प्रधानमंत्री मोदी ने बांसवाड़ा से 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली प्रोजेक्ट्स

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |  नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मां त्रिपुर सुंदरी और माही मां को नमन करते हुए जनता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “आज नवरात्रि के चौथे दिन शक्ति की धरती से भारत के बिजली क्षेत्र…

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |  नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मां त्रिपुर सुंदरी और माही मां को नमन करते हुए जनता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “आज नवरात्रि के चौथे दिन शक्ति की धरती से भारत के बिजली क्षेत्र में एक नया इतिहास लिखा जा रहा है।” प्रधानमंत्री ने एक ही दिन में राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज सौर ऊर्जा से लेकर परमाणु ऊर्जा तक बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है। बांसवाड़ा में राजस्थान एटोमिक पावर प्रोजेक्ट और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई। उन्होंने ज़ोर देकर कहा—“21वीं सदी में विकास की गाड़ी बिजली से ही दौड़ती है। बिजली है तो उजाला है, गति है, प्रगति है और दुनिया हमारे पास है।”

अपने संबोधन में मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “आजादी के 70 साल बाद भी 18 हज़ार गाँव ऐसे थे जहाँ बिजली का खंभा तक नहीं पहुँचा था। कांग्रेस ने बिजली के महत्व पर कभी ध्यान ही नहीं दिया।” उन्होंने 2014 के बाद से देशभर में ढाई करोड़ घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन और हर गाँव तक बिजली पहुंचाने का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के संदर्भ में शक्ति और साधना की चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान की धरती हमेशा शौर्य और ऊर्जा की प्रतीक रही है। महाराणा प्रताप, गोविंद गुरु और राजा बांसिया भील जैसे महानायकों के योगदान का स्मरण करते हुए उन्होंने आदिवासी समाज के उत्थान को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना से आम परिवारों और किसानों को मुफ्त व सस्ती बिजली उपलब्ध हो रही है। उन्होंने महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के किसानों से बातचीत का उल्लेख किया और कहा कि सौर ऊर्जा किसानों के लिए “बड़ा वरदान” बन रही है। प्रधानमंत्री ने राजस्थान में 30,000 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। इनमें पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। साथ ही उन्होंने तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और 15,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने राजस्थान को भ्रष्टाचार, पेपर-लीक और महिलाओं पर अत्याचार का केंद्र बना दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत की, अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाई और विकास परियोजनाओं में तेजी लायी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार ने पहली बार आदिवासी मंत्रालय बनाया और अब पीएम जनमन योजना तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से आदिवासी समाज को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। साथ ही वनधन योजना और एमएसपी बढ़ोतरी से वन उपज में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। मोदी ने विस्तार से बताया कि 2014 से पहले रोज़मर्रा के सामान पर कांग्रेस सरकार 31% तक टैक्स लेती थी, जबकि अब यह घटकर 5% रह गया है। उन्होंने कहा कि “आज देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है।” साबुन, शैंपू, जूते-चप्पल, बाइक और सीमेंट जैसे उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि आम उपभोक्ता को कैसे हजारों रुपये की बचत हो रही है। प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों के इस मौसम में स्वदेशी सामान ही खरीदें और दुकानदारों से भी कहा कि वे अपनी दुकानों पर बोर्ड लगाएं—“गर्व से कहो, ये स्वदेशी है।” उन्होंने कहा कि “स्वदेशी हमारे आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार है।

90,000 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांसवाड़ा से अपने संबोधन के दौरान देश के बिजली क्षेत्र को नई ऊर्जा देने वाले प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी। राजस्थान सहित मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में एक ही दिन में 90,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ। उन्होंने कहा कि यह देश की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मोदी ने बताया कि बिजली उत्पादन केवल उद्योगों और शहरों के लिए नहीं, बल्कि गांवों, किसानों और गरीब परिवारों की खुशहाली का आधार है। यह निवेश दिखाता है कि भारत तेज़ रफ्तार से बिजली आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और दुनिया के लिए एक मिसाल कायम कर रहा है।

राजस्थान में राजस्थान एटोमिक पावर प्रोजेक्ट और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट की नींव

राजस्थान को इस आयोजन में विशेष सौगातें मिलीं। प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा में राजस्थान एटोमिक पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया, जो आने वाले समय में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा का बड़ा स्रोत बनेगा। इसके साथ ही यहां सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन हुआ। मोदी ने कहा कि यह गौरव की बात है कि राजस्थान की धरती, जो सूर्य और रेगिस्तान के लिए जानी जाती है, अब सौर ऊर्जा की राजधानी भी बन रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “सौर ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा दोनों ही भारत को क्लीन एनर्जी का ग्लोबल लीडर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।”

 30,000 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन

बिजली प्रोजेक्ट्स के अलावा प्रधानमंत्री ने राजस्थान में 30,000 करोड़ रुपये की अन्य विकास योजनाओं की भी आधारशिला रखी। इनमें जलापूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मज़बूत करने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। मोदी ने कहा कि इन योजनाओं से दक्षिण राजस्थान के आदिवासी इलाकों में जीवन स्तर सुधरेगा और लोगों को आधुनिक सुविधाएं आसानी से मिलेंगी। इसके साथ ही उन्होंने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल है। इस पहल से राजस्थान के पर्यटन और उद्योग को नई गति मिलेगी।

15,000 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राजस्थान के 15,000 युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। उन्होंने युवाओं से कहा कि यह नियुक्ति पत्र सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि “देश के विकास में सीधा योगदान देने का अवसर” है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनका उत्साह और योगदान सबसे बड़ी ताकत है। मोदी ने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार लगातार युवाओं के लिए रोजगार अवसर पैदा करने में जुटी है, ताकि उन्हें बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भरता का रास्ता मिले।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना से किसानों को लाभ

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना से आम नागरिकों और किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत शहरों और गांवों में छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे घरों में मुफ्त बिजली मिल रही है। वहीं, पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को खेतों में सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मोदी ने कहा कि अब किसान अपने खेतों की सिंचाई सौर ऊर्जा से कर सकते हैं, जिससे उन्हें महंगी बिजली और डीजल के खर्च से छुटकारा मिल रहा है। यह योजनाएं किसानों को आत्मनिर्भर बना रही हैं और पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दे रही हैं।

जीएसटी सुधार से आम जनता को भारी बचत

अपने भाषण में मोदी ने जीएसटी बचत उत्सव पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले रोज़मर्रा की वस्तुओं पर टैक्स इतना अधिक था कि सौ रुपये की वस्तु 131 रुपये में मिलती थी। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह बोझ कम हुआ और हाल ही में हुए सुधारों से यह और भी सस्ता हो गया है। अब सौ रुपये की वस्तु पर सिर्फ 5 रुपये टैक्स देना पड़ता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जूते-चप्पल, साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, बाइक और सीमेंट जैसी वस्तुओं पर जनता को हजारों रुपये की बचत हो रही है। मोदी ने कहा कि यह बचत हर घर के बजट को आसान बना रही है और महिलाएं इसका सीधा असर महसूस कर रही हैं।

आदिवासी समाज के लिए पीएम जनमन योजना और वनधन योजना पर ज़ोर

प्रधानमंत्री ने आदिवासी समाज के विकास और सम्मान पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासी कल्याण के लिए अलग मंत्रालय बनाया और अब पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से अति पिछड़े आदिवासी समुदायों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। मोदी ने वनधन योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार ने वन उपज पर एमएसपी बढ़ाया है और आदिवासी उत्पादों को बाज़ार से जोड़ा है। परिणामस्वरूप आज वन उपज में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि “आदिवासी समाज का आत्मसम्मान हमारी प्राथमिकता है और उनकी संस्कृति की रक्षा करना हमारा संकल्प है।”

 त्योहारों में “स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर भारत बनाओ” का आह्वान

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का समापन जनता से स्वदेशी को अपनाने की अपील के साथ किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में लोग केवल स्वदेशी वस्तुएं ही खरीदें। मोदी ने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों पर बोर्ड लगाएं—“गर्व से कहो, यह स्वदेशी है।” उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है, देश में बनी वस्तुएं, चाहे ब्रांड विदेशी क्यों न हो। यदि वह भारत में बने तो वही सच्चा स्वदेशी है, क्योंकि उसमें हमारे नौजवानों की मेहनत और देश की मिट्टी की महक होती है। उन्होंने कहा कि “जब हम स्वदेशी खरीदते हैं, तो पैसा देश के ही कारीगर और किसान के पास जाता है और देश की प्रगति का आधार बनता है।

 

Source : PIB | रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN)

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