गोरखपुर महराजी गांव में खराब ट्रांसफॉर्मर बदला दुकानदारों ने नहीं पाई बड़ी राहत

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | गोरखपुर जनपद के थाना पिपराइच अंतर्गत ग्राम महराजी में पिछले कई दिनों से खराब पड़े ट्रांसफॉर्मर के कारण गांव व बाजार अंधेरे में डूबा हुआ था। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित महराजी चौराहा रहा, जहाँ के दुकानदारों का व्यापार ठप पड़ गया था। दुकानदारों – राकेश गुप्ता, मोहन निषाद, उपेन्द्र…

महराजी ट्रांसफॉर्मर बदलाव

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | गोरखपुर जनपद के थाना पिपराइच अंतर्गत ग्राम महराजी में पिछले कई दिनों से खराब पड़े ट्रांसफॉर्मर के कारण गांव व बाजार अंधेरे में डूबा हुआ था। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित महराजी चौराहा रहा, जहाँ के दुकानदारों का व्यापार ठप पड़ गया था। दुकानदारों – राकेश गुप्ता, मोहन निषाद, उपेन्द्र कुमार, दिनेश, राजू विश्वकर्मा, आकाश कुमार सहानी, रहीश, महेश यादव, बनवारी, विवेक निषाद, संजय गुप्ता और रामकेश्वर निषाद – ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने से कई दिनों से बिजली नहीं मिल पा रही थी। इससे दुकानदारी पर सीधा असर पड़ा और आय लगभग आधी हो गई है ।

ग्रामीणों और दुकानदारों की लगातार शिकायत के बाद अंततः बिजली विभाग हरकत में आया। रविवार को विभागीय कर्मचारियों की एक टीम गांव पहुँची और नया ट्रांसफॉर्मर लगाने का कार्य शुरू किया। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने भी पूरी ताकत से सहयोग किया। विभाग के कर्मचारियों में विशेष रूप से जोगिन्द्र, विश्वकर्मा का योगदान सराहनीय रहा। उनके साथ ग्रामीण व दुकानदार उपेन्द्र कुमार, महेश यादव, मुरली गौड़, गुड्डू गौड़, विवेक निषाद, शेषमणि सिंह (समाजसेवी) और अन्य ने मिलकर लगभग पाँच घंटे तक लगातार काम किया।

ट्रांसफॉर्मर बदलने के दौरान पूरे ग्राम महराजी की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। इस कारण ग्रामीणों को करीब पाँच घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। घरों में पंखे और कूलर बंद रहे, बच्चे गर्मी से बेहाल दिखे, और बुजुर्गों ने भी परेशानी झेली। लेकिन ग्रामीणों ने धैर्य बनाए रखा क्योंकि उन्हें पता था कि यह असुविधा कुछ घंटों की है और उसके बाद लंबे समय तक राहत मिलेगी। शाम होते-होते नया ट्रांसफॉर्मर सफलतापूर्वक लगाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। जैसे ही गांव की बत्तियाँ जलीं, ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी लौट आई। दुकानदारों ने कहा कि अब वे सामान्य रूप से अपनी दुकानदारी नहीं कर पाएंगे। समाजसेवी शेषमणि सिंह ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों और ग्रामीणों के सहयोग के बिना यह कार्य संभव नहीं था। उन्होंने सरकार से मांग की कि गांव में ऐसे खराब ट्रांसफॉर्मर को समय रहते बदला जाए ताकि व्यापार और आम जनता प्रभावित न हो। व्यापार प्रभावित है |

मुख्य बाजार के दुकानदारों ने भी अपनी-अपनी राय रखी। राकेश गुप्ता ने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने से दुकानें अंधेरे में है और ग्राहक नहीं आते थे। मोहन निषाद ने बताया कि बिजली न होने से गर्मी का सामना करना पड़ा । वहीं आकाश कुमार सहानी ने कहा कि बिजली कटौती से मोबाइल रिचार्ज और अन्य छोटे-छोटे काम बंद है। विवेक निषाद ने भी कहा कि ट्रांसफॉर्मर बदलना गांव और व्यापार के लिए बहुत जरूरी था। बिजली विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। विभागीय कर्मचारी विश्वकर्मा ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर बदलना आसान कार्य नहीं है, इसमें तकनीकी जोखिम और शारीरिक परिश्रम दोनों शामिल होते हैं। लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से यह काम समय से पूरा हो सका |गांव के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि यह घटना बताती है कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान भी जल्दी निकलता है। लोगों ने बिजली विभाग से अनुरोध किया कि आने वाले दिनों में पुराने ट्रांसफॉर्मर की समय-समय पर जाँच की जाए।

महराजी में ट्रांसफॉर्मर बदला – एक नज़र में


गोरखपुर जिले के थाना पिपराइच क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ग्राम महराजी बीते कई दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ था। गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। इससे न केवल ग्रामीण परेशान थे, बल्कि सबसे ज्यादा असर महराजी चौराहे के दुकानदारों पर पड़ा। खराब ट्रांसफॉर्मर की वजह से दुकानों की लाइटें बुझी रहीं, पंखे-कूलर बंद हो गए और ग्राहक भी आना कम कर दिए। दुकानदारों – राकेश गुप्ता, मोहन निषाद, उपेन्द्र कुमार, दिनेश, राजू विश्वकर्मा, आकाश सहानी, रहीश, महेश यादव, बनवारी, विवेक निषाद, संजय गुप्ता और रामकेश्वर निषाद – का कहना था कि रोज़ की बिक्री आधी हो चुकी थी और कई सामान खराब होने लगे थे। बिजली की समस्या से ग्रामीणों का जीवन भी कठिन हो गया था।

लगातार शिकायतों और दबाव के बाद अंततः बिजली विभाग ने पहल की। विभाग की टीम मौके पर पहुँची और नया ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम शुरू किया। यह कार्य आसान नहीं था क्योंकि पुराने ट्रांसफॉर्मर को हटाना और नए को स्थापित करना तकनीकी रूप से जटिल और मेहनत वाला कार्य था। इस काम में विभाग के कर्मचारी  विश्वकर्मा ने नेतृत्व किया। लेकिन यह सिर्फ विभाग की मेहनत से संभव नहीं था। स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया। उपेन्द्र कुमार, महेश यादव, मुरली गौड़, गुड्डू गौड़, विवेक निषाद और समाजसेवी शेषमणि सिंह ने करीब 5 घंटे की कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी में पूरी मेहनत से मदद की।

दिनभर की मेहनत रंग लाई और आखिरकार शाम तक नया ट्रांसफॉर्मर सफलतापूर्वक लगा दिया गया। इसके तुरंत बाद पूरे गांव  की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। जैसे ही बिजली आई, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। दुकानदारों की दुकानें रोशनी बाधित है | ग्राहकों की आवाजाही फिर से शुरू नहीं हुई है।ट्रांसफॉर्मर बदलने से महराजी चौराहे पर फिर से रौनक लौटने की उमीद है। दुकानदारों को व्यापार में राहत नहीं  मिली | ग्रामीणों ने चैन की सांस ली। समाजसेवी शेषमणि सिंह ने कहा कि यह कार्य दिखाता है कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान भी जल्दी हो जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ट्रांसफॉर्मर और बिजली उपकरणों की समय-समय पर जाँच की जाए ताकि ऐसी समस्या दोबारा न हो।

Q1. महराजी गांव में बिजली आपूर्ति क्यों बाधित हुई थी?
 महराजी गांव का मुख्य ट्रांसफॉर्मर कई दिनों से खराब था, जिसके कारण पूरे गांव और बाजार की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी।

Q2. ट्रांसफॉर्मर खराब होने से सबसे ज्यादा कौन प्रभावित हुआ?
 सबसे ज्यादा असर महराजी चौराहे के दुकानदारों पर पड़ा। उनकी दुकानें अंधेरे में रहीं और व्यापार लगभग आधा हो गया।

Q3. नया ट्रांसफॉर्मर लगाने का कार्य कब हुआ और कितने समय में पूरा हुआ?
रविवार को बिजली विभाग की टीम पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 5 घंटे में नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया।

Q4. ट्रांसफॉर्मर बदलने के दौरान गांववासियों को किन दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा?
करीब 5 घंटे तक बिजली कटौती रही। इस दौरान पंखे-कूलर बंद रहे, बच्चे और बुजुर्ग गर्मी से परेशान हुए।

Q5. इस कार्य में किसका विशेष योगदान रहा?
बिजली विभाग से जोगिन्द्र विश्वकर्मा ने नेतृत्व किया। साथ ही ग्रामीणों व दुकानदारों में उपेन्द्र कुमार, महेश यादव, मुरली गौड़, गुड्डू गौड़, विवेक निषाद और समाजसेवी शेषमणि सिंह ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) 

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