Site icon Koto News

हैदराबाद मुक्ति दिवस 2025 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का ऐतिहासिक भाषण भारत की सशक्त सुरक्षा नीति का महत्व

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | हैदराबाद। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 17 सितंबर, 2025 को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भव्य हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह के दौरान देश की सुरक्षा नीति, सशस्त्र बलों की भूमिका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का धैर्य उसकी ताकत है, कमजोराई नहीं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए श्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर, 2016 का सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “जब संवाद से समाधान नहीं निकलता है, तो भारत कठोर शक्ति का रास्ता अपनाने में पीछे नहीं हटता। ये सारे ऑपरेशन भारत की संप्रभुता और एकता की रक्षा का प्रमाण हैं। रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में उल्लेख किया कि 2016 के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर उनके मंसूबों को असफल किया। श्री सिंह ने कहा, “जहां पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या धर्म के आधार पर की गई थी, वहीं भारतीय सशस्त्र बलों ने अपने कर्म के आधार पर आतंकवादियों का सफाया किया।” उन्होंने इस ऑपरेशन की सफलता में सशस्त्र बलों के पराक्रम और समर्पण को श्रेय दिया और दोहराया कि ऑपरेशन फिलहाल स्थगित है, परंतु आवश्यकता पड़ने पर पुनः सक्रिय कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने इस दौरान संघर्ष विराम पर किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को पूरी तरह अस्वीकार किया था।

श्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य केवल संवाद के माध्यम से ही नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति को करारा जवाब देना है जो शांति और सद्भावना की भाषा नहीं समझता। उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक विकास को भी सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने हैदराबाद मुक्ति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के जन्मदिन का उल्लेख करते हुए कहा, “सरदार वल्लभभाई पटेल की तरह ही प्रधानमंत्री मोदी भी देश को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए अथक प्रयासरत हैं। रक्षा मंत्री श्री सिंह ने ऑपरेशन पोलो का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि सरदार पटेल का एक निर्णायक कदम था जिसने रजाकारों की साजिश को विफल कर हैदराबाद को भारत में पुनः सम्मिलित किया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन पोलो ने दिखा दिया कि भारत की एकता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। आज के समय में भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और उसके एजेंटों की हर साजिश विफल हो रही है।”

उन्होंने देशवासियों को यह विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना हर हाल में देश की अखंडता, संप्रभुता और सांस्कृतिक विविधता की रक्षा में कटिबद्ध है। श्री राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि आज भारत वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर राष्ट्र बनकर उभरा है, जो किसी भी बाहरी प्रभाव में नहीं चलता, बल्कि अपनी पटकथा खुद लिखता है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय संचार ब्यूरो, हैदराबाद द्वारा आयोजित हैदराबाद मुक्ति दिवस फोटो प्रदर्शनी का भी दौरा किया। इस प्रदर्शनी में हैदराबाद मुक्ति संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक तस्वीरें और दस्तावेज प्रदर्शित किए गए थे, जिन्होंने उपस्थित जनमानस को एक गौरवशाली इतिहास की याद दिलाई। कार्यक्रम के अंत में श्री सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे देश के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक एकीकरण में सक्रिय रूप से योगदान दें और आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाएं।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह का उद्घाटन भाषण: भारत की सशक्त रक्षा नीति का महत्व

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह के दौरान अपने गहन भाषण में ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल स्ट्राइक (2016) और बालाकोट एयर स्ट्राइक (2019) का विस्तार से उल्लेख करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों की अद्वितीय क्षमता और पराक्रम को उजागर किया। उन्होंने बताया कि ये अभियान न केवल आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम थे, बल्कि भारत की रक्षा नीति की स्पष्ट मिसाल भी हैं। श्री सिंह ने कहा, “भारत का धैर्य उसकी ताकत है, कमजोराई नहीं। हम तब तक संवाद के माध्यम से समाधान की कोशिश करते हैं, जब तक यह संभव नहीं हो जाता। लेकिन अगर कोई आतंकवादी गतिविधि हमारी संप्रभुता पर आघात करती है, तो भारतीय सेना हर बार कड़ा जवाब देने में पीछे नहीं रहती।” उन्होंने विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि किस प्रकार भारतीय सैनिकों ने साहस और रणनीति का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत किया और आतंकवादियों को उनके ठिकानों पर पहुंच कर नष्ट किया।

इन अभियानों की सफलता को देश की सुरक्षा नीति में मजबूती के रूप में प्रस्तुत करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के पास न केवल रणनीतिक समझ है, बल्कि हर स्थिति में समय रहते निर्णायक कदम उठाने की क्षमता भी मौजूद है। उनके अनुसार, यह नीति आतंकवादियों को यह संदेश देती है कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग और तत्पर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के आत्मनिर्भर और मजबूत भारत बनने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता, और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी एक साथ सशक्त करना है। श्री सिंह ने कहा, “आज भारत का हर नागरिक इस बदलाव की गवाह है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाएं न केवल देश को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि हर क्षेत्र में भारत की स्वायत्तता को भी बढ़ावा दे रही हैं।” उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता और नीति निर्धारण को दिया, जो एक नए भारत के निर्माण का आधार बन रही हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा। श्री सिंह के अनुसार, यह विकास केवल कागजों पर नहीं, बल्कि देशवासियों के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज किसी के निर्देश पर नहीं चलता, बल्कि अपनी स्वतंत्र सोच और सामूहिक परिश्रम से अपनी नई दिशा खुद निर्धारित करता है।

ऑपरेशन पोलो: एक गौरवशाली ऐतिहासिक अध्याय

श्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में ऑपरेशन पोलो का भी उल्लेख करते हुए इसे भारतीय एकता के लिए एक निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने रजाकारों की साजिश को नाकाम करते हुए हैदराबाद को भारत में सम्मिलित किया था। उन्होंने कहा, “यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह भारत के अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की लड़ाई थी।” श्री सिंह ने इसे एक ऐतिहासिक घटना बताया जिसने विश्व को यह प्रमाणित कर दिया कि भारत की एकता और उसकी विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन पोलो ने केवल हैदराबाद को भारत में लाने का कार्य नहीं किया, बल्कि उस समय की सामरिक चुनौतियों का भी समाधान प्रस्तुत किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस तरह 1948 में रजाकारों की साजिश नाकाम हुई थी, उसी तरह आज पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और उसके एजेंट लगातार विफल हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय सशस्त्र बल हर प्रकार की चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं और देश की अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से समारोह की भव्यता में इजाफा

हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने भी अपने विचार व्यक्त किए और भारत के सामूहिक इतिहास की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि देश की एकता, अखंडता और संस्कृति को बनाए रखने के लिए हर नागरिक का योगदान अनिवार्य है। कार्यक्रम में एकजुटता, राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

हैदराबाद मुक्ति दिवस फोटो प्रदर्शनी: अतीत की स्मृतियों का संग्राहलय

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण था – हैदराबाद मुक्ति दिवस फोटो प्रदर्शनी, जिसे केंद्रीय संचार ब्यूरो, हैदराबाद द्वारा आयोजित किया गया। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें हैदराबाद के भारत में विलय के ऐतिहासिक क्षणों की तस्वीरें, दस्तावेज और रिपोर्टें प्रदर्शित की गईं। यह प्रदर्शनी देशवासियों को उनके गौरवशाली अतीत से जोड़ने का माध्यम बनी। श्री सिंह ने कहा कि यह प्रदर्शनी सिर्फ ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उन संघर्षों की गवाही है, जिनके बल पर आज हमारा भारत सुरक्षित और सशक्त बना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इन ऐतिहासिक तथ्यों को संजोकर अपनी आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाएं।

Source : PIB | रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) 

Exit mobile version