एसईसीएल ने 75 कर्मियों को विश्वकर्मा पुरस्कार 2025 से किया सम्मान बिलासपुर मुख्यालय में भव्य समारोह

एसईसीएल ने 75 कर्मियों को विश्वकर्मा पुरस्कार

संवादाताः कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) |  कोल इंडिया लिमिटेड की प्रमुख सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अपने मुख्यालय में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में एसईसीएल की खदानों और परिचालन क्षेत्रों से जुड़े 75 कोयला खनन कर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और अनुकरणीय योगदान के लिए ‘एसईसीएल विश्वकर्मा पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार एसईसीएल की ओर से पहली बार प्रदान किए गए, जिनका उद्देश्य खनन कार्यों, रखरखाव, पर्यवेक्षण और संबद्ध भूमिकाओं में कार्यरत कर्मियों के साहस, समर्पण और निष्ठा को पहचान देना है। समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहान ने की। इस अवसर पर एसईसीएल के कार्यकारी निदेशकगण, श्रमिक संघों के प्रतिनिधि, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरा आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर एसईसीएल द्वारा विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘विश्वकर्मा पुरस्कार’ की स्थापना करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल कर्मियों की मेहनत और समर्पण को पहचान देगा, बल्कि भावी पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री की उस दृष्टि का उल्लेख किया जिसमें ‘वोकल फॉर लोकल’, आत्मनिर्भर भारत और श्रम को सम्मान देने का विशेष महत्व है। कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता शपथ के साथ हुई, जिसे मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू ने उपस्थित जनसमूह को दिलाई। इसके साथ ही एसईसीएल मुख्यालय और इसके परिचालन क्षेत्रों में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025’ का शुभारंभ भी किया गया। समारोह में विशेष रूप से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधे भी रोपे गए, जिसमें गणमान्य व्यक्तियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

समारोह का एक विशेष आकर्षण रहा ‘एसईसीएल-17: विश्वकर्मा सेवा संकल्प’, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 10 परिचालन जिलों में एक दिवसीय अभियान के रूप में संचालित किया गया। इस अभियान के तहत नियमित और संविदा कर्मचारियों के लिए 17 कल्याणकारी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इनमें स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, सुरक्षा और सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता कार्यशालाएँ, वृक्षारोपण अभियान और नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे। यह पहल न केवल कर्मचारियों के कल्याण पर केंद्रित थी बल्कि स्थायी प्रथाओं और सामुदायिक विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। एसईसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहान ने कहा कि यह पुरस्कार समारोह खनिकों और कर्मचारियों की मेहनत को पहचान देने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि खनिक एसईसीएल की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा, कल्याण और सम्मान कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री दुहान ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में यह पुरस्कार परंपरा के रूप में स्थापित होगा और अधिक से अधिक कर्मियों को प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले 75 कर्मियों को बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की। सम्मानित किए गए कर्मियों में खदानों में कार्यरत मशीन ऑपरेटर, ड्रिलर, तकनीकी सहायक, सुरक्षा पर्यवेक्षक और रखरखाव कार्य से जुड़े कर्मचारी शामिल थे। कई सम्मानित कर्मियों ने भावुक होकर कहा कि उनके जीवन में यह दिन अविस्मरणीय रहेगा क्योंकि पहली बार उनके परिश्रम और साहस को इस प्रकार सार्वजनिक मान्यता मिली है। समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। आयोजन स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें कर्मचारियों के परिवारों ने भाग लिया। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल था। एसईसीएल प्रबंधन ने इस अवसर पर घोषणा की कि आने वाले समय में कर्मचारी कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्वों की दिशा में और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

स्वास्थ्य शिविर

एसईसीएल के “विश्वकर्मा सेवा संकल्प” अभियान के अंतर्गत विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में न केवल कर्मचारियों बल्कि उनके परिजनों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी लाभ उठाया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कर्मचारियों की नियमित जांच की, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए आवश्यक परामर्श दिया और प्राथमिक उपचार संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराईं। इस पहल ने कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व का बोध कराया और कार्यस्थल पर उनकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में योगदान दिया।

रक्तदान शिविर

समाजसेवा की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इनमें बड़ी संख्या में नियमित और संविदा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एकत्रित किया गया रक्त न केवल स्थानीय अस्पतालों में जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया गया बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों के लिए भी एक अमूल्य संसाधन साबित होगा। यह पहल सामुदायिक सहयोग और मानवीय मूल्यों के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सुरक्षा एवं सतर्कता जागरूकता

खनन उद्योग में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इसी क्रम में सुरक्षा एवं सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कर्मचारियों को खदानों में अपनाई जाने वाली सुरक्षा तकनीकों, आपातकालीन स्थितियों से निपटने की विधियों और सतर्कता से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मियों में अनुशासन, सावधानी और जिम्मेदारी की भावना को और प्रबल किया गया।

वित्तीय व डिजिटल साक्षरता

आधुनिक युग में वित्तीय और डिजिटल ज्ञान का महत्व अत्यधिक है। इस उद्देश्य से आयोजित कार्यशालाओं में कर्मचारियों को डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, साइबर सुरक्षा और निवेश के सुरक्षित साधनों की जानकारी दी गई। कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार डिजिटल तकनीक के उपयोग से वे अपने दैनिक लेन-देन को सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकते हैं। इस पहल ने उन्हें न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाया बल्कि भविष्य की वित्तीय स्थिरता की ओर भी मार्गदर्शन किया।

वृक्षारोपण अभियान

“एक पेड़ माँ के नाम” पहल के तहत वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर कर्मचारियों, अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। वृक्षारोपण अभियान ने यह संदेश दिया कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। यह पहल सतत विकास और कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में एक ठोस कदम है।

नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम

कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वस्थ और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विशेषज्ञों ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को इससे दूर रहने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। इस पहल ने कार्यस्थल और समाज दोनों में सकारात्मक वातावरण निर्मित करने में योगदान दिया।

खनन कार्यों में योगदान

एसईसीएल की खदानों में कार्यरत कर्मियों को उनके साहसिक और निरंतर प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। इन कर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में भी कार्य निष्पादन कर कंपनी को उच्च उत्पादन और सुरक्षा मानकों तक पहुँचाया। उनका योगदान न केवल खनन कार्यों की प्रगति में रहा बल्कि कंपनी की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साख बढ़ाने में भी अहम साबित हुआ।

रखरखाव और पर्यवेक्षण

सम्मानित किए गए कर्मचारियों में ऐसे कर्मी भी शामिल थे जो खदानों में मशीनों और उपकरणों के रखरखाव, नियमित निरीक्षण और सतत पर्यवेक्षण का कार्य करते हैं। उनके योगदान ने उत्पादन क्षमता को बनाए रखने और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह मान्यता उनकी विशेषज्ञता और परिश्रम का परिणाम है।

साहस और अनुकरणीय सेवा

कुछ कर्मचारियों को उनके अद्वितीय साहस और अनुकरणीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। ये वे लोग हैं जिन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेते हुए न केवल अपने सहकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि कंपनी की संपत्ति और उत्पादन को भी बचाया। उनकी निष्ठा और समर्पण भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

पहली बार प्रदान हुआ पुरस्कार

‘एसईसीएल विश्वकर्मा पुरस्कार’ का यह पहला संस्करण है, जिसे कंपनी ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य खनिकों और कर्मचारियों के योगदान को औपचारिक मान्यता देना है। भविष्य में यह पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रदान किया जाएगा और अधिक से अधिक कर्मियों को इसमें शामिल कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

Source : PIB | रिपोर्ट : कोटो न्यूज़ नेटवर्क (KNN) 

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