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सिंहदरबार में मंत्रिपरिषद की बैठक, प्रतिनिधि सभा में स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सुशासन पर व्यापक चर्चा

नेपाल | काठमांडू स्थित सिंहदरबार में आज प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इसी दिन संघीय संसद के प्रतिनिधि सभा की बैठक भी हुई, जिसमें विभिन्न मंत्रियों और सांसदों ने राष्ट्रीय महत्व के अनेक विषयों पर अपने विचार रखे। संसद की कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य, खाद्य स्वच्छता, वित्तीय अनुशासन, भूमि प्रबंधन, सुशासन,…

काठमांडू स्थित सिंहदरबार में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक तथा संघीय संसद की प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही का सांकेतिक दृश्य, जिसमें स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, भूमि प्रबंधन, सुशासन, कृषि, शिक्षा, रोजगार और विकास संबंधी राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

नेपाल | काठमांडू स्थित सिंहदरबार में आज प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इसी दिन संघीय संसद के प्रतिनिधि सभा की बैठक भी हुई, जिसमें विभिन्न मंत्रियों और सांसदों ने राष्ट्रीय महत्व के अनेक विषयों पर अपने विचार रखे। संसद की कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य, खाद्य स्वच्छता, वित्तीय अनुशासन, भूमि प्रबंधन, सुशासन, संघीय प्रशासन, कृषि, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सदन में उठाए गए मुद्दों ने सरकार के समक्ष जनअपेक्षाओं तथा विकास संबंधी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा।

प्रतिनिधि सभा की बैठक की शुरुआत नियमित कार्यसूची के अनुसार हुई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य एवं खाद्य स्वच्छता मंत्री निशा मेहता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए आवश्यक नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुँच तथा जनस्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

बैठक के दौरान सांसद ई. दीपक कुमार साह, डॉ. तोसीमा कार्की, पुष्पा कुमारी चौधरी, परश मणि गेलाल, रमेश कुमार सपकोटा, गणेश कार्की, हरि मोहन भंडारी, धर्मराज के.सी., समीक्षा बसकोटा, झबी लाल डुमरे, बिधुशी राणा तथा लीमा अधिकारी (आचार्य) ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न विषयों को सदन के समक्ष रखा। सांसदों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, रोजगार, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के पलायन तथा स्थानीय विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने विकास योजनाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध कार्यान्वयन तथा सरकारी निकायों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।

भूमि प्रबंधन, सहकारिता, संघीय मामले एवं सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने भूमि प्रशासन में सुधार, सहकारी क्षेत्र की पारदर्शिता तथा संघीय ढाँचे को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा नागरिकों को सरल और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय, प्रांतीय और संघीय सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बैठक में वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने देश की आर्थिक स्थिति, राजस्व संग्रह, पूंजीगत व्यय तथा आगामी वित्तीय प्राथमिकताओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने आर्थिक अनुशासन बनाए रखने, विकास परियोजनाओं में गति लाने तथा निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। इस दौरान सांसद क्रांतिशिखा धीटल, गोविंदा पंथी, श्रद्धा कुवर छेत्री, गणेश पौडेल, सोम शर्मा, प्रकाश चंद्र परियार, बुद्धि प्रसाद पंटा तथा कमल सुबेदी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सरकार से जनहित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र और प्रभावी निर्णय लेने की मांग की। सांसदों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग, पर्यटन, रोजगार सृजन तथा बुनियादी ढाँचे के विकास में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

संसद की कार्यवाही के दौरान अधिकांश वक्ताओं ने सुशासन, भ्रष्टाचार नियन्त्रण, सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार तथा विकास योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया। कई सांसदों ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण, ग्रामीण विकास, कृषि आधुनिकीकरण तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन तथा पिछड़े समुदायों के विकास के लिए लक्षित कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की भी मांग उठी।

उधर, सिंहदरबार में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में देश के समसामयिक राजनीतिक, आर्थिक, प्रशासनिक तथा विकास संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर चर्चा हुई तथा जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, विकास परियोजनाओं की प्रगति, सार्वजनिक सेवा सुधार तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद और मंत्रिपरिषद दोनों स्तरों पर हुई इन बैठकों ने सरकार की नीति-निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया है। प्रतिनिधि सभा में उठाए गए सुझाव आगामी नीतिगत निर्णयों और विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में उपयोगी साबित हो सकते हैं। संसद की कार्यवाही निर्धारित कार्यसूची के अनुसार आगे बढ़ी और विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद आवश्यक संसदीय प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। सरकार ने सांसदों द्वारा उठाए गए जनसरोकार के मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने तथा विकास एवं सुशासन को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

सिंहदरबार में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक : प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में आयोजित बैठक में समसामयिक राजनीतिक, आर्थिक, प्रशासनिक और विकास संबंधी विषयों पर व्यापक समीक्षा की गई।

प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर बहस : प्रतिनिधि सभा की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, कृषि, सुशासन, रोजगार, बुनियादी ढाँचा और सामाजिक सुरक्षा सहित अनेक जनसरोकार के विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

स्वास्थ्य एवं खाद्य स्वच्छता पर सरकार का दृष्टिकोण : स्वास्थ्य एवं खाद्य स्वच्छता मंत्री निशा मेहता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुरक्षित खाद्य आपूर्ति तथा स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और योजनाओं की जानकारी दी।

भूमि प्रबंधन एवं संघीय प्रशासन सुधार पर जोर :  भूमि प्रबंधन, सहकारिता, संघीय मामले एवं सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने भूमि प्रशासन के आधुनिकीकरण, सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता तथा संघीय प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

वित्तीय स्थिति और बजट प्राथमिकताओं पर चर्चा :वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने राजस्व संग्रह, सार्वजनिक व्यय, आर्थिक अनुशासन, विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण तथा आगामी बजटीय प्राथमिकताओं पर सरकार का पक्ष सदन के समक्ष रखा।

सांसदों ने जनसरोकार के मुद्दे उठाए : विभिन्न सांसदों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सड़क, सिंचाई, पेयजल, पर्यटन, स्थानीय विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय असमानताओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से ठोस पहल की मांग की।

जनहित के मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग : सदन में वक्ताओं ने नागरिकों की दैनिक समस्याओं के समाधान, सेवा वितरण में सुधार, सुशासन को मजबूत करने तथा विकास योजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए सरकार से प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाने का आग्रह किया।

पारदर्शी और समयबद्ध विकास कार्यों पर बल : सांसदों ने विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए सरकारी निकायों के बीच बेहतर समन्वय की मांग की।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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