गया सदर में मल्लिकार्जुन खड़गे की ऐतिहासिक जनसभा अखौरी ओंकार नाथ के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब

मुकेश सहानी

गया सदर , 8 नवम्बर |आज गया जिले के गया सदर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा आयोजित हुई जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे — वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष — ने संयुक्त विपक्षी महागठबंधन के प्रत्याशी अखौरी ओंकार नाथ जी के समर्थन में संबोधित किया। सभा स्थल में उमड़ा जनसैलाब, जोश-उत्साह तथा व्यापक समर्थन ने यह संकेत दिया कि इस विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन को ऐतिहासिक जीत दर्ज करने का भरोसा है। दोपहर होते ही गया सदर विधानसभा क्षेत्र के मुख्य चौराहों एवं मार्गों पर रंग-रंगी सजावट, विशाल झंडे एवं बैनर लगे दिखाई दिए। जैसे-जैसे सभा स्थल की ओर लोग उमड़ते गए, स्वर और तालाबंदी का माहौल तेजी से गहराता गया। राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आगमन के साथ सभा स्थल पर ऊर्जा चरम पर पहुँच गयी। उन्होंने अपने संबोधन में महागठबंधन की विचारधारा, विकास की योजनाएँ और अखौरी ओंकार नाथ के प्रति भरोसा जमाने का आह्वान किया। सभा के आयोजकों ने बताया कि इस अवसर पर आसपास के प्रखंडों एवं ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।

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अखौरी ओंकार नाथ ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गया सदर के लोगों ने समय-समय पर परिवर्तन की चाह जताई है और इस बार उनका विश्वास महागठबंधन पर टिका है। उन्होंने यह भरोसा जताया कि इस स्थान पर सिर्फ वोट चर्चाओं का नहीं, बल्कि जन-आन्दोलन जैसा भाव लेकर आया है। उन्होंने कहा: “गया सदर के मतदाता अब सिर्फ उम्मीद नहीं देखना चाहते, बल्कि कार्रवाई चाहते हैं — और हम वह बदलाव लेकर आने का संकल्प लेते हैं।” सभा स्थल पर युवा, महिलायें, मजदूर, व्यापारी—हर वर्ग ने मिलकर तालियाँ बजाई, नारे लगाए और अखौरी जी के प्रति उत्साह दिखाया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गया सदर विधानसभा क्षेत्र में इस तरह का जनसमर्थन पहले कम दर्ज हुआ है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रत्यक्ष समर्थन मिला है, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आ गयी है। सभा में खड़गे ने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर महागठबंधन को जिला एवं राज्य स्तर पर मजबूत बनाना है तो गुजरात-मध्‍यप्रदेश-झारखंड की तरह बिहार में भी परिवर्तन की लहर लानी होगी। उन्होंने कहा कि गया सदर इस मोर्चे पर एक प्रतीक होगा।


सभा के बाद स्थानीय व्यापारियों एवं आम जन से बातचीत में यह भी सुनने को मिला कि उनका भरोसा सिर्फ वादों पर नहीं बल्कि मेहनती प्रशासन, बेहतर सड़क-सड़कहरूको, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बदलाव पर है। एक वृद्ध मतदाता ने कहा: “हम सिर्फ भाषण नहीं सुनना चाहते, हम देखना चाहते हैं काम। आज जो माहौल बना है, वो संकेत है कि लोग बदलाव चाहते हैं।” वहीं कार्यकर्ताओं ने उत्साह जताया कि अब प्रचार-प्रसार के आखिरी कुछ दिन बेहद अहम हैं, और “होश के साथ, धड़कन के साथ” इस अभियान को अंतिम दौड़ तक ले जाना है।

गया सदर विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को आयोजित विशाल जनसभा ने बिहार की राजनीति में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। महागठबंधन के समर्थन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। सभा में उपस्थित लाखों लोगों के जोश और नारों ने गया की सड़कों और मैदानों को राजनीतिक उत्सव के रंग में रंग दिया। भीड़ का उत्साह इस बात का संकेत था कि इस क्षेत्र में बदलाव की लहर तेज़ी से फैल रही है और महागठबंधन ने स्थानीय मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बना ली है।

सभा के मुख्य मंच पर महागठबंधन के नेता, कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, आरजेडी और वामदलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। मंच पर खड़गे के पहुंचते ही सभा स्थल “महागठबंधन ज़िंदाबाद, ओंकार नाथ आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं” जैसे नारों से गूंज उठा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में कहा कि “गया की धरती ने हमेशा न्याय और समता की आवाज़ उठाई है। यह वही भूमि है जिसने देश को बुद्ध का संदेश दिया — अब यह भूमि सामाजिक न्याय और समान अवसर का नया संदेश देगी।” उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जनता अब ठोस विकास और रोज़गार की मांग कर रही है, न कि खोखले वादों की।

प्रत्याशी अखौरी ओंकार नाथ ने अपने भाषण में जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि गया सदर के लोग अब जात-पात और झूठे वादों की राजनीति से थक चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ जीतना नहीं बल्कि “जनता का भरोसा जीतना” है। उन्होंने आगे कहा, “हम विकास को राजनीतिक भाषण का हिस्सा नहीं बनाना चाहते, हम विकास को गया की पहचान बनाना चाहते हैं। इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और उद्योग को लेकर ठोस नीतियाँ लागू की जाएंगी। सभा में उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से वादा किया कि महागठबंधन की सरकार आने पर गया सदर को एक “मॉडल विधानसभा क्षेत्र” के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “हर पंचायत तक रोजगार के अवसर, हर स्कूल तक बेहतर शिक्षा और हर परिवार तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना हमारा वादा नहीं, संकल्प है।सभा स्थल पर उमड़े जनसैलाब को देखकर यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन की लोकप्रियता इस क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ रही है। स्थानीय कार्यकर्ता सुबह से ही प्रचार वाहन लेकर गाँव-गाँव में लोगों को सभा स्थल तक लाने में जुटे थे। शहर के चौराहों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक कांग्रेस और महागठबंधन के झंडे लहरा रहे थे।सभा में युवाओं की उपस्थिति खास तौर पर देखने लायक थी। कई युवाओं ने कहा कि उन्हें “नेताओं के वादे नहीं, बल्कि रोजगार और अवसर” चाहिए। वहीं महिलाओं ने शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी उम्मीदें व्यक्त कीं। स्थानीय व्यापारी वर्ग ने भी कहा कि गया में बुनियादी ढांचे और पर्यटन के विकास से आर्थिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

अपने भाषण के दौरान खड़गे ने कहा कि बिहार की जनता अब “बदलाव के दूसरे दौर” के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों से आम जनता परेशान है और महंगाई, बेरोजगारी तथा सामाजिक असमानता ने जनता का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि “महागठबंधन केवल सत्ता की लड़ाई नहीं लड़ रहा, यह जनता के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है।” खड़गे ने ओंकार नाथ को एक “ईमानदार, संघर्षशील और विकास-मुखी” प्रत्याशी बताया और कहा कि गया सदर में उन्हें जिताने का मतलब है — जनता के अधिकारों की आवाज़ को मज़बूती देना। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि जनता महागठबंधन पर भरोसा करती है तो बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार जैसे मूलभूत क्षेत्रों में वास्तविक सुधार संभव हो सकेगा। सभा समाप्त होने के बाद संवाददाताओं ने क्षेत्र के लोगों से बातचीत की। अधिकांश मतदाताओं ने कहा कि वे इस बार “विकास और ईमानदार नेतृत्व” को वोट देंगे।
गया कॉलेज के एक छात्र ने कहा, “पहली बार लगा कि कोई नेता हमारे मुद्दों की बात कर रहा है। शिक्षा और नौकरी पर जो बातें हुईं, वो दिल को छू गईं। वहीं एक महिला समूह ने कहा, “हमें बिजली, पानी और सुरक्षा की समस्या है। अगर ये सरकार इन मुद्दों पर काम करे, तो हमें भरोसा है कि बदलाव संभव है। कुछ लोगों ने हालांकि यह भी कहा कि जनसभा का उत्साह मतदान तक कायम रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। एक स्थानीय विश्लेषक ने कहा कि “गया सदर की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा प्रभाव डालते रहे हैं। महागठबंधन को यह जोश वोट में तब्दील करना होगा। गया सदर विधानसभा क्षेत्र में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। भाजपा-नीतीश गठबंधन और महागठबंधन दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। हालांकि इस सभा के बाद से राजनीतिक माहौल में स्पष्ट रूप से परिवर्तन देखा जा रहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का सीधे पहुंचना यह दिखाता है कि पार्टी इस सीट को रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर यह ऊर्जा मतदान दिवस तक कायम रही, तो यह सीट महागठबंधन के खाते में जा सकती है। गया जिले में सामाजिक-राजनीतिक रूप से सक्रिय समुदायों का झुकाव धीरे-धीरे विपक्ष की ओर जाता दिख रहा है।

रिपोर्ट : निषाद कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

 

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