इलाहाबाद। जस्टिस मोर्चा की ओर से निकाली जा रही जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा शुक्रवार को अपने 30वें दिन इलाहाबाद पहुंची। जस्टिस मोर्चा की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यात्रा जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर से आगे बढ़ते हुए इलाहाबाद जिले के अंदावां पहुंची। यह यात्रा 20 अगस्त 2026 को गोरखपुर के चौरी चौरा से शुरू हुई थी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाप्त होने का कार्यक्रम है।
यात्रा के दौरान युवाओं और स्थानीय लोगों से शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, सरकारी भर्तियों और समान अवसर जैसे विषयों पर संवाद किया जा रहा है। जस्टिस मोर्चा का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य युवाओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और मांगों को सामने लाना तथा शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े सवालों को व्यापक स्तर पर उठाना है।
इलाहाबाद जिले के प्रवेश द्वार पर कांग्रेस पार्टी के गंगापार जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा पांडेयपुर और फूलपुर में आयोजित नुक्कड़ सभाओं से होते हुए अंदावां पहुंची। इन कार्यक्रमों में युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा के आयोजकों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं। यात्रा में शामिल लोग इन मुद्दों को अलग-अलग जिलों में स्थानीय युवाओं के सामने रख रहे हैं और उनकी समस्याओं को सुनने का प्रयास कर रहे हैं।
30वें दिन इलाहाबाद पहुंची यात्रा
जस्टिस मोर्चा के मुताबिक जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा का यह 30वां दिन रहा। यात्रा जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर से रवाना होकर इलाहाबाद जिले में दाखिल हुई। जिले की सीमा पर कांग्रेस पार्टी के गंगापार जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा पांडेयपुर और फूलपुर पहुंची, जहां नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं और लोगों से संवाद किया गया। आयोजकों के अनुसार इन सभाओं में शिक्षा, रोजगार, सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और समान अवसर जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। यात्रा के आयोजकों का कहना है कि अलग-अलग जिलों में युवाओं की समस्याओं को समझने के लिए सीधे संवाद का रास्ता अपनाया जा रहा है। उनका दावा है कि ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं के बीच सरकारी नौकरी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। यात्रा का कार्यक्रम 2 अक्टूबर को लखनऊ में समाप्त होना प्रस्तावित है। समापन कार्यक्रम में यात्रा के दौरान उठाए गए मुद्दों और मांगों को व्यापक स्तर पर रखने की बात जस्टिस मोर्चा की ओर से कही गई है।
सरकारी भर्तियों और परीक्षा व्यवस्था
जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा के दौरान सरकारी भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था प्रमुख मुद्दों में शामिल है। जस्टिस मोर्चा की ओर से नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने और परीक्षाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर आयोजित कराने की मांग की जा रही है। मोर्चे का कहना है कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए। लंबित भर्तियों को तत्काल पूरा करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी यात्रा के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। जस्टिस मोर्चा ने परीक्षाओं में लागू नॉर्मलाइजेशन व्यवस्था को समाप्त करने की मांग रखी है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के लिए वेटिंग लिस्ट और स्कोरकार्ड की व्यवस्था लागू करने की मांग भी की जा रही है। यात्रा के दौरान आयोजकों की ओर से युवाओं के बीच यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया स्पष्ट, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता कम करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की जा रही है।
NTA, NEP और संविदा नौकरियों पर मांगें
जस्टिस मोर्चा की मांगों का दायरा केवल सरकारी भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यात्रा के दौरान NTA को समाप्त करने और NEP 2020 को वापस लेने की मांग भी उठाई जा रही है। मोर्चे ने संविदा नौकरियों की व्यवस्था समाप्त करने तथा समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को स्थायी और समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण की मांग भी यात्रा में शामिल है। इसके अलावा शोधार्थियों के लिए समान फेलोशिप की व्यवस्था की मांग रखी गई है। जस्टिस मोर्चा ने पेपर लीक के खिलाफ आंदोलनों में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि परीक्षा और भर्ती से जुड़े मामलों में युवाओं की शिकायतों और विरोध को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इन मांगों को लेकर यात्रा में शामिल लोग विभिन्न स्थानों पर युवाओं से संवाद कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों को केवल परीक्षा या नौकरी तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इन्हें युवाओं के भविष्य और समान अवसर से जोड़कर समझने की आवश्यकता है।
गांव-कस्बों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचने का दावा
जस्टिस मोर्चा का कहना है कि जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा का उद्देश्य केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करना है। संगठन के अनुसार यात्रा गांवों, कस्बों और विश्वविद्यालयों तक शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक भविष्य से जुड़े सवालों को पहुंचाने का प्रयास कर रही है। यात्रा के दौरान नुक्कड़ सभाओं और स्थानीय संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की समस्याओं को सामने लाने की कोशिश की जा रही है। जस्टिस मोर्चा का कहना है कि युवाओं के सामने शिक्षा और रोजगार से जुड़े अनेक सवाल हैं। सरकारी भर्तियों में देरी, परीक्षा प्रक्रिया, पेपर लीक, परिणाम और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दे युवाओं के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। संगठन के अनुसार इन विषयों पर युवाओं की राय और अनुभवों को एकत्रित कर व्यापक स्तर पर उठाने का प्रयास किया जा रहा है। 2 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित समापन कार्यक्रम में यात्रा के दौरान सामने आई मांगों को एक साथ रखने की बात कही गई है।
पांडेयपुर और फूलपुर में हुई नुक्कड़ सभाएं
इलाहाबाद पहुंचने से पहले यात्रा से जुड़े लोगों ने पांडेयपुर और फूलपुर में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया। इन सभाओं में स्थानीय लोगों और युवाओं के साथ शिक्षा तथा रोजगार से संबंधित विषयों पर बातचीत की गई। आयोजकों के मुताबिक नुक्कड़ सभाओं का उद्देश्य बड़ी सभाओं के बजाय छोटे समूहों में लोगों से सीधे संवाद करना है। ऐसे कार्यक्रमों में युवा अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और भर्ती परीक्षाओं तथा शिक्षा व्यवस्था से संबंधित अपनी समस्याओं को सामने रख सकते हैं। जस्टिस मोर्चा की ओर से बताया गया कि यात्रा के दौरान युवाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। संगठन का दावा है कि अलग-अलग जिलों में यात्रा को लेकर युवाओं और स्थानीय लोगों से संवाद का सिलसिला जारी है।
भर्ती कैलेंडर और समयबद्ध परीक्षा की मांग
जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा में नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग को प्रमुखता दी जा रही है। जस्टिस मोर्चा का कहना है कि अभ्यर्थियों को पहले से यह जानकारी मिलनी चाहिए कि विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी और परीक्षा कब आयोजित की जाएगी। संगठन के अनुसार समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अपनी पढ़ाई की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही लंबित भर्तियों को पूरा करने और रिक्त सरकारी पदों को भरने की मांग की जा रही है। मोर्चे का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा प्रभाव उन युवाओं पर पड़ता है जो लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
परीक्षा पारदर्शिता और पेपर लीक का मुद्दा
यात्रा में परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता भी एक प्रमुख विषय है। जस्टिस मोर्चा ने परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। पेपर लीक के खिलाफ आंदोलनों में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी प्रेस विज्ञप्ति में शामिल है। मोर्चे का कहना है कि परीक्षा संबंधी शिकायतों को लेकर युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए। नॉर्मलाइजेशन व्यवस्था समाप्त करने तथा अभ्यर्थियों को स्कोरकार्ड और वेटिंग लिस्ट उपलब्ध कराने की मांग भी इसी व्यापक परीक्षा सुधार एजेंडे का हिस्सा है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
जस्टिस मोर्चा ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार को भी यात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है। संगठन का कहना है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों को बेहतर सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर के साथ मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण की मांग रखी गई है। संगठन का तर्क है कि शिक्षा आम परिवारों की पहुंच में रहनी चाहिए और फीस से संबंधित व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए। शोधार्थियों के लिए समान फेलोशिप की मांग भी की जा रही है। मोर्चे के अनुसार उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
2 अक्टूबर को लखनऊ में होगा समापन
जस्टिस मोर्चा के अनुसार जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा का समापन 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में होगा। समापन कार्यक्रम में यात्रा के दौरान उठाए गए शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर रखने की योजना है। संगठन का कहना है कि यात्रा के दौरान युवाओं के बीच उठाए गए सवालों को एकत्रित कर उन्हें समापन कार्यक्रम में प्रस्तुत किया जाएगा। यात्रा के आयोजकों के अनुसार यह अभियान युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास है। यात्रा का अंतिम चरण पूरा होने के बाद संगठन की ओर से आगे की गतिविधियों को लेकर भी निर्णय लिए जाने की संभावना जताई गई है।
यात्रा में शामिल रहे ये लोग
जस्टिस मोर्चा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इलाहाबाद पहुंची यात्रा में वसीम अंसारी, विवेक गोंड, राघव ठाकुर, सुमित जायसवाल, रजत सिंह, शशि “समद”, नीरज रेहान, विवेक मिश्र, प्रियेश, अवनीश चौरसिया, राजू कुमार और अभिजीत यादव सहित अन्य लोग शामिल रहे। संगठन के अनुसार यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय स्तर के लोग और युवा भी संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
युवाओं से सीधे संवाद
जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा का एक प्रमुख पहलू युवाओं से सीधा संवाद बताया गया है। आयोजकों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर केवल नीतिगत चर्चा के बजाय उन युवाओं की बात भी सामने आनी चाहिए जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं या रोजगार की तलाश में हैं। इसी उद्देश्य से यात्रा के दौरान नुक्कड़ सभाओं और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जस्टिस मोर्चा का कहना है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझकर उन्हें एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

