प्रयागराज, 27 अगस्त 2026। अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास द्वारा कथित तौर पर निषाद समाज से जुड़े लोगों और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक एवं अमर्यादित शब्दों के प्रयोग किए जाने के आरोप को लेकर निषाद समाज के लोगों में नाराजगी सामने आई है। गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर दीप निषाद के नेतृत्व में समाज के लोगों ने जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि 24 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन (डीडी न्यूज़) पर प्रसारित एक डिबेट के दौरान महंत राजू दास ने मथुरा निवासी एवं कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता श्री कुँवर जी निषाद तथा निषाद समाज की माताओं और बहनों को लेकर कथित रूप से अशोभनीय एवं अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। पत्र में कहा गया है कि इस कथित टिप्पणी से निषाद समाज में भारी आक्रोश है।
शिकायतकर्ताओं ने अपने पत्र में कहा कि सार्वजनिक मंच और राष्ट्रीय समाचार चैनल पर किसी भी समाज अथवा उसकी महिलाओं के प्रति कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना गंभीर विषय है। उनका कहना है कि महिलाओं के सम्मान का प्रश्न किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज से जुड़ा विषय है। राष्ट्रीय अपना दल से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि महंत राजू दास की कथित टिप्पणी से निषाद समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत में प्रशासन और सरकार से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायती पत्र में यह भी कहा गया है कि धार्मिक पहचान और सार्वजनिक जिम्मेदारी रखने वाले किसी व्यक्ति से समाज के प्रति मर्यादित भाषा एवं व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। शिकायतकर्ताओं ने कथित टिप्पणी को सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक मर्यादा के लिहाज से गंभीर बताया है।
ज्ञापन देने पहुंचे लोगों का कहना था कि विवादित बयान को लेकर निषाद समाज में काफी समय से नाराजगी है। उनका आरोप है कि कथित टिप्पणी केवल निषाद समाज से जुड़े व्यक्तियों के सम्मान का विषय नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा से भी जुड़ा मामला है। शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोष निर्धारित होने की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक बहस के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि राजनीतिक या सामाजिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत अथवा समुदाय विशेष के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता। हालांकि, महंत राजू दास की ओर से इस शिकायती पत्र और लगाए गए आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया इस ज्ञापन में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कथित टिप्पणी के वास्तविक शब्दों और पूरे डिबेट के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना आवश्यक है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि महंत राजू दास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है तो निषाद समाज राष्ट्रीय अपना दल के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगा। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि संभावित आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों ने प्रशासन से किसी भी प्रकार के टकराव के बजाय कानून के दायरे में रहकर मामले का समाधान किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि शिकायत पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई होने से समाज में व्याप्त नाराजगी को शांत किया जा सकता है। राष्ट्रीय अपना दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक या सामाजिक व्यक्ति का अपमान करना नहीं, बल्कि कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराना है। इस दौरान लोगों ने प्रशासन से मांग की कि शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और संबंधित वीडियो, डिबेट के रिकॉर्ड तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जाए।
ज्ञापन देने वालों में स्वामी जयंत योगी जी महाराज, एडवोकेट सोनम निषाद, मोहित निषाद पत्रकार, पूर्व पार्षद रंजीव निषाद, एडवोकेट सुबोध गोस्वामी, एडवोकेट प्रसून गोस्वामी, सुशील दूबे, एडवोकेट आकाश गोस्वामी, श्रवण कुमार निषाद, शम्मी निषाद, शुभम निषाद, ध्रुव निषाद, अतियुक्ष निषाद, लवकुश निषाद, एडवोकेट अभिमन्यु निषाद, एडवोकेट शिवेन्द्र श्रीवास्तव, एडवोकेट आदित्य गोस्वामी, बृजभान गोस्वामी, एडवोकेट अमरकीर्ती निषाद, विक्रमादित्य निषाद, पंकज श्रीवास्तव, पवन बिन्द और चांदनी निषाद सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन में कहा गया है कि सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में समाज की ओर से प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति और मांग रखी गई। शिकायतकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियों के रुख पर निर्भर करेगी। यदि शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होती है या जांच शुरू की जाती है, तो मामले की अगली स्थिति सामने आ सकेगी। वहीं, आरोपों पर महंत राजू दास या उनके प्रतिनिधि का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद खबर को और स्पष्टता मिल सकती है।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

