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नेपाल: विदेशी रोजगार श्रमिकों की बीमा व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का जोर, मंत्री रामजी यादव ने की उच्चस्तरीय बैठक

काठमांडू में युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विदेशी रोजगार क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बीमा व्यवस्था, क्लेम भुगतान प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की।

काठमांडू में युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव की अध्यक्षता में विदेशी रोजगार क्षेत्र के श्रमिकों की बीमा व्यवस्था, क्लेम भुगतान और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक।

काठमांडू। नेपाल सरकार के युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने विदेशी रोजगार (फॉरेन एम्प्लॉयमेंट) क्षेत्र में कार्यरत नेपाली श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। आषाढ़ 29 (सोमवार) को आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव ने की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विदेश जाने वाले श्रमिकों के लिए उपलब्ध बीमा योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना था। इसके साथ ही बीमा दावों के भुगतान (क्लेम सेटलमेंट), सेवा वितरण प्रणाली, स्वास्थ्य सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, मृत्यु लाभ, पारिवारिक सहायता तथा डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने माना कि विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले हजारों नेपाली श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना सरकार और निजी क्षेत्र की साझा जिम्मेदारी है।


विदेशी रोजगार में बीमा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष 

बैठक के दौरान मंत्री रामजी यादव ने कहा कि विदेशी रोजगार नेपाल की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। प्रतिवर्ष लाखों नेपाली नागरिक विभिन्न देशों में रोजगार के लिए जाते हैं और वहां से भेजी जाने वाली धनराशि (रेमिटेंस) देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि जब श्रमिक विदेशों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं तो उनकी सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से बीमा व्यवस्था को समय की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाया जाना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि कई मामलों में दुर्घटना, बीमारी अथवा मृत्यु की स्थिति में श्रमिकों या उनके परिवारों को समय पर बीमा राशि प्राप्त नहीं हो पाती, जिससे आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर कार्य कर रही है। उन्होंने बीमा कंपनियों से अपील की कि वे लाभार्थी-केंद्रित सेवाओं को प्राथमिकता दें तथा ऐसी व्यवस्था विकसित करें जिससे प्रत्येक पात्र श्रमिक को समय पर सहायता मिल सके।

क्लेम भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर चर्चा

बैठक में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बीमा दावों के निपटान में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी दी। कई मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी, विदेशों से जानकारी प्राप्त करने में विलंब, कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता और समन्वय की कमी के कारण क्लेम भुगतान प्रभावित होता है। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली विकसित की जाए ताकि दावों का निपटान तेजी से किया जा सके। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग सिस्टम और एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि विदेश जाने वाले प्रत्येक श्रमिक को बीमा योजना, दावा प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिवार बिना किसी परेशानी के लाभ प्राप्त कर सकें। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि क्लेम प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए तो बीमा व्यवस्था में लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

बैठक में श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशों में कार्यरत श्रमिक कई बार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं, जहां दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और अन्य आपात स्थितियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में व्यापक स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा तथा पुनर्वास सहायता जैसी सुविधाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों और श्रम कार्यालयों के साथ बीमा कंपनियों का बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि विदेश से लौटने वाले श्रमिकों के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को भी बीमा योजनाओं के साथ जोड़ने पर विचार किया जाना चाहिए।

सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर करेंगे सुधार

बैठक के समापन पर मंत्री रामजी यादव ने कहा कि चर्चा के दौरान प्राप्त सुझावों का मंत्रालय गंभीरता से अध्ययन करेगा और आवश्यक नीतिगत सुधारों पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बीमा पॉलिसी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक श्रमिक और उसका परिवार समय पर सहायता प्राप्त कर सके। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार, बीमा कंपनियों, विदेशी रोजगार एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से विदेशी रोजगार क्षेत्र अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और श्रमिक हितैषी बनेगा। बैठक में यह भी सहमति बनी कि भविष्य में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके और सेवा वितरण प्रणाली को लगातार बेहतर बनाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में प्रस्तुत सुझावों को प्रभावी रूप से लागू किया जाता है, तो इससे विदेशों में कार्यरत नेपाली श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और आर्थिक सुरक्षा को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी। साथ ही बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

विदेशी रोजगार क्षेत्र की बीमा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विदेश में कार्यरत नेपाली श्रमिकों के लिए वर्तमान बीमा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और श्रमिक-केंद्रित बनाया जाए। सरकार और बीमा कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई, जिससे प्रत्येक श्रमिक को समय पर बीमा सुरक्षा का लाभ मिल सके।

बीमा क्लेम भुगतान प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर चर्चा
प्रतिनिधियों ने माना कि कई मामलों में आवश्यक दस्तावेजों, तकनीकी प्रक्रियाओं और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय की कमी के कारण बीमा दावों के निपटान में अनावश्यक विलंब होता है। बैठक में ऐसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निर्धारित समय-सीमा तय करने तथा पारदर्शी प्रणाली लागू करने पर सहमति व्यक्त की गई, ताकि पीड़ित श्रमिकों और उनके परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

डिजिटल क्लेम सिस्टम और ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित करने का सुझाव
बैठक में आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बीमा दावों के लिए ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज़ सत्यापन, मोबाइल आधारित सेवाएं तथा रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इससे श्रमिक और उनके परिवार अपने आवेदन की स्थिति कहीं से भी आसानी से देख सकेंगे तथा अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।

विदेश जाने वाले श्रमिकों को बीमा संबंधी पूर्व-प्रशिक्षण देने पर बल
बैठक में कहा गया कि अधिकांश श्रमिकों को विदेश जाने से पहले बीमा योजनाओं, उनके अधिकारों, दावा प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी नहीं होती। इसलिए प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन कार्यक्रमों में बीमा संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण शामिल करने, सरल भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने तथा जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य सुरक्षा, दुर्घटना बीमा और सामाजिक संरक्षण योजनाओं को मजबूत करने पर सहमति
बैठक में विदेशों में कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य, दुर्घटनाओं, स्थायी विकलांगता, मृत्यु तथा अन्य आपात स्थितियों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

दूतावासों, बीमा कंपनियों और मंत्रालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रस्ताव
विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों, श्रम कार्यालयों, बीमा कंपनियों तथा युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के बीच एक प्रभावी समन्वय तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया गया। इससे दुर्घटना, बीमारी या अन्य संकट की स्थिति में प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी तथा क्लेम प्रक्रिया भी अधिक सुगम बनेगी।

नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से सेवा वितरण में निरंतर सुधार की योजना
बैठक में यह सहमति बनी कि बीमा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में प्राप्त शिकायतों, सेवा वितरण की गुणवत्ता, क्लेम निपटान की प्रगति और नई चुनौतियों का मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि आवश्यक नीतिगत सुधार समय पर किए जा सकें और विदेशी रोजगार क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को बेहतर, तेज़ और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

 

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