खेताऊ सहानी की मौत पर सियासत तेज़ परिजनों से मिले पूर्व विधायक अमरेन्द्र निषाद

पूर्व विधायक अमरेन्द्र निषाद

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |  गोरखपुर जनपद के पिपराईच थाना क्षेत्र के चिलबिलवा अगही टोला चौराहे पर चाय की छोटी सी दुकान चलाने वाले खेताऊ सहानी पुत्र चौथी की मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आरोप है कि दिनांक 26 अगस्त 2025 की शाम लगभग 4 बजे दुकान पर चाय पीने आए कुछ युवकों ने चाय का पैसा मांगने पर न केवल अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया, बल्कि खेताऊ सहानी की बेरहमी से पिटाई भी कर दी। अगले दिन भोर में इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से न केवल मृतक का परिवार सदमे में है, बल्कि पूरे निषाद समाज और क्षेत्रीय लोगों में गहरी नाराज़गी है। घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पिपराईच विधानसभा के पूर्व विधायक माननीय अमरेन्द्र निषाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि “खेताऊ सहानी की मौत सिर्फ़ एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी चोट है। हम इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हर मोर्चे पर न्याय के लिए संघर्ष करेंगे।” अमरेन्द्र निषाद ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की माँग की।

मृतक खेताऊ सहानी साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे। गांव-गली के चौराहे पर एक छोटी सी चाय की दुकान था। खेताऊ रोज सुबह से देर शाम तक दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। लेकिन महज़ चाय के कुछ पैसों को लेकर उत्पन्न विवाद ने उनकी जिंदगी छीन ली। बताया जाता है कि आरोपित युवक – संदी/प राज/भर पुत्र गोर/ख राज/भर, प्रदी/प पुत्र स्व. सुदा/मा राज/भर और गो/लू चौहान – चाय पीने के बाद पैसे देने से मुकर गए। जब  पैसे की मांग की गई तो उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद खेताऊ सहानी ने उसी दिन थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया था, लेकिन प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो शायद खेताऊ की जान बच सकती थी। अगले ही दिन भोर लगभग चार बजे जब परिवारजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस मौत ने न केवल परिवार को बेसहारा कर दिया है, बल्कि क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

1.दिनांक 26 अगस्त 2025, समय लगभग शाम 4 बजे।
उस दिन खेताऊ सहानी रोज़ की तरह अपनी चाय की दुकान पर बैठे थे। दुकान पर चाय पीने आए कुछ युवक—सं/दीप राज/भर, प्र/दीप रा/जभर और गो/लू चौहा/न—ने चाय पीने के बाद पैसे देने से इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हुआ और देखते-देखते विवाद मारपीट में बदल गया।

2.घटना चिलबिलवा अगही टोला चौराहा, थाना पिपराईच जनपद गोरखपुर में घटी। यह स्थान एक व्यस्त चौराहा माना जाता है जहाँ आमतौर पर आसपास के गाँवों के लोग आकर खरीददारी और छोटे-मोटे काम करते हैं। यही कारण है कि इस घटना की जानकारी तुरंत ही पूरे क्षेत्र में फैल गई।

3.खेताऊ सहानी बेहद साधारण परिवार से थे और चाय की छोटी दुकान चलाकर अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वे रोज़ सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की सेवा करते थे। उनकी कोई बड़ी आमदनी नहीं थी, लेकिन मेहनत और ईमानदारी से जीवनयापन करते थे। उनकी असामयिक मौत ने पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से हिला कर रख दिया है।

4. इस मामले में जिन युवकों पर आरोप है, वे हैं— संदी/प राज/भर पुत्र गो/रख राज/भर,प्रदी/प पुत्र स्व. सुदा/मा राज/भर,गो/लू चौ/हान बताया जा रहा है कि ये सभी युवक आसपास के ही रहने वाले हैं। चाय पीने के बाद पैसे मांगने पर इन युवकों ने गाली-गलौज किया और फिर खेताऊ सहानी को बुरी तरह पीट दिया।

5. घटना का मूल कारण मात्र चाय का पैसा मांगना था। खेताऊ सहानी ने जैसे ही पैसे मांगे, आरोपियों ने आपत्ति जताई। पहले तो बहस हुई, फिर यह गाली-गलौज में बदल गई और अचानक आरोपितों ने खेताऊ को पीटना शुरू कर दिया। यह मामला दर्शाता है कि समाज में छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का स्तर कितना खतरनाक रूप ले चुका है।

6.मारपीट के बाद खेताऊ सहानी की हालत बिगड़ गई। उसी दिन उन्होंने थाने में प्रार्थना पत्र देकर घटना की शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन अगले दिन, यानी 27 अगस्त 2025 की भोर लगभग 4 बजे, जब परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज और पुलिस की कार्रवाई होती, तो खेताऊ की जान बचाई जा सकती थी।

7.  परिवार का कहना है कि खेताऊ ने थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि आरोपितों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होती और खेताऊ को सुरक्षा दी जाती, तो स्थिति इतनी भयावह नहीं होती।

8.घटना की जानकारी मिलते ही पिपराईच विधानसभा के पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के नेता अमरेन्द्र निषाद खेताऊ सहानी के घर पहुँचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, “यह केवल खेताऊ सहानी के परिवार का ही मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज का दर्द है। जब तक दोषियों को सज़ा नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।” अमरेन्द्र निषाद ने प्रशासन से तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की और आश्वासन दिया कि न्याय की इस लड़ाई में वे हर मोर्चे पर परिवार के साथ खड़े रहेंगे।

9. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। आसपास के गाँवों में लोग आक्रोशित हैं  सामाजिक संगठनों और निषाद समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आम आदमी अपनी ही दुकान पर सुरक्षित नहीं है, तो प्रशासन पर से विश्वास उठता जा रहा है।

10.घटना के बाद कई तरह की मांगें उठाई जा रही हैं: दोषियों पर सख़्त कानूनी कार्रवाई। परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवज़ा। । क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनात की जाये |

 

1. खेताऊ सहानी कौन थे?
खेताऊ सहानी गोरखपुर जनपद के पिपराईच थाना क्षेत्र के चिलबिलवा अगही टोला चौराहे पर चाय की दुकान चलाते थे। वे बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे और मेहनत से दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।

Q2. खेताऊ सहानी की मौत कब और कैसे हुई?
 26 अगस्त 2025 की शाम लगभग 4 बजे तीन युवकों ने चाय का पैसा मांगने पर खेताऊ सहानी से मारपीट की। अगले दिन यानी 27 अगस्त 2025 की भोर 4 बजे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।

Q3. मारपीट के आरोपी कौन हैं?
 इस मामले में तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं—

  • संदी/प राज/भर पुत्र गोर/ख राज/भर

  • प्रदी/प पुत्र स्व. सुदा/मा राज/भर

  • गो/लू चौ/हान

Q4. घटना का मूल कारण क्या था?
मूल कारण सिर्फ़ चाय का पैसा मांगना था। चाय पीने के बाद आरोपियों ने पैसे देने से इंकार कर दिया और बात इतनी बढ़ गई कि खेताऊ सहानी की बेरहमी से पिटाई कर दी गई।

Q5. खेताऊ सहानी की शिकायत पर पुलिस ने क्या किया?
खेताऊ सहानी ने उसी दिन थाने में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि पुलिस तत्काल कार्रवाई करती तो खेताऊ की जान बच सकती थी।

 

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) 

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