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गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तेज, महंगाई और बिजली संकट पर भासपा ने उठाई आवाज

कोटो महासंघ देश संवाददाता, रामपुर, गौरीबाजार  23 मई 2026 | उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद स्थित रामपुर, गौरीबाजार से जारी एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय सर्वजन पार्टी (भासपा) के राष्ट्रीय प्रतिनिधि नूर मोहम्मद ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष कई अहम सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया है। 23 मई 2026…

रामपुर, गौरीबाजार में जारी प्रेस विज्ञप्ति के दौरान भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिनिधि नूर मोहम्मद ने गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, महंगाई पर नियंत्रण, बिजली कटौती रोकने और प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग की।

कोटो महासंघ देश संवाददाता, रामपुर, गौरीबाजार  23 मई 2026 | उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद स्थित रामपुर, गौरीबाजार से जारी एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय सर्वजन पार्टी (भासपा) के राष्ट्रीय प्रतिनिधि नूर मोहम्मद ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष कई अहम सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया है। 23 मई 2026 को जारी इस प्रेस बयान में उन्होंने देशभर के मुस्लिम सामाजिक संगठनों और आम मुस्लिम समाज द्वारा लगातार उठाई जा रही मांग का समर्थन करते हुए गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में गाय को लेकर लगातार राजनीति की जा रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है। यदि केंद्र सरकार स्पष्ट नीति बनाकर गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दे, तो इस मुद्दे पर वर्षों से चली आ रही राजनीतिक बहस और विवाद समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक समरसता से जुड़ा प्रश्न है।

नूर मोहम्मद ने कहा गया कि देश के कई मुस्लिम सामाजिक संगठन, जिनमें जमात ए तुलमा हिन्द और अन्य मुस्लिम समाज के रहनुमा शामिल हैं, लगातार यह मांग कर रहे हैं कि गाय माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए। भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिनिधि नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि मुस्लिम समाज की ओर से भी इस मांग को समर्थन मिल रहा है और सरकार को इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है जहां सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। गाय भारतीय संस्कृति और कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रही है। इसलिए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यदि इस विषय पर स्पष्ट नीति लाती है तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और सांप्रदायिक तनाव की राजनीति पर भी विराम लगेगा।

नूर मोहम्मद केवल सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर ही नहीं बल्कि देश में बढ़ती महंगाई पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि वर्तमान समय में पेट्रोल, डीजल और खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता का जीवन कठिन होता जा रहा है। विशेष रूप से समाज के गरीब, मजदूर, किसान और निम्न वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, खाद्यान्न, दाल, तेल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ने से गरीब परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। ऐसे में सरकार को जनहित में ठोस और सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार महंगाई नियंत्रण के लिए विशेष आर्थिक नीति बनाए और गरीब एवं मध्यम वर्ग को राहत देने हेतु सब्सिडी और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करे। राष्ट्रीय प्रतिनिधि ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति तभी मजबूत होगी जब आम नागरिक को राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में केवल घोषणाएं नहीं बल्कि धरातल पर असर दिखाने वाली नीतियों की आवश्यकता है। बिजली संकट और कटौती के मुद्दे को उठाते हुए नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली कटौती से आम जनता परेशान है। गर्मी के मौसम में लगातार हो रही बिजली कटौती से विद्यार्थियों, व्यापारियों, किसानों और आम परिवारों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को अपनी सप्लाई व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की आवश्यकता है। गांवों में लो वोल्टेज, ट्रिपिंग और अनियमित आपूर्ति की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि जनता को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आज के समय में बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग सभी बिजली पर निर्भर हैं। इसलिए बिजली व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

नूर मोहम्मद स्मार्ट मीटर और प्रीपेड बिजली भुगतान व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि पूर्व में विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड भुगतान प्रणाली लागू की गई थी, जिससे आम जनता में खुशी की लहर थी। लोगों को अपनी आवश्यकता के अनुसार बिजली खर्च नियंत्रित करने में सुविधा मिलती थी और अनावश्यक बिल विवाद भी कम होते थे। उन्होंने कहा कि प्रीपेड व्यवस्था से उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और नियंत्रण दोनों मिलता था। लेकिन बाद में इस व्यवस्था के प्रभावित होने से जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रीपेड भुगतान सुविधा को पुनः लागू किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को जनता की सुविधा के अनुसार संचालित किया जाना चाहिए। यदि सरकार इस व्यवस्था को दोबारा शुरू करती है तो इससे उपभोक्ताओं और विद्युत विभाग दोनों को लाभ होगा।

1. गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिनिधि नूर मोहम्मद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत में गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। सदियों से भारतीय समाज में गाय को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता रहा है और देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं इससे जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर लंबे समय से राजनीति होती रही है, जिससे सामाजिक तनाव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। यदि केंद्र सरकार स्पष्ट नीति बनाकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देती है, तो इस विषय पर चल रही राजनीतिक बहस और विवाद काफी हद तक समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

2. मुस्लिम सामाजिक संगठनों ने भी मांग का समर्थन किया

नूर मोहम्मद ने  कहा गया कि देश के कई मुस्लिम सामाजिक संगठन और समाज के प्रमुख लोग भी गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग का समर्थन कर रहे हैं। नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि जमात ए तुलमा हिन्द सहित विभिन्न मुस्लिम संगठनों और रहनुमाओं द्वारा इस विषय को लगातार उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मांग किसी एक धर्म या समुदाय की नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव से जुड़ा विषय है। मुस्लिम समाज के लोग भी देश की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से समाज में भाईचारा मजबूत होगा और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखा जाना चाहिए।

3. महंगाई पर सरकार से तत्काल राहत की अपील

नूर मोहम्मद बढ़ती महंगाई को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि आज आम जनता महंगाई की मार से परेशान है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य पदार्थ, दाल, तेल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि मजदूर, किसान, रिक्शा चालक, छोटे दुकानदार और निम्न आय वर्ग के परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। आम लोगों की आय सीमित है लेकिन खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार को तुरंत राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए विशेष नीति बनाई जाए और गरीबों के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया जाए।

4. पेट्रोल, डीजल और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता

नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर हर वस्तु की लागत पर पड़ता है। परिवहन महंगा होने के कारण खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़ जाते हैं। इसका सबसे बड़ा बोझ आम जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि बाजार में सब्जियों, अनाज, दूध, खाद्य तेल और अन्य जरूरी सामानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। गरीब परिवारों के लिए दो वक्त का भोजन जुटाना भी कठिन होता जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि आम जनता को राहत देने के लिए टैक्स में कमी, सब्सिडी और मूल्य नियंत्रण जैसे ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया गया तो सामाजिक और आर्थिक समस्याएं और बढ़ सकती हैं।

5. बिजली कटौती रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की मांग

नूर मोहम्मद बिजली संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि लगातार बिजली कटौती से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। गर्मी के मौसम में घंटों बिजली न रहने से बच्चों की पढ़ाई, व्यापार, खेती और घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और अनियमित सप्लाई की शिकायतें आम हो गई हैं। किसानों को सिंचाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जबकि छोटे व्यापारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और बिजली विभाग से मांग की कि बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

6. स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड भुगतान सुविधा दोबारा शुरू करने की अपील

नूर मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि पूर्व में स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड बिजली भुगतान व्यवस्था लागू की गई थी, जिससे उपभोक्ताओं को काफी सुविधा मिली थी। लोग अपनी जरूरत के अनुसार पहले से बिजली रिचार्ज कर लेते थे, जिससे बिल संबंधी विवाद कम होते थे और खर्च पर नियंत्रण बना रहता था। उन्होंने कहा कि बाद में इस सुविधा के प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसलिए राज्य सरकार को प्रीपेड भुगतान व्यवस्था को पुनः शुरू करना चाहिए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी और बिजली विभाग को भी राजस्व संग्रह में लाभ होगा।

7. गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देने हेतु ठोस नीति बनाने पर जोर

नूर मोहम्मद ने  कहा गया कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में गरीब और मध्यम वर्ग सबसे अधिक संकट झेल रहा है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और दैनिक खर्चों में वृद्धि के कारण आम लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। नूर मोहम्मद एडवोकेट ने सरकार से मांग की कि गरीबों और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं से नहीं बल्कि धरातल पर काम करने वाली योजनाओं की आवश्यकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार को विशेष कदम उठाने चाहिए ताकि आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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