पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हलियापुर के पास ट्रक से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त एंबुलेंस...
देवरिया। देश की सेवा के दौरान जान गंवाने वाले सेना के जवान का पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव लौट रही एंबुलेंस रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसे का शिकार हो गई। अयोध्या-सुल्तानपुर बॉर्डर के पास हलियापुर थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 79.6 के नजदीक तेज रफ्तार एंबुलेंस सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में एंबुलेंस चालक समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के गहिला गांव निवासी सेना के सुबेदार मेजर सत्यवान सिंह के बेटे गौरव सिंह, भाई राजन चौधरी, भतीजे राम समुझ और एंबुलेंस चालक जसपाल शामिल हैं। सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर भी इसी एंबुलेंस में था। हादसे की सूचना मिलते ही हलियापुर पुलिस और यूपीनेडा की टीम मौके पर पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में शव बुरी तरह फंसे होने के कारण गैस कटर की मदद से एंबुलेंस को काटकर उन्हें बाहर निकाला गया। पुलिस ने जवान के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक हलियापुर थाने में सुरक्षित रखवाया है, जबकि हादसे में मारे गए चारों लोगों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
पंचकूला से गांव लौट रहा था परिवार
रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के गहिला गांव निवासी सत्यवान सिंह पुत्र स्व. नरसिंह सिंह भारतीय सेना में सुबेदार मेजर के पद पर पंचकूला में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान उनके निधन की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया था। उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाने के लिए परिजन पंचकूला पहुंचे थे। शनिवार रात सत्यवान सिंह के भाई राजन चौधरी, बेटे गौरव सिंह और भतीजे राम समुझ सहित अन्य लोग एंबुलेंस से उनका पार्थिव शरीर लेकर गहिला के लिए रवाना हुए थे। परिवार को उम्मीद थी कि रातभर की यात्रा के बाद रविवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा और उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। लेकिन सुबह करीब 8:15 बजे हलियापुर थाना क्षेत्र में एंबुलेंस अनियंत्रित होकर खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में आगे बैठे लोगों और चालक को गंभीर चोटें आईं और चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
टक्कर के बाद एंबुलेंस का अगला हिस्सा पिचका
प्रत्यक्ष स्थिति के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। वाहन में फंसे लोगों को निकालना राहत टीम के लिए चुनौती बन गया। सूचना मिलने पर हलियापुर पुलिस और यूपीनेडा की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। एंबुलेंस के क्षतिग्रस्त हिस्से को गैस कटर से काटकर शवों को बाहर निकाला गया। चालक जसपाल का शव स्टेयरिंग के पास बुरी तरह फंसा था। काफी मशक्कत के बाद उसे भी बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, सेना के जवान सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को अलग से सुरक्षित रखवाया गया, ताकि सम्मानजनक तरीके से आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम
हादसे की खबर गहिला गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिवार पहले ही सत्यवान सिंह के निधन के सदमे में था। इसी बीच उनके बेटे, भाई और भतीजे की मौत की सूचना ने परिजनों को तोड़कर रख दिया। ग्रामीणों के लिए भी यह खबर बेहद दुखद रही। सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे लोगों को एक साथ चार मौतों की सूचना मिली। गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। परिवार के सामने अब एक साथ कई अपनों को अंतिम विदाई देने की स्थिति है। जिस यात्रा का उद्देश्य जवान के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ घर पहुंचाना था, वह परिवार के लिए एक और बड़ी त्रासदी में बदल गई।
तेज रफ्तार और झपकी की आशंका
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह एंबुलेंस की तेज रफ्तार और चालक को झपकी आने की आशंका बताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है। दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। हादसे के दौरान एंबुलेंस की स्थिति, सड़क किनारे खड़े ट्रक और अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
अंतिम संस्कार से पहले परिवार पर टूटा दूसरा पहाड़
सत्यवान सिंह के निधन के बाद उनका परिवार पहले ही गहरे सदमे में था। उनके पार्थिव शरीर को गांव लाने के दौरान हुए इस हादसे ने दुख को कई गुना बढ़ा दिया। परिवार के लिए सबसे मार्मिक स्थिति यह है कि जवान के अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच उनके बेटे, भाई और भतीजे की अर्थियां भी उठेंगी। घटना की सूचना के बाद गहिला गांव ही नहीं, बल्कि पूरे रुद्रपुर क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों और परिचितों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और जवान के पार्थिव शरीर को गांव पहुंचाए जाने पर है।
Report : Koto News Network