संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | गोरखपुर जनपद के थाना गुलरिया क्षेत्र में एक महिला ने अपने पाटीदारो पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसने थाना गुलरिया में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता अनुराधा देवी पत्नी संतोष सिंह, निवासी बरगदही नेता टोला, थाना गुलरिया, गोरखपुर ने बताया कि उनके पति गुजरात में रहकर काम करते हैं और वह अपने बच्चों के साथ ससुराल में रहती हैं। अनुराधा देवी का आरोप है कि 12 अगस्त 2025 की रात को उनके पाटीदार भूपें/द्र सिंह और शेष/मणि सिंह पुत्रगण बैज/नाथ सिंह उनके घर में जबरन घुस आए और घरेलू विवाद को लेकर झगड़ा करने लगे।
जब उन्होंने विरोध किया, तो भूपें/द्र सिंह ने धमकी दी अभी पेचकश पेट में मार दूंगा, मर जाएगी तो विवाद ही खत्म हो जाएगा। शेष/मणि सिंह ने भी गाली-गलौज करते हुए महिला को लात-घूंसों से पीटा।

पीड़िता का कहना है कि मारपीट के दौरान आरोपी उनके पति के लिए भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे और धमकी दी कि तुझे और तेरे पति को झूठे मुकदमे में फंसा देंगे और जेल भिजवा देंगे। कहानी मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगी।अनुराधा देवी ने तत्काल थाना गुलरिया में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों का मनोबल बढ़ गया है। पीड़िता ने बताया कि 14 .08. 2025 को शाम लगभग 7 बजे आरोपी फिर से उसके घर में घुस आए। इस बार उन्होंने गाली-गलौज करते हुए घर का सामान तोड़-फोड़ डाला। इतना ही नहीं, उन्होंने खुलेआम धमकी दी तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगी तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को जान से मारकर फेंक देंगे।
इस घटना के बाद अनुराधा देवी बेहद भयभीत हो गईं और उन्होंने SSP गोरखपुर को पत्र लिखकर जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
बॉक्स 1 : पीड़िता की शिकायत के मुख्य बिंदु (विस्तृत विवरण)
गोरखपुर जनपद के थाना गुलरिया क्षेत्र की निवासी अनुराधा देवी पत्नी संतोष सिंह अपने ही रिश्तेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि बीते कुछ दिनों में उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया, दो बार उनके घर में जबरन घुसपैठ कर हमला किया गया और हर बार उन्हें तथा उनके बच्चों को जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। अनुराधा देवी के अनुसार यह घटनाएँ न केवल उनकी निजी सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि पूरे परिवार को दहशत में जीने पर मजबूर कर रही हैं। उनकी शिकायत में निम्नलिखित बिंदु विस्तार से दर्ज हैं:
1. 12 अगस्त 2025 की रात घर में जबरन घुसपैठ और मारपीट
अनुराधा देवी का आरोप है कि 12 अगस्त 2025 की रात करीब 10 बजे उनके पाटीदार भूपें/द्र सिंह और शेष/मणि सिंह अचानक उनके घर में जबरन घुस आए। शुरुआत घरेलू विवाद से हुई, लेकिन मामला जल्द ही हिंसा में बदल गया। अनुराधा देवी बताती हैं कि जब उन्होंने आरोपियों की हरकतों का विरोध किया तो भूपें/द्र सिंह ने बेहद आपत्तिजनक और खतरनाक धमकी दी अभी पेचकश पेट में मार दूंगा, मर जाएगी तो विवाद ही खत्म हो जाएगा। इसके बाद शेष/मणि सिंह ने उन पर शारीरिक हमला किया, लात-घूंसों से पीटा और अशोभनीय गालियाँ दीं। इस अचानक हमले से पीड़िता बुरी तरह घबरा गईं और जान बचाने के लिए मदद के लिए पुकारने लगीं।

2. जान से मारने और झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी
पीड़िता का कहना है कि इस हमले के दौरान आरोपियों ने न केवल उन्हें मारा-पीटा बल्कि उनके पति को लेकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने धमकी दी तुझे और तेरे पति को झूठे मुकदमे में फँसा देंगे जेल भिजवा देंगे और तुम्हारी कहानी मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगी।अनुराधा देवी का पति गुजरात में रहकर रोज़गार करते है। इस वजह से महिला अपने ससुराल में बच्चों के साथ अकेले रहती हैं। ऐसे में इस तरह की धमकी ने उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से और भी असुरक्षित कर दिया।
3. पुलिस में शिकायत दर्ज, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई
अनुराधा देवी ने 12 अगस्त की घटना के बाद थाना गुलरिया में जाकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और कार्रवाई करने के बजाय केवल आश्वासन दिया।
पुलिस की यह निष्क्रियता आरोपियों के हौसले और बढ़ाने का काम कर गई। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते सख़्त कार्रवाई की गई होती तो शायद दूसरी घटना न होती।
4. 14 अगस्त 2025 फिर हमला और घर में तोड़फोड़
पीड़िता के अनुसार, 14 अगस्त 2025 को शाम लगभग 7 बजे वही आरोपी दोबारा उनके घर पर आ धमके। इस बार आरोपियों ने ज़ोर-ज़ोर से गाली-गलौज की, घर में घुसकर सामान को तोड़फोड़ डाला और परिवार को आतंकित किया। अनुराधा देवी का कहना है कि आरोपियों ने यह कहते हुए जान से मारने की सीधी धमकी दी तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगी, तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को जान से मारकर फेंक देंगे। इस हमले के बाद पूरा परिवार गहरी दहशत और भय के माहौल में जीने को मजबूर हो गया।
5. बच्चों समेत पूरे परिवार की जान को खतरा
अपनी शिकायत में अनुराधा देवी ने गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से सीधे गुहार लगाई है कि उनके और उनके बच्चों की जान को गंभीर खतरा है। उनका कहना है कि अकेले रहते हुए बार-बार आरोपियों की धमकियाँ सुनना और हिंसा का शिकार होना बेहद खतरनाक है। यदि पुलिस समय रहते हस्तक्षेप नहीं करती तो परिवार की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। अनुराधा देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके बच्चों की ज़िंदगी दांव पर है और पुलिस प्रशासन को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराते हुए आरोपियों पर सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रश्न 1: मामला कहाँ का है और पीड़िता कौन हैं?
उत्तर: यह मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के थाना गुलरिया क्षेत्र का है। पीड़िता का नाम अनुराधा देवी है, जो संतोष सिंह की पत्नी और बरगदही नेता टोला की निवासी हैं।
प्रश्न 2: घटना कब और कैसे हुई?
उत्तर: पहली घटना 12 अगस्त 2025 की रात हुई, जब पीड़िता के पाटीदार भूपें/द्र सिंह और शेष/मणि सिंह घर में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज करने लगे। दूसरी घटना 14 अगस्त 2025 को शाम लगभग 7 बजे हुई, जब आरोपियों ने दोबारा घर में घुसकर सामान तोड़फोड़ किया और जान से मारने की धमकी दी।
प्रश्न 3: पीड़िता के पति कहाँ रहते हैं?
उत्तर: पीड़िता का पति संतोष सिंह गुजरात में रहकर मजदूरी/रोजगार करते हैं। महिला अपने बच्चों के साथ ससुराल में रहती है।
प्रश्न 4: पीड़िता का आरोप पुलिस पर क्या है?
उत्तर: अनुराधा देवी का कहना है कि उन्होंने 12 अगस्त की घटना के बाद थाना गुलरिया में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए।
प्रश्न 5: दूसरी घटना के दौरान क्या हुआ?
उत्तर: 14 अगस्त 2025 को आरोपी दोबारा पीड़िता के घर पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज की, घर का सामान तोड़ा और खुलेआम धमकी दी कि तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगी, तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को जान से मारकर फेंक देंगे।
रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN)