डूमरीखास गैस एजेंसी प्रकरण में न्याय की मांग करती पीड़ित परिवार की महिलाएं
कोटो महासंघ देश संवाददाता, 22 मई 2026 | डूमरीखास क्षेत्र में एक गैस एजेंसी पर नाबालिग किशोरी के साथ कथित छेड़खानी, मारपीट और सोने के आभूषण छीनने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की मां प्रमिला देवी ने थाना चौरी चौरा में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि गैस सिलेंडर लेने गई उनकी 14 वर्षीय बेटी के साथ एजेंसी कर्मी ने गलत हरकत की। विरोध करने पर आरोपी और उसके सहयोगियों ने परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

कई दिनों तक टालता रहा गैस एजेंसी कर्मचारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम डूमरीखास निवासी प्रमिला देवी पत्नी महेन्द्र निषाद ने बताया कि उनके नाम से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन है, जिसकी एजेंसी “राजेश एच.पी. गैस एजेंसी” डूमरीखास में स्थित है। उन्होंने 4 मई 2026 को मोबाइल फोन से गैस बुक कराया था। आरोप है कि जब उनकी बेटी श्रे/या गैस सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंची तो वहां मौजूद रा के श पुत्र फु ल ब द न ने उसे 9 मई को आने के लिए कहा। 9 मई को पहुंचने पर कथित तौर पर बताया गया कि गैस खत्म हो गई है और सिलेंडर किसी अन्य को दे दिया गया है। इसके बाद 18 मई को आने के लिए कहा गया। पीड़िता के अनुसार 18 मई को भी सिलेंडर नहीं दिया गया और अगले दिन आने को कहा गया। लगातार कई दिनों तक चक्कर लगाने के कारण परिवार परेशान हो गया था क्योंकि घर का गैस सिलेंडर पूरी तरह खत्म हो चुका था।

कार्यालय में बैठाकर की गई कथित छेड़खानी
सूत्र के मुताबिक 19 मई 2026 की सुबह लगभग 6:30 बजे प्रमिला देवी की नाबालिग बेटी पुनः गैस एजेंसी पहुंची। आरोप है कि कुछ देर बाद रा के श ने किशोरी को अपने कार्यालय में बैठने के लिए कहा। विश्वास कर वह कार्यालय में बैठ गई। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ गलत हरकत और छेड़खानी शुरू कर दी। जब किशोरी ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे गाली देते हुए मारना-पीटना शुरू कर दिया। भयभीत किशोरी ने तत्काल अपनी मां को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर प्रमिला देवी अपनी सास लक्ष्मीना देवी के साथ एजेंसी पहुंचीं। वहां पहुंचकर जब उन्होंने घटना के बारे में पूछताछ की तो मामला और बढ़ गया।
महिलाओं से मारपीट और सोने के आभूषण छीनने का आरोप
प्रमिला देवी ने आरोप लगाया कि राकेश, राजेश, फुलबदन तथा अन्य लोगों ने एकजुट होकर उन्हें और उनकी सास को गाली देते हुए मारना-पीटना शुरू कर दिया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान रा के श ने प्रमिला देवी के गले से मंगलसूत्र और कान की सोने की बाली छीन ली। शोर-शराबा सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद किसी तरह महिलाओं की जान बच सकी। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने धमकी दी कि यदि घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

112 नंबर पर दी गई सूचना
घटना के तुरंत बाद पीड़िता द्वारा यूपी-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दिए जाने की बात भी तहरीर में कही गई है। प्रमिला देवी ने थाना चौरी चौरा पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं, क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
सोशल मीडिया पर उठा मामला
इस पूरे प्रकरण को भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ashok Nishad ने सोशल मीडिया मंच X पर उठाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को टैग करते हुए मामले का संज्ञान लेने की मांग की। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी उत्तर प्रदेश, गोरखपुर पुलिस तथा जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की अपील की है।
डूमरीखास, चौरी चौरा, गोरखपुर में उज्ज्वला गैस लेने गई नाबालिग बेटी के साथ कथित छेड़खानी, महिलाओं से मारपीट और सोने के आभूषण छीनने का मामला बेहद गंभीर है। प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।
@CMOfficeUP @dgpup @gorakhpurpolice
पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि नाबालिग से जुड़े इस मामले में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए। कानूनी जानकारों के अनुसार यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में छेड़खानी, मारपीट, धमकी, लूट तथा बाल संरक्षण कानूनों के तहत गंभीर धाराएं लग सकती हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।
क्या हैं पीड़िता के मुख्य आरोप?
पीड़िता प्रमिला देवी द्वारा थाना चौरी चौरा में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार उन्होंने गैस एजेंसी संचालक एवं कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। तहरीर में कहा गया है कि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन होने के बावजूद उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं दिया गया और लगातार कई दिनों तक परेशान किया गया।
प्रमिला देवी के अनुसार उन्होंने 4 मई 2026 को गैस बुक कराया था, जिसके बाद उनकी नाबालिग बेटी श्रे/या गैस लेने एजेंसी पहुंची। वहां मौजूद कर्मचारी रा के श पुत्र फु ल ब द न ने उसे 9 मई को आने के लिए कहा। जब वह निर्धारित तिथि पर पहुंची तो कथित तौर पर यह कहकर लौटा दिया गया कि गैस खत्म हो गई है और उसका सिलेंडर किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया है। इसके बाद 18 मई और फिर 19 मई को आने के लिए कहा गया। पीड़िता का आरोप है कि इस तरह एजेंसी कर्मचारियों ने जानबूझकर कई दिनों तक उन्हें दौड़ाया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
तहरीर में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि 19 मई की सुबह जब उनकी लगभग 14 वर्षीय बेटी गैस एजेंसी पहुंची तो आरोपी रा के श ने उसे अपने कार्यालय में बैठने के लिए कहा। किशोरी ने भरोसा कर उसकी बात मान ली। आरोप है कि कार्यालय में अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ गलत हरकत और छेड़खानी शुरू कर दी। जब किशोरी ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे गाली दी और मारपीट भी की। भयभीत होकर किशोरी ने अपनी मां को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना की सूचना मिलने पर प्रमिला देवी अपनी सास लक्ष्मीना देवी के साथ एजेंसी पहुंचीं और मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। आरोप है कि वहां मौजूद राकेश, राजेश, फुलबदन तथा अन्य लोगों ने एकजुट होकर दोनों महिलाओं के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करने लगे। पीड़िता का कहना है कि इस दौरान उन्हें और उनकी सास को बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे डर और दहशत में आ गईं।
प्रमिला देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपी रा के श ने उनके गले से मंगलसूत्र तथा कान की सोने की बाली छीन ली। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद किसी तरह उनकी जान बच सकी।
पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने घटना के बाद उन्हें धमकी भी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में शिकायत की या घटना के बारे में किसी को बताया तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी के कारण परिवार भय के माहौल में जी रहा है।
घटना के तुरंत बाद उन्होंने यूपी-112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |