 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिसके अंतर्गत 100 नए पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 6,569.56 मीटर होगी। अब तक राज्य को कुल 715 सड़कें (2449.108 किमी) और 100 पुलों की मंजूरी दी जा चुकी है।

Q3: इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: योजना का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पीवीटीजी समुदायों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना, सामाजिक-आर्थिक समावेश को बढ़ाना, और दुर्गम क्षेत्रों को शेष भारत से जोड़ना है। यह समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।

Q4: पीवीटीजी (PVTG) कौन होते हैं और इन्हें प्राथमिकता क्यों दी गई है?

उत्तर: PVTG यानी Particularly Vulnerable Tribal Groups वे आदिवासी समुदाय हैं जो अत्यधिक पिछड़े होते हैं—इनकी आबादी कम, साक्षरता दर बहुत निम्न और जीवनयापन पारंपरिक तरीकों पर आधारित होता है। इन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि ये सबसे अधिक उपेक्षित वर्गों में आते हैं।

Q5: फास्ट ट्रैक मोड से क्या तात्पर्य है?

उत्तर: फास्ट ट्रैक मोड का मतलब है कि परियोजनाओं को तेजी से, समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। इससे न केवल जल्दी लाभ मिलेगा, बल्कि परियोजना की प्रभावशीलता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

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