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लवर में संजय शर्मा ने मेरा युवा भारत योजना के तहत युवाओं को कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | अलवर जिले में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा युवाओं के लिए संचालित कई योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर…

संजय शर्मा

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) | अलवर जिले में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा युवाओं के लिए संचालित कई योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की प्रमुख योजना ‘मेरा युवा भारत’ का जिक्र करते हुए युवाओं को इसका हिस्सा बनने तथा इसे सफल बनाने की प्रेरणा दी। श्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन, विकास और अंतिम छोर के व्यक्ति को मुख्य धारा में लाने में सरकारी योजनाओं की भूमिका अहम है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं इन योजनाओं का लाभ उठाएं, बल्कि आम जन को भी इससे जोड़ने एवं लाभान्वित कराने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ जैसी पहलों ने जन-जन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल पौधारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि पौधों की देखभाल और संरक्षण करें। इसके अलावा, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने तथा इसके खिलाफ जनसामान्य में जागरूकता फैलाने का भी संकल्प लें।

श्री शर्मा ने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास में युवा देश की रीढ़ की हड्डी की तरह काम करते हैं। केंद्र एवं राज्य सरकारें युवाओं को नवाचार, इनोवेशन, और कौशल विकास के माध्यम से आगे बढ़ाने के निरंतर प्रयास कर रही हैं ताकि वे देश की प्रगति में सहभागी बन सकें। उन्होंने कहा कि युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के ‘मेरा युवा भारत’ विभाग का उद्देश्य युवाओं को देश निर्माण के कार्यों में भागीदार बनाना, कौशल प्रशिक्षण देना, रोजगार के अवसर प्रदान करना तथा वॉलंटियर गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए बजट में युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से कौशल विकास पर जोर दिया गया है। यह बजट युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे रोजगार के नए द्वार खोल सकेंगे। कार्यशाला के समापन पर वन राज्यमंत्री श्री संजय शर्मा ने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अलवर क्षेत्रीय कार्यालय में अपने दैनिक पौधारोपण के संकल्प के तहत पौधारोपण किया। इस मौके पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि पर्यावरण बचाना हमारी जिम्मेदारी है और इसके लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा करना भी आवश्यक है ताकि हमारा प्रदेश स्वच्छ और हरियाली से भरपूर रहे।

वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने अलवर में आयोजित युवा संवाद एवं केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने युवाओं को देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया। श्री शर्मा ने कहा कि सुशासन और विकास के लिए सरकारी योजनाएं आवश्यक हैं और युवाओं को इन योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग करना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए भी युवाओं से विशेष योगदान की अपेक्षा जताई। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ जैसे पर्यावरण संरक्षण अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जन-जन का अभियान बन चुका है। युवाओं को न केवल पौधारोपण करना चाहिए, बल्कि पौधों की देखभाल भी करनी चाहिए। राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को नवाचार और कौशल विकास के जरिए आगे बढ़ाने के प्रयास कर रही हैं। युवाओं के लिए माई भारत योजना रोजगार, स्किल ट्रेनिंग और वॉलंटियर गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने का माध्यम है।

अलवर जिले में आयोजित युवा संवाद कार्यशाला में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस कार्यशाला का आयोजन युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की प्रमुख योजना ‘मेरा युवा भारत’ के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य युवाओं को उनके कौशल विकास, रोजगार के अवसर प्रदान करने और देश के विकास में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। श्री शर्मा ने इस अवसर पर युवाओं को केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें सक्रिय रूप से इन योजनाओं से जुड़ने एवं समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ‘मेरा युवा भारत’ योजना युवाओं को देश निर्माण के कार्यों में भागीदार बनाने के साथ-साथ उन्हें कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के तहत युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिलते हैं, बल्कि उन्हें नवाचार और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया जाता है। इसके जरिए युवा देश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी श्री संजय शर्मा ने कई महत्वपूर्ण पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे प्रभावशाली प्रयास हैं, जिनके तहत जन-जन को पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इन अभियानों के माध्यम से न केवल बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है, बल्कि लोगों को पौधों की देखभाल और संरक्षण करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इससे राजस्थान में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। राज्य सरकार ने युवाओं की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा बजट पेश किया है, जो युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को विशेष प्राथमिकता देता है। इस बजट में युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम, उद्यमिता को प्रोत्साहन और तकनीकी शिक्षा पर फोकस किया गया है, ताकि वे आधुनिक दुनिया की मांगों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश के आर्थिक विकास में उनका योगदान बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।

अंततः, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री संजय शर्मा ने युवाओं से अपील की कि वे न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, बल्कि पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी आगे आएं। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने, पर्यावरण के प्रति जन जागरूकता फैलाने और पौधों की सही देखभाल करने की जिम्मेदारी युवाओं पर डाली। उनका मानना है कि युवा पीढ़ी ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए सबसे बड़ा योगदान दे सकती है। इस प्रकार, अलवर में आयोजित यह युवा संवाद कार्यशाला न केवल युवाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से परिचित कराने का माध्यम बनी, बल्कि युवाओं को समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने में भी सहायक साबित हुई। इसके माध्यम से युवाओं को देश के विकास में उनकी भूमिका का महत्व समझाया गया और उन्हें अपने कौशल व नवाचार के जरिए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

Source : PIB |  रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |

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