भोटेकोशी बाढ़ के बाद नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग ...
नेपाल | नेपाल में रसुवा जिले में भोटेकोशी बाढ़ के बाद स्थगित की गई प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को दोबारा शुरू कर दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि बाढ़ के बाद सरकार का प्राथमिक ध्यान प्रभावित क्षेत्रों में सर्च एवं रेस्क्यू, उपचार, राहत, पुनर्निर्माण तथा दीर्घकालिक और टिकाऊ पुनर्वास पर केंद्रित रहा। प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्य अभी भी जारी है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के निर्देशन में प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिपरिषद तथा उसके अधीनस्थ निकायों की ओर से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया गया। इसी क्रम में 02 अक्टूबर 2025 से साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग फिर शुरू की गई, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय और उसके अधीनस्थ निकायों की ओर से किए गए कार्यों तथा हासिल की गई प्रमुख प्रगति की जानकारी मीडिया के सामने रखी गई।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भोटेकोशी बाढ़ से हुए नुकसान, जलवायु संकट, राहत एवं पुनर्निर्माण, सरकारी कामकाज में सुधार, बजट कार्यान्वयन, डिजिटलाइजेशन, नीति अनुसंधान, शिकायत समाधान तथा सार्वजनिक खरीद से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, भोटेकोशी बाढ़ के बाद सरकार ने आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए राहत एवं पुनर्निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया। इसके साथ ही शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, समयबद्ध और डिजिटल बनाने की दिशा में भी कई कदम उठाए गए।

मीडिया ब्रीफिंग में बताया गया कि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा में भोटेकोशी बाढ़ से नेपाल में हुए नुकसान तथा जलवायु संकट से जुड़े नेपाल के विचार प्रस्तुत किए। बाढ़ से हुए नुकसान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने के साथ ही नेपाल की जलवायु संबंधी चिंताओं और आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों को भी सामने रखा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सड़क परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, आवश्यक सेवाओं को नियमित करने तथा बाजार में कालाबाजारी और कीमतों में अनावश्यक वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए बाजार निगरानी को प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान आम लोगों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा बाजार व्यवस्था पर निगरानी बनाए रखना है। सरकार की ओर से निजी क्षेत्र के उद्यमियों और व्यवसायियों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत के दौरान लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में निजी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों तथा पूर्व में लिए गए निर्णयों की प्रगति पर विचार किया गया। इसके अलावा सभी संघीय मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ पिछले और वर्तमान वित्तीय वर्ष के कार्ययोजनाओं तथा नीतियों और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों को निर्धारित योजनाओं के अनुरूप आगे बढ़ाने और विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की स्थिति का जायजा लिया।

शासन सुधार, बजट कार्यान्वयन तथा विकास प्रबंधन को सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सचिवों और विभागीय प्रमुखों के साथ प्रदर्शन समझौते किए गए। सरकार की ओर से प्रशासनिक कार्यों में जिम्मेदारी, परिणाम और कार्यान्वयन की गति को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। भोटेकोशी बाढ़ से हुए नुकसान और प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों की पहचान के लिए रैपिड डिजास्टर नीड्स असेसमेंट यानी RDNA पूरा कर लिया गया है। वहीं आपदा के बाद आवश्यकताओं के व्यापक आकलन के लिए PDNA प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई। मीडिया ब्रीफिंग में नीति निर्माण और सरकारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में साक्ष्य के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सांख्यिकीय विश्लेषण क्षमता निर्माण प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई। सरकार के अनुसार, नीति और कार्यक्रम तैयार करने में उपलब्ध आंकड़ों और साक्ष्यों का बेहतर इस्तेमाल निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही पॉलिसी लैबोरेटरी के प्रभाव और उपयोगिता को लेकर चर्चा की गई तथा अध्ययन और समीक्षा के लिए 12 विषय नीति अनुसंधान संस्थान को भेजे गए। इन विषयों पर अनुसंधान के माध्यम से नीति निर्माण और सरकारी निर्णय प्रक्रिया के लिए उपयोगी जानकारी विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, पेपरलेस और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से ‘Government Decision-Making Process (Simplification and Digitalization) Regulation, 2083’ जारी किए हैं। इन नियमों के माध्यम से सरकारी निर्णय प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।

भोटेकोशी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री के आपदा राहत कोष में 16.28 अरब रुपये से अधिक की राशि जमा होने की जानकारी मीडिया ब्रीफिंग में दी गई। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से स्थानीय स्तर पर 1 अरब रुपये जारी किए गए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण और पुनर्वास की जरूरतों को देखते हुए सरकार की ओर से विभिन्न स्तरों पर संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। RDNA पूरा होने और PDNA प्रक्रिया जारी रहने के बीच प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों के आकलन पर भी काम किया जा रहा है।मानवाधिकार से संबंधित छठे राष्ट्रीय कार्ययोजना के कार्यान्वयन के लिए संघीय समन्वय समिति की बैठक भी पूरी होने की जानकारी दी गई। इसके माध्यम से मानवाधिकार से जुड़े राष्ट्रीय कार्ययोजना के कार्यान्वयन में संघीय स्तर पर समन्वय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। जनता की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए संचालित हेलो गवर्नमेंट व्यवस्था के संबंध में भी मीडिया को जानकारी दी गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हेलो गवर्नमेंट में प्राप्त 17,397 शिकायतों में से 6,837 शिकायतों का समाधान किया गया, जबकि 7,818 शिकायतों का पूरी तरह समाधान किए जाने की जानकारी दी गई। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों को सरकारी तंत्र तक पहुंचाने और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार की ओर से शिकायतों के निस्तारण और नागरिकों की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।

सरकारी संस्थाओं द्वारा सुझाई गई 15 फर्मों/कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की जानकारी भी मीडिया ब्रीफिंग में दी गई। इसके अलावा 49 सरकारी संस्थाओं को प्रोक्योरमेंट और कंसल्टेंसी से संबंधित मामलों में राय दी गई। सरकार के अनुसार, सार्वजनिक खरीद और परामर्श से जुड़े मामलों में सरकारी संस्थाओं को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ाना है। इसी दौरान नीति अनुसंधान संस्थान द्वारा भोटेकोशी बाढ़ और जलवायु परिवर्तन के विषय पर प्राथमिकता के साथ अनुसंधान जारी रखने की जानकारी दी गई। बाढ़ से हुए नुकसान तथा जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रभावों को समझने और भविष्य के लिए नीति स्तर पर उपयोगी अध्ययन तैयार करने की दिशा में यह अनुसंधान महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया है। सरकारी संस्थाओं की डेटा मैपिंग, नेपाल एंटरप्राइज आर्किटेक्चर फ्रेमवर्क रिपोर्ट के प्रकाशन तथा सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित दरों और मानकों की मंजूरी की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में होने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को फिर शुरू किए जाने के साथ सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार, डिजिटलाइजेशन, नीति अनुसंधान, शिकायत निवारण, सार्वजनिक खरीद और विकास प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक की गई। भोटेकोशी बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सर्च, रेस्क्यू, उपचार, राहत, पुनर्निर्माण और टिकाऊ पुनर्वास का काम जारी है। वहीं सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और अधीनस्थ निकायों की कार्यप्रगति की समीक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की प्रक्रिया भी साथ-साथ आगे बढ़ाई जा रही है। मीडिया ब्रीफिंग में सामने रखी गई 15 प्रमुख गतिविधियां सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन के साथ-साथ शासन और प्रशासनिक सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की स्थिति को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन कार्यों और प्रगति से संबंधित जानकारी मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की है।
15 प्रमुख बिंदु एक नजर में
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा में भोटेकोशी बाढ़ और जलवायु संकट पर नेपाल का पक्ष रखा।
त्योहारों के मद्देनजर सड़क परिवहन, आवश्यक सेवाओं और बाजार निगरानी को प्रभावी बनाने का निर्णय।
निजी क्षेत्र के उद्यमियों और व्यवसायियों के साथ हुई बातचीत एवं निर्णयों के कार्यान्वयन की समीक्षा।
सभी संघीय मंत्रालयों की कार्ययोजनाओं तथा नीतियों और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा।
शासन सुधार, बजट कार्यान्वयन और विकास प्रबंधन के लिए सचिवों एवं विभागीय प्रमुखों के साथ प्रदर्शन समझौते।
रसुवा बाढ़ के नुकसान और जरूरतों की पहचान के लिए RDNA पूरा, PDNA प्रक्रिया जारी।
साक्ष्य आधारित नीति निर्माण के लिए सांख्यिकीय विश्लेषण क्षमता निर्माण प्रशिक्षण।
पॉलिसी लैबोरेटरी के प्रभाव पर चर्चा और 12 विषय नीति अनुसंधान संस्थान को भेजे गए।
सरकारी निर्णय प्रक्रिया को सरल, डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए Regulation, 2083 जारी।
प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 16.28 अरब रुपये से अधिक जमा और स्थानीय स्तर पर 1 अरब रुपये जारी।
मानवाधिकार के छठे राष्ट्रीय कार्ययोजना के कार्यान्वयन के लिए संघीय समन्वय समिति की बैठक पूरी।
हेलो गवर्नमेंट में प्राप्त शिकायतों के समाधान की जानकारी सार्वजनिक की गई।
सरकारी संस्थाओं की सिफारिश पर 15 फर्म/कंपनियां ब्लैकलिस्ट और 49 संस्थाओं को प्रोक्योरमेंट/कंसल्टेंसी संबंधी राय।
भोटेकोशी बाढ़ और जलवायु परिवर्तन पर नीति अनुसंधान संस्थान का अध्ययन जारी।
सरकारी संस्थाओं की डेटा मैपिंग, नेपाल एंटरप्राइज आर्किटेक्चर फ्रेमवर्क रिपोर्ट और IT दर/मानकों की मंजूरी अंतिम चरण में।
Report : Koto News Network