नेपाल, 31 जनवरी 2026 | नेपाल के लुंबिनी प्रदेश अंतर्गत जिला नवलपरासी के क्षेत्र नंबर–2 में आगामी संसदीय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जनमत पार्टी से सांसद पद के उम्मीदवार जीवन साहानी के पक्ष में जनसमर्थन लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। इसी क्रम में नेपाल निषाद परिषद के 12 जिलों से आए प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में पहुंचकर जीवन साहानी के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क और प्रचार अभियान चलाया। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे जीवन साहानी को भारी मतों से विजयी बनाकर संसद में भेजें, ताकि वंचित, पिछड़े और निषाद समाज की आवाज़ को केंद्र तक मजबूती से पहुंचाया जा सके।

जनमत पार्टी ने इस बार क्षेत्र नंबर–2 से जीवन साहानी को उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। जीवन साहानी लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं और विशेष रूप से निषाद समाज, मछुआ समुदाय, पिछड़े वर्ग और गरीब तबके के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। नेपाल निषाद परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने नवलपरासी पहुंचकर विभिन्न गांवों, कस्बों और बाजार क्षेत्रों में जनसभाएं, नुक्कड़ बैठकें और घर-घर संपर्क अभियान चलाया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि जीवन साहानी केवल एक उम्मीदवार नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक उम्मीद हैं।
नेपाल निषाद परिषद के आए प्रतिनिधियों ने एक स्वर में जीवन साहानी के समर्थन का ऐलान किया। परिषद के नेताओं ने कहा कि वर्षों से निषाद समाज राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहा है, लेकिन जीवन साहानी जैसे जमीनी नेता के नेतृत्व में अब बदलाव संभव है। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र नंबर–2 के मतदाताओं से अपील की कि वे जाति, वर्ग और क्षेत्र से ऊपर उठकर विकास, समानता और न्याय के लिए मतदान करें।
प्रचार अभियान के दौरान जीवन साहानी ने कहा कि यदि उन्हें संसद में पहुंचने का अवसर मिलता है, तो वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई, मछुआ अधिकार, आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि नवलपरासी और लुंबिनी प्रदेश की समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है। “यह चुनाव केवल सांसद चुनने का नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का चुनाव है,” उन्होंने कहा। जीवन साहानी ने भरोसा दिलाया कि वे क्षेत्र नंबर–2 के हर नागरिक की आवाज़ बनेंगे और संसद में मजबूती से क्षेत्र की बात रखेंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बिजी बाजार, ग्रामीण चौपालों और सार्वजनिक बैठकों में मतदाताओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि जनमत पार्टी ही वह राजनीतिक मंच है, जो आम जनता की समस्याओं को संसद तक पहुंचाने का माद्दा रखता है। लोगों से आग्रह किया गया कि वे भारी संख्या में मतदान कर जीवन साहानी को विजयी बनाएं। स्थानीय नागरिकों में भी उत्साह देखा गया और कई जगहों पर लोगों ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निषाद परिषद का यह समर्थन जीवन साहानी की स्थिति को और मजबूत करेगा।
कौन हैं जीवन साहानी
जनमत पार्टी से सांसद पद के उम्मीदवार जीवन साहानी एक ऐसे जमीनी नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं, जिन्होंने सामाजिक संघर्ष, जनसेवा और वंचित वर्गों की आवाज़ को मजबूती देने के लिए लगातार काम किया है। वे केवल एक राजनीतिक चेहरा नहीं, बल्कि निषाद समाज, मछुआ समुदाय और पिछड़े वर्ग के उन लाखों लोगों की उम्मीद हैं, जो वर्षों से न्याय, सम्मान और समान अवसर की मांग कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यों से राजनीति तक का सफर
जीवन साहानी का सामाजिक जीवन प्रारंभ से ही जनसेवा से जुड़ा रहा है। उन्होंने शिक्षा से वंचित बच्चों, बेरोजगार युवाओं और हाशिए पर खड़े समुदायों के लिए कई स्तरों पर काम किया है। स्थानीय स्तर पर स्कूलों, स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। सामाजिक मुद्दों को लेकर उनका स्पष्ट और निर्भीक रुख उन्हें आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाता है।
निषाद समाज और पिछड़े वर्ग के लोकप्रिय नेता
निषाद समाज लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहा है। जीवन साहानी ने इस समाज के अधिकारों के लिए निरंतर आवाज़ उठाई है। मछुआ समुदाय के पारंपरिक पेशे, जल संसाधनों पर अधिकार और सरकारी योजनाओं में हिस्सेदारी जैसे मुद्दों पर उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है। यही कारण है कि निषाद समाज के साथ-साथ अन्य पिछड़े वर्गों में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
शिक्षा: विकास की पहली सीढ़ी
जीवन साहानी मानते हैं कि शिक्षा ही किसी भी समाज के विकास की बुनियाद होती है। उनका स्पष्ट एजेंडा है कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जाए। स्कूलों की स्थिति सुधारना, गरीब बच्चों को छात्रवृत्ति, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना उनके प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।
स्वास्थ्य: हर नागरिक का अधिकार
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को वे क्षेत्र की एक गंभीर समस्या मानते हैं। जीवन साहानी का मानना है कि इलाज किसी की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होना चाहिए। वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता और मुफ्त स्वास्थ्य जांच जैसी योजनाओं पर जोर देते हैं।
रोजगार: युवाओं के भविष्य की कुंजी
युवाओं के लिए रोजगार जीवन साहानी के एजेंडे का केंद्रीय विषय है। वे मानते हैं कि बेरोजगारी केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक अस्थिरता का कारण भी है। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, स्वरोजगार को बढ़ावा, मछुआ समुदाय और ग्रामीण युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण योजनाएं उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
प्रमुख मांगें और राजनीतिक दृष्टिकोण
1. निषाद समाज के अधिकारों की रक्षा
जीवन साहानी का स्पष्ट मत है कि निषाद समाज को उसका संवैधानिक और सामाजिक अधिकार मिलना चाहिए। आरक्षण, सरकारी योजनाओं में भागीदारी और सामाजिक सम्मान की लड़ाई वे संसद तक ले जाने का संकल्प रखते हैं।
2. मछुआ समुदाय के लिए विशेष नीति
मछुआ समुदाय के पारंपरिक पेशे को सुरक्षित करने के लिए वे एक विशेष नीति की मांग करते हैं। जल संसाधनों पर अधिकार, आधुनिक उपकरण, बीमा और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
3. युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास केंद्र, स्टार्ट-अप सहयोग और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना उनके विजन का हिस्सा है।
4. क्षेत्रीय विकास और बुनियादी सुविधाएं
सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना जीवन साहानी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका मानना है कि बिना बुनियादी ढांचे के कोई भी क्षेत्र आगे नहीं बढ़ सकता।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |